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उधमपुर में 8 वर्षीय बच्ची का अपहरण: 2 घंटे में पुलिस ने बचाया, तीन गिरफ्तार

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उधमपुर में 8 वर्षीय बच्ची का अपहरण: 2 घंटे में पुलिस ने बचाया, तीन गिरफ्तार

सारांश

उधमपुर में स्कूल जाते समय अगवा की गई 8 वर्षीय श्वांशी देवी को पुलिस ने मात्र दो घंटे में सुरक्षित बचा लिया। तीन आरोपी गिरफ्तार — जिनमें हिमाचल प्रदेश का निवासी भी शामिल — अपहरण का मकसद और आपराधिक रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।

मुख्य बातें

उधमपुर में 25 मई को स्कूल जाते समय 8 वर्षीय श्वांशी देवी का अपहरण किया गया।
एसएचओ इंस्पेक्टर परषोत्तम शर्मा के नेतृत्व में पुलिस ने मात्र 2 घंटे में बच्ची को खून-बट्टल स्थान पर सुरक्षित बचाया।
गंजा सिंह (रामबन), रीता देवी , और दीप राम (सोलन, हिमाचल प्रदेश) — तीन आरोपी गिरफ्तार।
अपहरण का मकसद और तीनों का आपराधिक रिकॉर्ड जाँच के दायरे में।
बेंगलुरु में भी 24 मई को लापता 3 वर्षीय बच्चे को 'होयसला-77' टीम ने 16 मिनट में बचाकर माता-पिता को सौंपा।

जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में 25 मई को स्कूल जाते समय अगवा की गई 8 वर्षीय श्वांशी देवी को पुलिस ने मात्र दो घंटे के भीतर सुरक्षित बचा लिया और अपहरण में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस स्टेशन रेहम्बल की टीम की इस त्वरित कार्रवाई ने परिवार को राहत दी और स्थानीय पुलिस की सतर्कता की सराहना हुई।

घटनाक्रम: कैसे हुआ अपहरण

टिकरी पंगेरी निवासी सिंदूर सिंह ने 25 मई को पुलिस स्टेशन रेहम्बल में शिकायत दर्ज कराई कि उनकी 8 वर्षीय बेटी श्वांशी देवी को स्कूल जाते समय कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने अगवा कर लिया। शिकायत दर्ज होते ही पुलिस टीम ने तत्काल तलाशी अभियान शुरू कर दिया।

पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का नेतृत्व एसएचओ इंस्पेक्टर परषोत्तम शर्मा ने किया। टीम ने संदिग्ध वाहन की पहचान करते हुए पंजीकरण संख्या एचपी64ए-9928 वाली गाड़ी को खून-बट्टल नामक स्थान पर रोका और बच्ची को सकुशल बरामद किया।

तीन आरोपी गिरफ्तार, जाँच जारी

पुलिस ने इस मामले में गंजा सिंह (निवासी रामबन), रीता देवी, और दीप राम (निवासी सोलन, हिमाचल प्रदेश) को गिरफ्तार किया है। तीनों से पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार अपहरण के पीछे के मकसद की जाँच की जा रही है और तीनों के आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।

गौरतलब है कि आरोपियों में से एक हिमाचल प्रदेश का निवासी है, जो इस मामले को अंतर-राज्यीय आयाम देता है और जाँच को व्यापक बनाता है।

परिवार ने जताया पुलिस का आभार

बच्ची के सकुशल मिलने पर परिवार में राहत और खुशी लौट आई। परिवार के सदस्यों ने पुलिस स्टेशन रेहम्बल की टीम और वरिष्ठ अधिकारियों का विशेष आभार व्यक्त किया। यह ऐसे समय में आया है जब बच्चों के अपहरण के मामलों में पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया को लेकर अक्सर सवाल उठते हैं।

बेंगलुरु में भी 3 वर्षीय बच्चे को बचाया गया

इसी बीच, बेंगलुरु में 24 मई को शाम करीब 6:02 बजे एक 3 वर्षीय बच्चे के लापता होने की सूचना 'नम्मा 112' इमरजेंसी हेल्पलाइन पर दी गई। एक ट्रैवल ऑफिस के प्रतिनिधि ने बताया कि बच्चा अपने माता-पिता के साथ यात्रा के दौरान ऑफिस परिसर के पास से लापता हो गया।

'नम्मा 112' कंट्रोल रूम ने तुरंत उप्परपेट पुलिस स्टेशन से जुड़ी 'होयसला-77' गश्ती इकाई को सूचित किया। सूचना मिलने के मात्र 16 मिनट के भीतर पुलिसकर्मी मौके पर पहुँचे, गहन तलाशी चलाई और बच्चे को सुरक्षित उसके माता-पिता को सौंप दिया।

क्या होगा आगे

उधमपुर मामले में पुलिस तीनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास और अपहरण के मकसद की गहन जाँच कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतर-राज्यीय कनेक्शन को देखते हुए यह मामला संगठित अपराध से जुड़ा हो सकता है, हालाँकि पुलिस ने अभी तक इस पर आधिकारिक बयान नहीं दिया है। दोनों मामले पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का उदाहरण हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह निश्चित रूप से उत्साहजनक है। लेकिन उधमपुर मामले में अंतर-राज्यीय कनेक्शन — हिमाचल प्रदेश के सोलन से आरोपी — यह सवाल उठाता है कि क्या यह अकेली घटना है या किसी बड़े नेटवर्क की कड़ी। अपहरण के मकसद का खुलासा न होना चिंताजनक है; जब तक जाँच पूरी नहीं होती, इस मामले को महज 'सफल बचाव' तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल मार्गों पर निगरानी और सामुदायिक सतर्कता की व्यवस्थागत ज़रूरत इन घटनाओं से एक बार फिर रेखांकित होती है।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उधमपुर में 8 वर्षीय बच्ची का अपहरण कब और कैसे हुआ?
25 मई को टिकरी पंगेरी निवासी श्वांशी देवी को स्कूल जाते समय कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने अगवा कर लिया। उसके पिता सिंदूर सिंह ने पुलिस स्टेशन रेहम्बल में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत तलाशी अभियान शुरू किया।
पुलिस ने बच्ची को कहाँ और कैसे बचाया?
एसएचओ इंस्पेक्टर परषोत्तम शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने संदिग्ध वाहन (पंजीकरण संख्या एचपी64ए-9928) को खून-बट्टल नामक स्थान पर रोका और बच्ची को सुरक्षित बरामद किया। यह पूरी कार्रवाई शिकायत दर्ज होने के मात्र दो घंटे के भीतर पूरी हुई।
उधमपुर अपहरण में कौन-से आरोपी गिरफ्तार हुए?
पुलिस ने गंजा सिंह (निवासी रामबन), रीता देवी, और दीप राम (निवासी सोलन, हिमाचल प्रदेश) को गिरफ्तार किया है। तीनों से पूछताछ जारी है और उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जाँच की जा रही है।
अपहरण के पीछे क्या मकसद था?
अधिकारियों के अनुसार अपहरण का मकसद अभी स्पष्ट नहीं है और जाँच जारी है। तीनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास को खंगाला जा रहा है। हिमाचल प्रदेश से आरोपी के जुड़े होने के कारण अंतर-राज्यीय कोण की भी जाँच हो रही है।
बेंगलुरु में 3 वर्षीय बच्चे को कैसे बचाया गया?
24 मई को शाम 6:02 बजे 'नम्मा 112' हेल्पलाइन पर सूचना मिलने के 16 मिनट के भीतर 'होयसला-77' गश्ती इकाई मौके पर पहुँची और बच्चे को सुरक्षित उसके माता-पिता को सौंप दिया। बच्चा एक ट्रैवल ऑफिस परिसर के पास से लापता हुआ था।
राष्ट्र प्रेस
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