इंडिगो की लंदन-मुंबई फ्लाइट 10 मार्च को मिडिल ईस्ट संकट के बाद फिर से उड़ान भरेगी
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत की प्रमुख बजट एयरलाइन इंडिगो, जो अपनी किफायती दरों के लिए जानी जाती है, 8 मार्च को मिडिल ईस्ट संकट के चलते मुंबई से लंदन की उड़ान को पूरा नहीं कर पाई। अब, यह उड़ान 10 मार्च को अपनी यात्रा को फिर से शुरू करेगी। यह फ्लाइट क्रू द्वारा निर्धारित अनिवार्य विश्राम के बाद उड़ान भरेगी।
मामले से जुड़े स्रोतों के अनुसार, इस रुकावट के कारण प्रभावित यात्रियों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। यात्रियों की सहायता के लिए होटल में ठहरने की व्यवस्था और वीजा का प्रबंध किया गया है।
यह स्थिति तब उत्पन्न हुई है जब ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध की वजह से मिडिल ईस्ट के कुछ क्षेत्रों में एयरस्पेस पर पाबंदियों का असर पड़ा है, जिससे कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में बाधा आई है।
इससे पहले, नई दिल्ली से मैनचेस्टर जा रही इंडिगो की उड़ान को भी अचानक एयरस्पेस पाबंदियों के कारण लगभग सात घंटे हवा में रहने के बाद लौटना पड़ा था।
एयरलाइन के अनुसार, दिल्ली और मैनचेस्टर के बीच उड़ान 6ई033, वेस्ट एशिया में बदलते हालात के चलते आखिरी समय में एयरस्पेस पाबंदियों के कारण वापस लौट गई थी।
एयरलाइन ने यह भी नोट किया कि मौजूदा हालात के कारण कुछ उड़ानें लंबे रास्ते ले सकती हैं या उनका मार्ग बदल सकता है।
इसने आगे कहा कि यात्रियों, क्रू और विमान की सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है।
फ्लाइट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म फ्लाइटरेडार24 ने पहले सोशल मीडिया पर इस घटना को उजागर किया था, जिसमें देखा गया कि विमान ने अपना मार्ग बदला और भारत की ओर लौटते हुए दिखा।
प्लेटफॉर्म ने यह भी बताया कि दिल्ली लौटने से पहले विमान ने इथियोपिया और इरिट्रिया की सीमा के पास यू-टर्न लिया था।
इस रुकावट का प्रभाव निवेशक भावना पर भी पड़ा। इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के शेयर सोमवार को बीएसई पर लगभग 4 प्रतिशत गिरकर ₹4,236 पर बंद हुए। इससे पहले के सत्र में स्टॉक 8.37 प्रतिशत तक गिर गया था।
विश्लेषकों ने कहा कि युद्ध के बीच कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण एविएशन स्टॉक पर दबाव है।
कई बड़े उत्पादकों द्वारा उत्पादन में कमी और तनाव के कारण होर्मुज स्ट्रेट से शिपिंग में रुकावट आने के चलते तेल की कीमतें कुछ समय के लिए $110 प्रति बैरल के करीब पहुँच गई थीं।