क्या तिमाही नतीजे, ट्रेड डील और आर्थिक आंकड़ों से बाजार का रुझान तय होगा?
सारांश
Key Takeaways
- अगले हफ्ते कई कंपनियों के नतीजे आएंगे।
- भारत-ईयू ट्रेड डील पर निगाहें रहेंगी।
- वैश्विक आर्थिक आंकड़ों का प्रभाव होगा।
- मिडकैप और स्मॉलकैप का प्रदर्शन बेहतर रहा है।
- निवेशकों को ताजा घटनाओं पर ध्यान देना चाहिए।
मुंबई, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला हफ्ता काफी महत्वपूर्ण सिद्ध होने वाला है। वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही के नतीजे, भारत-अमेरिका और भारत-ईयू ट्रेड डील पर अपडेट तथा वैश्विक आर्थिक आंकड़ों से बाजार की चाल निर्धारित होगी।
आगामी हफ्ते में बीएचईएल, सिएट, हैवेल्स, हिंदुस्तान जिंक, आईआरएफसी, पीएनबी, टाटा कैपिटल, एयूबैंक, डीसीएमश्रीराम, ईपैक, आईटीसीहोल्टस, एसआरएफ, टीबीजेड, विक्रम सोलर, बैंक ऑफ इंडिया, केईआई, केपीआईग्रीन, पीएनबीहाउसिंग, टाटा कम्युनिकेशन, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस, बंधनबैंक, डीएलएफ, बीपीसीएल, जेएसडब्ल्यू और एमसीएक्स जैसी कंपनियों के नतीजे जारी होंगे।
इसी प्रकार, भारत-यूरोपीय यूनियन (ईयू) ट्रेड डील पर भी बाजार की निगाहें रहने वाली हैं। यह इस महीने के अंत में हो सकती है। पिछले हफ्ते गुरुवार को वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि भारत और ईयू एफटीए पर बातचीत के अंतिम चरण में हैं और गणतंत्र दिवस परेड के एक दिन बाद, 27 जनवरी को होने वाली शीर्ष नेतृत्व की बैठक से पहले शेष मुद्दों को सुलझाने पर विचार कर रहे हैं।
उन्होंने आगे बताया कि भारत और ईयू के बीच हुए एफटीए के 24 चैप्टर्स में से 20 पर बातचीत को अंतिम रूप दे दिया गया है और बाकी मुद्दों को जल्दी सुलझाने की कोशिश की जा रही है।
यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और ईयू की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर 25 से 27 जनवरी तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे और 26 जनवरी को भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके बाद दोनों नेता अगले दिन भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की भारत-अमेरिका संबंधों पर सकारात्मक टिप्पणी के बाद, भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर सकारात्मक प्रगति होने की संभावना है।
वैश्विक स्तर पर, विशेषकर अमेरिका में आने वाले आर्थिक डेटा जैसे जीडीपी ग्रोथ, महंगाई और पीएमआई के आंकड़ों से बाजार की चाल प्रभावित होगी।
भारतीय शेयर बाजार में पिछले हफ्ते कारोबार स्पष्ट रहा है। सेंसेक्स 5.89 अंक या 0.01 प्रतिशत की मामूली कमजोरी के साथ 83,570.35 और निफ्टी 11.05 अंक या 0.04 प्रतिशत की तेजी के साथ 25,694.35 पर बंद हुआ।
लार्जकैप की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप का प्रदर्शन मजबूत रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 119.65 अंक या 0.20 प्रतिशत की तेजी के साथ 59,867.80 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 79.65 अंक या 0.46 प्रतिशत की तेजी के साथ 17,362.30 पर रहा।
12-16 जनवरी के बीच, निफ्टी पीएसयू बैंक 4.80 प्रतिशत, निफ्टी मेटल 4.55 प्रतिशत, निफ्टी आईटी 2.79 प्रतिशत, निफ्टी कमोडिटीज 2.71 प्रतिशत और निफ्टी पीएसई 1.42 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ।
निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 2.80 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी 2.40 प्रतिशत, निफ्टी फार्मा 2.39 प्रतिशत, निफ्टी हेल्थकेयर 1.93 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ।