क्या कांग्रेस ने भाई जगताप को कारण बताओ नोटिस जारी किया और वर्षा गायकवाड़ का इस्तीफा मांगा?
सारांश
Key Takeaways
- भाई जगताप को कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है।
- पार्टी अनुशासन का उल्लंघन एक गंभीर मुद्दा है।
- 7 दिन के भीतर जवाब देना अनिवार्य है।
- आंतरिक मतभेदों को सार्वजनिक रूप से उठाना अनुशासनहीनता है।
- कांग्रेस की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले बयानों का प्रभाव गंभीर हो सकता है।
मुंबई, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के सचिव यूबी वेंकटेश ने एमएलसी भाई जगताप को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन पर पार्टी के सीनियर पदाधिकारी के खिलाफ अनुशासन का उल्लंघन करते हुए सार्वजनिक रूप से बयान देने का आरोप लगाया गया है।
नोटिस में उल्लेख किया गया है कि भाई जगताप ने मीडिया और सार्वजनिक मंच पर मुंबई रीजनल कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ के इस्तीफे की मांग की है। यह बयान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए व्यापक रूप से फैलाया गया है। यह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के स्थापित नियमों, अनुशासन और नैतिकता का स्पष्ट उल्लंघन है।
नोटिस में कहा गया है कि संगठन के कामकाज और आंतरिक मतभेदों से जुड़े मामलों को पार्टी के आंतरिक फोरम में ही उठाया जाना चाहिए, न कि सार्वजनिक या मीडिया प्लेटफॉर्म पर। इस तरह का व्यवहार पार्टी की कलेक्टिव लीडरशिप को कमजोर करता है और पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाता है। यह भ्रम और अनुशासनहीनता को भी जन्म देता है, विशेषकर जब एकता और संगठनात्मक शक्ति की आवश्यकता होती है।
भाई जगताप को नोटिस प्राप्त होने के 7 (सात) दिनों के अंदर संतोषजनक उत्तर देने के लिए कहा गया है। साथ ही, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संविधान और नियमों के अनुसार, पार्टी अनुशासन और नैतिकता के उल्लंघन के लिए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की आवश्यकता पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
भाई जगताप को जारी किए गए नोटिस में कहा गया है कि यदि निर्धारित समय में संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया, तो पार्टी कार्रवाई करने के लिए मजबूर होगी।
महाराष्ट्र के मुंबई महानगरपालिका के चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद विवाद शुरू हो गया है। कांग्रेस एमएलसी भाई जगताप ने मुंबई कांग्रेस की अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ का इस्तीफा मांगा है। इसी के विरोध में कांग्रेस ने भाई जगताप को नोटिस भेजकर 7 दिन के भीतर जवाब मांगा है।