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दिल्ली में लापता दो नाबालिग बच्चों की सफल बरामदगी, परिवारों ने जताया आभार

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दिल्ली में लापता दो नाबालिग बच्चों की सफल बरामदगी, परिवारों ने जताया आभार

सारांश

दिल्ली पुलिस की मानव तस्करी विरोधी इकाई ने दो लापता नाबालिग बच्चों को बरामद कर उनके परिवारों को सौंपा। यह घटना सोशल मीडिया पर समय बिताने के कारण एक लड़की के घर छोड़ने से जुड़ी है। जानिए पूरी कहानी।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने दो नाबालिग बच्चों को सफलतापूर्वक बरामद किया।
परिवारों ने पुलिस का आभार व्यक्त किया।
सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग बच्चों की सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता है।

नई दिल्ली, 26 फरवरी (आईएएनस)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की मानव तस्करी विरोधी इकाई (AHTU) ने राजधानी के विभिन्न हिस्सों से दो लापता नाबालिग बच्चों को सही सलामत ढूंढ निकाला है। इन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया है, जिससे परिवार ने खुशी जाहिर की और दिल्ली पुलिस का धन्यवाद किया।

क्राइम ब्रांच के डीसीपी पंकज कुमार के अनुसार, एक 13 वर्षीय लड़की 24 नवंबर 2025 को लापता हुई थी, जिसकी रिपोर्ट गाजीपुर थाने में दर्ज की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे मानव तस्करी विरोधी इकाई को सौंपा गया।

एसीपी सुरेश कुमार की देखरेख में इंस्पेक्टर मुकेश कुमार और सब इंस्पेक्टर विशाल गुप्ता की टीम ने पहले पीड़िता के माता-पिता से जानकारी एकत्रित की और स्थानीय लोगों से पूछताछ की। सर्विलांस और पूछताछ के आधार पर, टीम ने पीड़िता को दिल्ली के पहाड़गंज इलाके से बरामद किया।

जांच में पता चला कि लड़की को उसके माता-पिता ने डांटा था क्योंकि वह अपने ज्यादातर समय सोशल मीडिया पर बिताती थी, जिसके बाद वह गुस्से में घर से निकल गई थी।

दूसरे मामले में, 16 वर्षीय लड़के के लापता होने की रिपोर्ट 24 फरवरी को रानहोला पुलिस थाने में दर्ज की गई थी। इस मामले में भी इंस्पेक्टर मनोज दहिया, हेड कांस्टेबल अजीत और कांस्टेबल अशोक कुमार की टीम ने पीड़ित के माता-पिता और दोस्तों से जानकारी इकट्ठी की। टीम ने सत्यापन के आधार पर उसे श्याम विहार, रानहोला, दिल्ली से खोज निकाला।

जांच में पता चला कि लड़का आठवीं कक्षा में पढ़ता है और उसके दो भाई और चार बहनें हैं। उसके पिता मजदूर हैं और माता गृहिणी हैं। वह 24 फरवरी को ट्यूशन पढ़ने गया था और उसके बाद एक सहपाठी के घर पर रुक गया था।

-आईएएनस

-ओपी/एबीएम

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भी दर्शाती है कि कैसे परिवारिक संवाद और देखभाल बच्चों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नाबालिगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में लापता बच्चों की संख्या में वृद्धि क्यों हो रही है?
यह मुख्यतः परिवारिक समस्याओं, सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग और बच्चों में गुस्से के कारण हो सकता है।
क्या पुलिस ने बच्चों को कैसे ढूंढा?
पुलिस ने माता-पिता और स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाई और सर्विलांस के माध्यम से बच्चों का पता लगाया।
राष्ट्र प्रेस
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