क्या वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर एआई तस्वीरों और गुमराह करने वाले दावों पर कार्रवाई हुई?

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क्या वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर एआई तस्वीरों और गुमराह करने वाले दावों पर कार्रवाई हुई?

सारांश

वाराणसी में मणिकर्णिका घाट पर एआई-जनरेटेड तस्वीरों और गुमराह करने वाले दावों के चलते 8 एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस ने इस मामले में सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। क्या यह कार्यवाही सही है?

Key Takeaways

  • मणिकर्णिका घाट पर 8 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
  • सोशल मीडिया पर गुमराह करने वाली जानकारी का प्रसार हुआ।
  • पुलिस ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

वाराणसी, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में मणिकर्णिका घाट पर चल रहे रीडेवलपमेंट कार्य से संबंधित कथित एआई-जनरेटेड तस्वीरों और गुमराह करने वाले दावों के सोशल मीडिया पर प्रसार के बाद कुल 8 एफआईआर दर्ज की गई हैं। यह जानकारी पुलिस अधिकारियों ने दी।

ये मामले तब दर्ज किए गए जब मनगढ़ंत वीडियो और पोस्ट ऑनलाइन प्रसारित होने लगे और उन्हें काफी आलोचना का सामना करना पड़ा।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एफआईआर में 8 व्यक्तियों के अलावा कुछ एक्स हैंडल को भी निशाना बनाया गया है, जिन पर मणिकर्णिका घाट पर चल रहे सौंदर्यीकरण कार्य के बारे में झूठी जानकारी फैलाने का आरोप है।

पुलिस के अनुसार, मणिकर्णिका घाट पर चल रहे रीडेवलपमेंट परियोजना के तथ्यों के विपरीत मनगढ़ंत तस्वीरें और गुमराह करने वाला सामग्री सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया गया था। अधिकारियों ने आरोप लगाया कि कुछ तस्वीरों में हिंदू देवी-देवताओं को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया था, जिसका उद्देश्य धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना, गलत जानकारी फैलाना, जनमानस में गुस्सा उत्पन्न करना और सामाजिक सद्भाव को बाधित करना था।

समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए एसीपी अतुल अंजन ने कहा कि मणिकर्णिका घाट पर चल रहे कार्य से संबंधित कई गुमराह करने वाली पोस्ट और तस्वीरें सर्कुलेट की गई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में सोशल मीडिया पर ऐसा कंटेंट साझा करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि एफआईआर में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी से जुड़े नेताओं के नाम शामिल हैं।

इस संबंध में चौक पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई थी।

शिकायतकर्ता ने बताया कि उनकी कंपनी 15 नवंबर, 2025 से श्मशान से संबंधित सुविधाओं को बेहतर बनाने और मणिकर्णिका घाट को सुंदर बनाने का कार्य कर रही है। शिकायत के अनुसार, एक एक्स यूजर ने 16 जनवरी की रात को एआई-जनरेटेड और गुमराह करने वाली तस्वीरें साझा कीं।

आरोप है कि इन पोस्ट में रीडेवलपमेंट परियोजना के बारे में गलत तथ्य पेश किए गए, जिससे हिंदू धर्म के भक्तों को गुमराह किया गया और समाज में तनाव बढ़ा। पुलिस ने बताया कि इन पोस्ट पर बड़ी संख्या में आपत्तिजनक टिप्पणियाँ और रीपोस्ट आए, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

यह विवाद उस समय उभरा है जब ऐतिहासिक श्मशान घाट पर रीडेवलपमेंट का कार्य चल रहा है, एक ऐसा प्रोजेक्ट जिसका कुछ निवासियों ने पहले ही विरोध किया है और उन्होंने क्षेत्र की विरासत को संभावित नुकसान के प्रति चिंता व्यक्त की है।

Point of View

और इस पर विचार-विमर्श आवश्यक है। हमें सच्चाई को प्राथमिकता देनी चाहिए और समाज में शांति बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए।
NationPress
18/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या वाराणसी में एआई-जनरेटेड तस्वीरों के खिलाफ कार्रवाई की गई है?
हाँ, मणिकर्णिका घाट पर एआई-जनरेटेड तस्वीरों और गुमराह करने वाले दावों के खिलाफ 8 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
पुलिस ने इन तस्वीरों के संदर्भ में क्या कहा है?
पुलिस ने कहा है कि कुछ तस्वीरों में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का प्रयास किया गया है।
क्या सोशल मीडिया पर ऐसी पोस्ट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी?
हाँ, पुलिस ने चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसे कंटेंट साझा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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