क्या बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की हत्या रुकने का नाम नहीं ले रही?

Click to start listening
क्या बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की हत्या रुकने का नाम नहीं ले रही?

सारांश

बांग्लादेश में चुनावों से पहले अल्पसंख्यकों की हत्या के मामले बढ़ते जा रहे हैं। गाजीपुर जिले में एक हिंदू व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या ने स्थानीय समुदाय में गुस्सा पैदा कर दिया है। क्या यह समस्या और बढ़ेगी?

Key Takeaways

  • बांग्लादेश में चुनावों से पहले अल्पसंख्यकों की हत्या की घटनाएं बढ़ी हैं।
  • स्थानीय समुदाय में गहरा आक्रोश है।
  • घटनाएं पुलिस द्वारा जांच की जा रही हैं।
  • हिंदू समुदाय के खिलाफ लक्षित हमलों की चिंता बढ़ी है।

ढाका, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश में चुनावों से पहले अल्पसंख्यकों की हत्या के मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। हाल के एक मामले में गाजीपुर जिले में एक हिंदू व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई है। इस घटना ने स्थानीय समुदाय में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।

बांग्लादेशी समाचार पत्र द डेली स्टार के अनुसार, पीड़ित की पहचान 55 वर्षीय लिटन चंद्र घोष के रूप में हुई है, जिन्हें काली के नाम से भी जाना जाता था। घोष की बारानगर रोड पर बैशाखी स्वीटमीट एंड होटल नाम की मिठाई की दुकान थी।

शनिवार सुबह जब झगड़ा हुआ, तब घोष अपनी दुकान पर मौजूद थे। पुलिस अधिकारियों और चश्मदीदों ने बताया कि घटना सुबह लगभग 11 बजे शुरू हुई, जब 28 वर्षीय मासूम मिया नाम का एक व्यक्ति मिठाई की दुकान पर आया। उसके दुकान के 17 वर्षीय स्टाफ अनंत दास के साथ एक छोटी सी बात पर बहस हो गई।

देखते ही देखते बहस मारपीट में बदल गई। झगड़े के तुरंत बाद, मासूम मिया के माता-पिता, मोहम्मद स्वपन मिया (55) और मजीदा खातून (45) मौके पर पहुंचे और मारपीट में शामिल हो गए।

तीनों ने मिलकर होटल स्टाफ पर हमला कर दिया, जिससे हालात और खराब हो गए। लिटन घोष ने अपने कर्मचारी अनंत दास को बचाने और हालात को शांत करने की कोशिश की।

इस दौरान उनके सिर पर फावड़े से वार किया गया, जिससे घोष की मौके पर ही मौत हो गई। हमले के बाद लोग मौके पर पहुंचे और उन्होंने आरोपी मासूम मिया, स्वपन मिया और मजीदा खातून को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

कालीगंज पुलिस स्टेशन के ऑफिसर-इन-चार्ज محمد जाकिर हुसैन ने द डेली स्टार से घटना की पुष्टि की और कहा कि तीनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया गया है। हत्या के संबंध में कानूनी कार्रवाई चल रही है और घटना से जुड़ी अधिक जानकारी का पता लगाने के लिए आगे की जांच की जा रही है।

लिटन घोष की हत्या ने स्थानीय समुदाय में गहरा गुस्सा पैदा किया है, क्योंकि इससे ठीक एक दिन पहले एक अन्य हिंदू व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी। पेट्रोल पंप पर काम करने वाले रिपन साहा को शुक्रवार को एक कार से कुचलकर मार दिया गया। रिपन ने गाड़ी को बिना फ्यूल का पेमेंट किए पेट्रोल पंप से निकलने से रोकने की कोशिश की थी।

बांग्लादेश में जिस तरह से रोजाना हिंदू मारे जा रहे हैं, इसने अल्पसंख्यकों के खिलाफ लक्षित हमलों के एक बड़े पैटर्न को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

Point of View

विशेषकर अल्पसंख्यकों के खिलाफ, चिंता का विषय है। यह समय है कि हम एकजुट होकर इस समस्या का समाधान निकालें।
NationPress
18/01/2026

Frequently Asked Questions

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा क्यों बढ़ रही है?
अल्पसंख्यकों के खिलाफ लक्षित हमलों के पीछे कई सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक कारण हैं।
क्या इस तरह की घटनाएं चुनावों से जुड़ी हैं?
हां, चुनावों के समय राजनीतिक तनाव और सामाजिक अस्थिरता बढ़ सकती है, जो इस तरह की हिंसा को जन्म देती है।
Nation Press