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IAMAI ने लॉन्च की ई-कॉमर्स काउंसिल ऑफ इंडिया, ₹1 लाख करोड़ से बड़े डिजिटल कॉमर्स सेक्टर को मिला साझा मंच

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IAMAI ने लॉन्च की ई-कॉमर्स काउंसिल ऑफ इंडिया, ₹1 लाख करोड़ से बड़े डिजिटल कॉमर्स सेक्टर को मिला साझा मंच

सारांश

भारत के 120 अरब डॉलर के डिजिटल कॉमर्स सेक्टर को पहली बार एक संगठित राष्ट्रीय आवाज़ मिली है। IAMAI की ECCI में Amazon से Meesho तक दर्जनों कंपनियाँ शामिल हुई हैं — और सालाना इंडियन ई-कॉमर्स समिट के ज़रिए यह मंच नीति निर्माण की दिशा तय करने की कोशिश करेगा।

मुख्य बातें

IAMAI ने 17 जुलाई 2025 को नई दिल्ली में ई-कॉमर्स काउंसिल ऑफ इंडिया (ECCI) लॉन्च की।
ECCI भारत के 120 अरब डॉलर के डिजिटल कॉमर्स सेक्टर के लिए अपनी तरह का पहला राष्ट्रीय उद्योग मंच है।
सदस्यों में Amazon, Flipkart, Swiggy, Meesho, MakeMyTrip, Uber, Rapido, Tata 1mg सहित दर्जनों प्रमुख कंपनियाँ शामिल हैं।
ECCI सर्विस ई-कॉमर्स, क्रॉस-बॉर्डर ट्रेड, लॉजिस्टिक्स, MSME पहुँच, AI कॉमर्स और डिजिटल पेमेंट्स जैसे क्षेत्रों पर काम करेगी।
हर वर्ष इंडियन ई-कॉमर्स समिट (IECS) आयोजित होगी, जिसमें सरकार, उद्योग और वैश्विक विशेषज्ञ शामिल होंगे।
IAMAI की स्थापना 2004 में हुई थी और इसके 800 से अधिक सदस्य हैं।

इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAMAI) ने 17 जुलाई 2025 को नई दिल्ली में ई-कॉमर्स काउंसिल ऑफ इंडिया (ECCI) का औपचारिक शुभारंभ किया — जो भारत के 120 अरब डॉलर के डिजिटल कॉमर्स इकोसिस्टम के लिए अपनी तरह का पहला राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म है। इसका उद्देश्य सरकार, उद्योग, स्टार्टअप्स और प्रमुख हितधारकों के बीच नीतिगत तालमेल बनाना और भारत के डिजिटल व्यापार को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है।

ECCI क्यों और कैसे बनी

IAMAI के अनुसार, भारत का डिजिटल कॉमर्स अब केवल ऑनलाइन खरीदारी तक सीमित नहीं रहा। इसमें ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस, मोबिलिटी प्लेटफॉर्म, ट्रैवल टेक, लॉजिस्टिक्स, सप्लाई चेन, डिजिटल पेमेंट्स, डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) ब्रांड, क्रॉस-बॉर्डर व्यापार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कॉमर्स जैसे विविध क्षेत्र शामिल हो चुके हैं। इस बहुआयामी इकोसिस्टम को एक संगठित नीतिगत आवाज़ देने की ज़रूरत से ही ECCI की परिकल्पना उभरी।

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार डिजिटल व्यापार नीति, डेटा संरक्षण और ई-कॉमर्स नियमन पर एक साथ कई मोर्चों पर काम कर रही है। उद्योग जगत को एक साझा मंच की कमी लंबे समय से खल रही थी।

प्रमुख सदस्य कंपनियाँ

ECCI में देश-विदेश की कई प्रमुख डिजिटल कंपनियाँ शामिल हुई हैं — Amazon, Flipkart, Swiggy, Eternal, IndiaMART, MakeMyTrip, ixigo, Uber, Rapido, Shiprocket, Transport Corporation of India Limited (TCIL), eBay, Meesho और Tata 1mg। इनके अतिरिक्त स्टार्टअप्स, MSME, लॉजिस्टिक्स कंपनियाँ, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर, टेक्नोलॉजी कंपनियाँ, निर्यातक, शिक्षण संस्थान और उद्योग विशेषज्ञ भी इस मंच का हिस्सा बनेंगे।

ECCI के कार्यक्षेत्र

काउंसिल कई अहम क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगी — सर्विस ई-कॉमर्स, प्रोडक्ट ई-कॉमर्स, क्रॉस-बॉर्डर डिजिटल ट्रेड, लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन, मोबिलिटी, MSME को बाज़ार तक पहुँच, ट्रैवल टेक, उपभोक्ता भरोसा, डिजिटल पेमेंट्स, ज़िम्मेदार डिजिटल कारोबार और AI-आधारित भविष्य की तकनीकें। इसका दीर्घकालिक लक्ष्य नीति निर्माण, शोध और उद्योग-सरकार संवाद को संस्थागत रूप देना है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

लॉन्च कार्यक्रम में प्रसिद्ध अर्थशास्त्री डॉ. लवीश भंडारी ने कहा कि भारत के ई-कॉमर्स सेक्टर की अगली विकास यात्रा केवल नई तकनीक और इनोवेशन पर नहीं, बल्कि उद्योग और सरकार के बीच बेहतर सहयोग पर निर्भर करेगी। उनके अनुसार, 'यदि उद्योग एकजुट होकर महत्वपूर्ण नीतिगत मुद्दों पर अपनी साझा राय रखेगा, तो सरकार अधिक प्रभावी नीतियाँ बना सकेगी — जिससे उपभोक्ताओं, विक्रेताओं और पूरी अर्थव्यवस्था को फायदा मिलेगा।'

IAMAI के अध्यक्ष डॉ. सुभो रे ने कहा कि डिजिटल कॉमर्स आज भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुका है और आने वाले समय में इसकी तेज़ व टिकाऊ वृद्धि के लिए सरकार-उद्योग के बीच निरंतर सहयोग अनिवार्य होगा। IAMAI की स्थापना 2004 में हुई थी और इसके अब 800 से अधिक सदस्य हैं।

आगे की योजना

ECCI की दीर्घकालिक रूपरेखा के तहत हर वर्ष इंडियन ई-कॉमर्स समिट (IECS) का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सरकार, उद्योग, शिक्षाविद और वैश्विक डिजिटल कॉमर्स विशेषज्ञ एक मंच पर आकर डिजिटल व्यापार के भविष्य पर विचार-विमर्श करेंगे। इस पहल का अंतिम लक्ष्य भारत को डिजिटल कॉमर्स और डिजिटल ट्रेड के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की स्थिति में स्थापित करना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा इसकी स्वतंत्रता में है — क्योंकि इसमें Amazon और Flipkart जैसी बड़ी विदेशी कंपनियाँ और Meesho जैसे घरेलू प्लेटफॉर्म एक साथ बैठेंगे, जिनके नीतिगत हित अक्सर टकराते हैं। यह मंच MSME और छोटे विक्रेताओं की आवाज़ को बड़े मार्केटप्लेस के प्रभाव से कितना बचा पाएगा, यह देखना होगा। भारत में ई-कॉमर्स नियमन की बहस वर्षों से अटकी है — ECCI इसे गति दे सकती है, बशर्ते यह लॉबिंग मंच बनने की बजाय वास्तविक नीति-सुधार का वाहक बने।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ई-कॉमर्स काउंसिल ऑफ इंडिया (ECCI) क्या है?
ECCI भारत के डिजिटल कॉमर्स सेक्टर के लिए IAMAI द्वारा स्थापित पहला राष्ट्रीय उद्योग मंच है, जिसे 17 जुलाई 2025 को नई दिल्ली में लॉन्च किया गया। इसका उद्देश्य सरकार, उद्योग, स्टार्टअप्स और हितधारकों के बीच नीतिगत सहयोग और शोध को बढ़ावा देना है।
ECCI में कौन-सी प्रमुख कंपनियाँ शामिल हैं?
ECCI में Amazon, Flipkart, Swiggy, Meesho, MakeMyTrip, ixigo, Uber, Rapido, Shiprocket, IndiaMART, eBay और Tata 1mg जैसी कंपनियाँ शामिल हैं। इसके अलावा MSME, लॉजिस्टिक्स कंपनियाँ, पेमेंट प्रोवाइडर और शिक्षण संस्थान भी इस मंच का हिस्सा बनेंगे।
ECCI किन क्षेत्रों पर काम करेगी?
ECCI सर्विस और प्रोडक्ट ई-कॉमर्स, क्रॉस-बॉर्डर डिजिटल ट्रेड, लॉजिस्टिक्स, मोबिलिटी, MSME की बाज़ार तक पहुँच, डिजिटल पेमेंट्स, उपभोक्ता भरोसा और AI-आधारित कॉमर्स जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगी।
इंडियन ई-कॉमर्स समिट (IECS) क्या होगी?
IECS एक वार्षिक आयोजन होगा जिसे ECCI हर वर्ष आयोजित करेगी। इसमें सरकार, उद्योग जगत, शिक्षाविद और वैश्विक डिजिटल कॉमर्स विशेषज्ञ एक मंच पर आकर भारत के डिजिटल व्यापार के भविष्य पर विचार-विमर्श करेंगे।
IAMAI कौन-सा संगठन है और इसकी भूमिका क्या है?
इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAMAI) एक गैर-लाभकारी उद्योग संगठन है जिसकी स्थापना 2004 में हुई थी। इसके 800 से अधिक सदस्य हैं और यह डिजिटल उद्योग के लिए अनुकूल नीतियाँ, उपभोक्ता सुरक्षा और डिजिटल अर्थव्यवस्था के विकास के लिए काम करता है।
राष्ट्र प्रेस
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