क्या पंजाब के सीमावर्ती किसानों की समस्या हल हो गई है? कंटीले तारों को आगे बढ़ाने की मंजूरी मिली: कुलदीप सिंह धालीवाल

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क्या पंजाब के सीमावर्ती किसानों की समस्या हल हो गई है? कंटीले तारों को आगे बढ़ाने की मंजूरी मिली: कुलदीप सिंह धालीवाल

सारांश

सीमावर्ती किसानों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान अब संभव हो गया है। पंजाब के मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री के साथ मिलकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जानें इस फैसले से किसानों को मिलने वाली राहत के बारे में।

Key Takeaways

  • किसानों की समस्याएँ दशकों पुरानी हैं।
  • कंटीले तारों को आगे बढ़ाने से हजारों एकड़ भूमि मिलेगी।
  • सीमावर्ती क्षेत्रों में कृषि करना अब आसान होगा।

अमृतसर, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आम आदमी पार्टी (आप) के प्रवक्ता कुलदीप सिंह धालीवाल ने रविवार को मीडिया से बातचीत में जानकारी दी कि राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री से की गई मुलाकात में पंजाब से संबंधित कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दों पर गहन चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि इस चर्चा में सबसे मुख्य मुद्दा भारत–पाकिस्तान सीमा से सटे क्षेत्रों में निवास करने वाले किसानों की दशकों पुरानी समस्या रहा।

कुलदीप सिंह धालीवाल ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र के किसान पिछले तीन-चार दशकों से गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं। कंटीले तारों के पार स्थित भूमि पर खेती करने के लिए उन्हें कई प्रकार की पाबंदियों का सामना करना पड़ता है। खेतों में जाने और लौटने की अनुमति केवल निर्धारित समय पर दी जाती है। खेतों में जाते समय ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, ट्रॉली, कंबाइन मशीन सहित सभी कृषि उपकरणों की जांच की जाती है। यहां तक कि यदि किसान कोई नया कृषि उपकरण खरीदता है, तो उसकी भी जांच की जाती है।

उन्होंने आगे बताया कि केवल उपकरणों की ही नहीं, बल्कि किसानों की भी कड़ी तलाशी ली जाती है। उनके साथ काम करने वाले कृषि श्रमिक, चाहे वे पुरुष हों या महिलाएं, सभी की चेकिंग की जाती है। कंटीले तारों के पार ट्यूबवेल लगाने की अनुमति न होने के कारण कई अन्य समस्याओं के चलते खेती करना अत्यंत कठिन हो गया है। इन्हीं परेशानियों को ध्यान में रखते हुए सीमावर्ती किसान लंबे समय से मांग कर रहे थे कि या तो केंद्र सरकार उनकी भूमि अधिग्रहित कर उसका बाजार मूल्य प्रदान करे या फिर कंटीले तारों को सीमा के नजदीक से आगे बढ़ाकर उनकी भूमि उन्हें वापस दी जाए।

कुलदीप सिंह धालीवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया और केंद्रीय गृह मंत्री से बातचीत के बाद एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। भारत–पाकिस्तान सीमा पर कंटीले तार को 200 मीटर आगे बढ़ाने की मंजूरी मिल गई है। इस निर्णय से हजारों एकड़ भूमि किसानों को वापस मिल जाएगी।

उन्होंने आगे कहा कि यह निर्णय सीमावर्ती किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है और उनका वर्षों पुराना, गंभीर मुद्दा अब हल हो गया है।

Point of View

हमें यह स्वीकार करना चाहिए कि पंजाब के सीमावर्ती किसानों की समस्याएं गंभीर हैं। सरकार का यह निर्णय उनके लिए राहत का एक महत्वपूर्ण कदम है। हमें इस तरह के मुद्दों पर ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि सभी किसानों की आवाज सुनी जा सके।
NationPress
18/01/2026

Frequently Asked Questions

किसानों की समस्याएं क्या थीं?
किसानों को कंटीले तारों के पार खेती करने में कई पाबंदियों का सामना करना पड़ता था, जैसे समय की सीमाएँ और उपकरणों की जांच।
कंटीले तारों को आगे बढ़ाने का निर्णय क्यों लिया गया?
इससे किसानों को हजारों एकड़ भूमि वापस मिलेगी, जिससे उनकी कृषि गतिविधियाँ सुगम होंगी।
इस निर्णय से किसानों को क्या लाभ होगा?
किसानों को अधिक कृषि भूमि उपलब्ध होगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि संभव है।
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