क्या हींग स्वाद और सेहत का साथी है?
सारांश
Key Takeaways
- हींग गैस और अपच जैसी समस्याओं में राहत देती है।
- यह मस्तिष्क के लिए एक टॉनिक का काम करती है।
- रक्त प्रवाह को बेहतर बनाकर यह दिल की सेहत को सुधारती है।
- इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण दर्द से राहत देते हैं।
- यह त्वचा की समस्याओं में भी सहायक होती है।
नई दिल्ली, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय रसोई में हींग एक अनिवार्य और महत्वपूर्ण मसाला है, जिसका उपयोग सामान्यतः दाल, सब्जी, अचार और तड़के के लिए किया जाता है। कई लोग इसे केवल स्वाद और सुगंध बढ़ाने के लिए मानते हैं, लेकिन आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा में इसे औषधीय गुणों से भरा हुआ माना गया है।
भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, हींग एक साधारण मसाला नहीं है, बल्कि यह कई बीमारियों से लड़ने और शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक हो सकता है। यह पाचन तंत्र को मज़बूत बनाता है और गैस, अपच, ब्लोटिंग, कब्ज और पेट दर्द जैसी समस्याओं से राहत प्रदान करता है। इसके अंदर मौजूद यौगिक पेट की मांसपेशियों को आराम देते हैं और पाचन एंजाइम्स के कार्य को बढ़ावा देते हैं। एक चुटकी हींग को गुनगुने पानी या दूध में मिलाकर पीने से पेट की कई समस्याएं दूर होती हैं।
हींग मस्तिष्क के लिए भी लाभकारी है। यह याददाश्त और एकाग्रता में सुधार करने में सहायक है। आयुर्वेद में इसे एक ब्रेन टॉनिक के रूप में प्रयोग किया जाता है, जो मानसिक थकान और तनाव को कम कर दिमाग को तेज बनाए रखता है। हींग में रक्त थिनिंग गुण होते हैं, जो रक्त वाहिकाओं को आराम देते हैं। यह उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने और दिल की सेहत को सुधारने में सहायक होता है। नियमित सेवन से रक्त प्रवाह बेहतर होता है और क्लॉटिंग का खतरा कम होता है।
हींग पाचन को सुधारकर वजन नियंत्रण में भी मदद करता है और अतिरिक्त कैलोरी को जमा होने से रोकता है। पेट दर्द, माइग्रेन या तनाव से जुड़े सिरदर्द में हींग अत्यंत प्रभावी है। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन को कम करते हैं और दर्द से राहत देते हैं। यह सर्दी-खांसी और बलगम से संबंधित समस्याओं में भी लाभकारी है। इसके एंटी-वायरल और एंटी-बैक्टीरियल गुण सांस की नलियों को साफ करते हैं और कफ को निकालने में मदद करते हैं। हींग त्वचा के संक्रमण, फोड़े-फुंसी और चर्म रोगों में राहत प्रदान करती है। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण घाव भरने में सहायक होते हैं। हींग शरीर के मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाकर हृदय रोगों के जोखिम को कम करती है।
भारतीय रसोई का यह छोटा सा मसाला न केवल स्वाद बढ़ाता है, बल्कि रोजमर्रा की सेहत के लिए भी अमूल्य है। फिर भी, हींग का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। अधिक मात्रा से सिरदर्द हो सकता है। गर्भवती महिलाओं और बच्चों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही इसे इस्तेमाल करना चाहिए।