क्या भारत-कनाडा नए अवसरों को खोलकर अपने संबंधों को मजबूत करेंगे? : पीयूष गोयल
सारांश
Key Takeaways
- भारत और कनाडा के बीच नए व्यापार अवसरों की खोज।
- व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर चर्चा।
- ब्रिटिश कोलंबिया का भारत के लिए महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार होना।
- दोनों देशों के बीच लगातार सहयोग बनाए रखने की आवश्यकता।
- कनाडा का भारत के साथ तकनीकी और जीवन विज्ञान में साझेदारी का बढ़ाना।
नई दिल्ली, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर डेविड एबी से मुलाकात की। इस बैठक में भारत और कनाडा के बीच रिश्तों को और मजबूत करने और नए अवसरों को खोलने पर चर्चा की गई।
पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि उनकी यह बैठक काफी सकारात्मक और उपयोगी रही।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य भारत-कनाडा के आर्थिक संबंधों को मजबूत करना, व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना और कई क्षेत्रों में मिलकर काम करने की संभावनाएं तलाशना था। इन क्षेत्रों में महत्वपूर्ण खनिज, मैन्युफैक्चरिंग, स्वच्छ ऊर्जा, तकनीक, शिक्षा, रक्षा और इनोवेशन शामिल हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच लगातार बातचीत और सहयोग बनाए रखना बहुत जरूरी है ताकि नए मौके मिल सकें और आपसी रिश्ते और गहरे हों।
गोयल जल्द ही एक बड़े व्यापार और निवेश प्रतिनिधिमंडल के साथ कनाडा का दौरा करेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार और कारोबारी रिश्तों को आगे बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि भारत और कनाडा के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर बातचीत शुरू करने का लक्ष्य भी है।
पिछले साल नवंबर में भारत और कनाडा ने यह सहमति जताई थी कि अगले वर्ष की शुरुआत में दोनों देशों के व्यापार और निवेश से जुड़े लोगों के साथ मंत्री स्तर की बैठकें की जाएंगी।
ब्रिटिश कोलंबिया, कनाडा, भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वर्ष 2024 में दोनों के बीच व्यापार 2.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो भारत को होने वाले कनाडा के कुल निर्यात का करीब 25 प्रतिशत है। इस प्रांत में करीब 12,000 तकनीकी कंपनियां हैं और यहां जीवन विज्ञान (लाइफ साइंस) क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है।
डेविड एबी ने हाल ही में बताया कि एशिया की एक व्यापारिक यात्रा के दौरान कई बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है, जिनमें एलएनजी फेज-2 प्रोजेक्ट भी शामिल है, जिस पर इस साल अंतिम निवेश फैसला लिया जा सकता है।
फिलहाल, भारत दुनिया के 14 देशों या समूहों के साथ व्यापार समझौतों पर बातचीत कर रहा है, जिनमें अमेरिका, यूरोपीय संघ, खाड़ी देश, न्यूजीलैंड, इजरायल, यूरेशिया, कनाडा, दक्षिण अफ्रीका और मर्कोसुर समूह शामिल हैं। ये सभी मिलकर करीब 50 देशों का प्रतिनिधित्व करते हैं।