उधमपुर में 8 वर्षीय बच्ची का अपहरण: 2 घंटे में पुलिस ने बचाया, तीन गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में 25 मई को स्कूल जाते समय अगवा की गई 8 वर्षीय श्वांशी देवी को पुलिस ने मात्र दो घंटे के भीतर सुरक्षित बचा लिया और अपहरण में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस स्टेशन रेहम्बल की टीम की इस त्वरित कार्रवाई ने परिवार को राहत दी और स्थानीय पुलिस की सतर्कता की सराहना हुई।
घटनाक्रम: कैसे हुआ अपहरण
टिकरी पंगेरी निवासी सिंदूर सिंह ने 25 मई को पुलिस स्टेशन रेहम्बल में शिकायत दर्ज कराई कि उनकी 8 वर्षीय बेटी श्वांशी देवी को स्कूल जाते समय कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने अगवा कर लिया। शिकायत दर्ज होते ही पुलिस टीम ने तत्काल तलाशी अभियान शुरू कर दिया।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का नेतृत्व एसएचओ इंस्पेक्टर परषोत्तम शर्मा ने किया। टीम ने संदिग्ध वाहन की पहचान करते हुए पंजीकरण संख्या एचपी64ए-9928 वाली गाड़ी को खून-बट्टल नामक स्थान पर रोका और बच्ची को सकुशल बरामद किया।
तीन आरोपी गिरफ्तार, जाँच जारी
पुलिस ने इस मामले में गंजा सिंह (निवासी रामबन), रीता देवी, और दीप राम (निवासी सोलन, हिमाचल प्रदेश) को गिरफ्तार किया है। तीनों से पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार अपहरण के पीछे के मकसद की जाँच की जा रही है और तीनों के आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।
गौरतलब है कि आरोपियों में से एक हिमाचल प्रदेश का निवासी है, जो इस मामले को अंतर-राज्यीय आयाम देता है और जाँच को व्यापक बनाता है।
परिवार ने जताया पुलिस का आभार
बच्ची के सकुशल मिलने पर परिवार में राहत और खुशी लौट आई। परिवार के सदस्यों ने पुलिस स्टेशन रेहम्बल की टीम और वरिष्ठ अधिकारियों का विशेष आभार व्यक्त किया। यह ऐसे समय में आया है जब बच्चों के अपहरण के मामलों में पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया को लेकर अक्सर सवाल उठते हैं।
बेंगलुरु में भी 3 वर्षीय बच्चे को बचाया गया
इसी बीच, बेंगलुरु में 24 मई को शाम करीब 6:02 बजे एक 3 वर्षीय बच्चे के लापता होने की सूचना 'नम्मा 112' इमरजेंसी हेल्पलाइन पर दी गई। एक ट्रैवल ऑफिस के प्रतिनिधि ने बताया कि बच्चा अपने माता-पिता के साथ यात्रा के दौरान ऑफिस परिसर के पास से लापता हो गया।
'नम्मा 112' कंट्रोल रूम ने तुरंत उप्परपेट पुलिस स्टेशन से जुड़ी 'होयसला-77' गश्ती इकाई को सूचित किया। सूचना मिलने के मात्र 16 मिनट के भीतर पुलिसकर्मी मौके पर पहुँचे, गहन तलाशी चलाई और बच्चे को सुरक्षित उसके माता-पिता को सौंप दिया।
क्या होगा आगे
उधमपुर मामले में पुलिस तीनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास और अपहरण के मकसद की गहन जाँच कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतर-राज्यीय कनेक्शन को देखते हुए यह मामला संगठित अपराध से जुड़ा हो सकता है, हालाँकि पुलिस ने अभी तक इस पर आधिकारिक बयान नहीं दिया है। दोनों मामले पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का उदाहरण हैं।