क्या दिल्ली में ऑपरेशन मिलाप के तहत नाबालिग लापता लड़की को सुरक्षित बरामद किया गया?
सारांश
Key Takeaways
- ऑपरेशन मिलाप के तहत लापता बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रयास किए जाते हैं।
- तकनीकी और जमीनी जानकारी का समन्वय महत्वपूर्ण है।
- पुलिस का तत्परता से कार्रवाई करना आवश्यक है।
- परिवारों की मानसिक स्थिति का ध्यान रखना जरूरी है।
- सामाजिक सहयोग से समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।
नई दिल्ली, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली क्राइम ब्रांच की एनआर-II टीम ने 'ऑपरेशन मिलाप' के तहत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, जिसमें 15 वर्षीय नाबालिग लापता लड़की को सुरक्षित रूप से खोज निकाला गया और उसे उसके परिवार से मिलाया गया।
यह लड़की दिल्ली के रामा विहार क्षेत्र से प्राप्त की गई, जिसे तेज़, समझदारीपूर्ण और समन्वित प्रयासों के माध्यम से खोजा गया।
सूत्रों के अनुसार, 12 जनवरी को थाना अमन विहार, दिल्ली में एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। लड़की 12 जनवरी से अपने घर से गायब थी। इस संबंध में बीएनएस के तहत थाना अमन विहार में मामला दर्ज किया गया। बेटी के अचानक लापता होने से परिवार गहरे सदमे और चिंता में था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली क्राइम ब्रांच ने तुरंत कार्रवाई की। क्राइम ब्रांच द्वारा लापता बच्चों और महिलाओं की खोज के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन मिलाप' के तहत इस मामले को प्राथमिकता दी गई। जांच के दौरान तकनीकी सर्विलांस, मोबाइल इनपुट्स और जमीनी स्तर पर खुफिया जानकारी को आपस में जोड़ते हुए जांच को आगे बढ़ाया गया।
इस पूरे ऑपरेशन में पुलिसकर्मी सीमा रानी की भूमिका बेहद सराहनीय रही। उन्होंने परिवारजनों, पड़ोसियों, दोस्तों और स्थानीय लोगों से गहन पूछताछ की। तकनीकी इनपुट को मैनुअल इंटेलिजेंस के साथ जोड़कर उन्होंने ठोस सुराग जुटाए और विशिष्ट जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए दिल्ली के रामा विहार से नाबालिग लड़की को सफलतापूर्वक बरामद कर लिया।
प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि लड़की बिना परिवार को बताए अपनी एक दोस्त के साथ आगरा, उत्तर प्रदेश चली गई थी। इसके बाद फोन पर समझाने के बाद वह रामा विहार वापस आ गई, जहां से उसे सुरक्षित ढूंढ लिया गया। बरामद लड़की की काउंसलिंग की गई और आगे की आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए उसे सुरक्षित रूप से थाना अमन विहार की स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। इसके लिए विशेष टीम का गठन किया गया था, जिसने समय रहते लड़की को बरामद कर लिया।