17 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ई-कॉमर्स काउंसिल ऑफ इंडिया लॉन्च: ₹10 लाख करोड़ के डिजिटल बाज़ार को मिला पहला राष्ट्रीय मंच

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ई-कॉमर्स काउंसिल ऑफ इंडिया लॉन्च: ₹10 लाख करोड़ के डिजिटल बाज़ार को मिला पहला राष्ट्रीय मंच

सारांश

भारत के 120 अरब डॉलर के डिजिटल कॉमर्स बाज़ार को अब एक साझा उद्योग मंच मिल गया है। IAMAI द्वारा स्थापित ECCI में Amazon से लेकर Meesho तक की दिग्गज कंपनियाँ शामिल हैं — और लक्ष्य है नीति, नवाचार और सरकार-उद्योग संवाद को एक छत के नीचे लाना।

मुख्य बातें

IAMAI ने 17 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में ई-कॉमर्स काउंसिल ऑफ इंडिया (ECCI) की शुरुआत की।
यह भारत के 120 अरब डॉलर के डिजिटल कॉमर्स इकोसिस्टम के लिए देश का पहला राष्ट्रीय उद्योग मंच है।
ECCI के सदस्यों में Amazon, Flipkart, Swiggy, Meesho, Uber, MakeMyTrip, Tata 1mg सहित 14 से अधिक प्रमुख कंपनियाँ शामिल हैं।
परिषद MSME डिजिटलीकरण, क्रॉस-बॉर्डर ट्रेड, AI कॉमर्स और उपभोक्ता विश्वास जैसे क्षेत्रों पर काम करेगी।
IAMAI के 800 से अधिक सदस्य हैं और संगठन की स्थापना 2004 में हुई थी।
ECCI वार्षिक 'इंडियन ई-कॉमर्स समिट' भी आयोजित करेगी।

इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAMAI) ने 17 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में ई-कॉमर्स काउंसिल ऑफ इंडिया (ECCI) की औपचारिक शुरुआत की — जो भारत के 120 अरब डॉलर (करीब ₹10 लाख करोड़) के डिजिटल कॉमर्स इकोसिस्टम के लिए देश का पहला समर्पित राष्ट्रीय उद्योग मंच है। यह परिषद सरकार, उद्योग जगत और प्रमुख हितधारकों के बीच नीतिगत संवाद, शोध और नवाचार को एक छत के नीचे लाने के उद्देश्य से स्थापित की गई है।

ECCI क्यों और कैसे बनी

IAMAI के अनुसार, भारत का डिजिटल कॉमर्स अब केवल ऑनलाइन खरीदारी तक सीमित नहीं रहा। इसमें ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस, मोबिलिटी, ट्रैवल टेक, लॉजिस्टिक्स, डिजिटल पेमेंट, डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) ब्रांड, क्रॉस-बॉर्डर ट्रेड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कॉमर्स जैसे विविध क्षेत्र समाहित हो चुके हैं। इस तेज़ी से बदलते परिदृश्य में एक एकीकृत नीति-संवाद मंच की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।

IAMAI की स्थापना 2004 में हुई थी और इसके अब 800 से अधिक सदस्य हैं — जिनमें भारतीय व बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ और स्टार्टअप शामिल हैं। ECCI इसी संगठन के नेतृत्व में एक विशेष उद्योग निकाय के रूप में काम करेगी।

कौन-सी कंपनियाँ हैं ECCI के साथ

परिषद के साथ देश और दुनिया की कई प्रमुख डिजिटल कंपनियाँ जुड़ी हैं। इनमें Amazon, Flipkart, Swiggy, Eternal, IndiaMart, MakeMyTrip, ixigo, Uber, Rapido, Shiprocket, Transport Corporation of India (TCIL), eBay, Meesho और Tata 1mg शामिल हैं। इन कंपनियों की भागीदारी ECCI को शुरू से ही व्यापक उद्योग प्रतिनिधित्व देती है।

विशेषज्ञों की राय

लॉन्च कार्यक्रम में मुख्य वक्ता और प्रसिद्ध अर्थशास्त्री डॉ. लवीश भंडारी ने कहा कि भारत के ई-कॉमर्स क्षेत्र की अगली विकास यात्रा केवल नवाचार से नहीं, बल्कि उद्योग के आपसी सहयोग से तय होगी। उन्होंने कहा, 'ई-कॉमर्स उद्योग को महत्वपूर्ण नीतिगत मुद्दों पर एक साझा आवाज़ के साथ सामने आना होगा। इससे बेहतर नीति निर्माण, नियामकीय स्पष्टता और ऐसा कारोबारी वातावरण तैयार होगा, जो उपभोक्ताओं, विक्रेताओं और पूरी अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी साबित होगा।'

IAMAI के अध्यक्ष डॉ. शुभो रे ने कहा, 'डिजिटल कॉमर्स कारोबार करने के तरीके, उपभोक्ताओं तक उत्पाद और सेवाएँ पहुँचाने तथा भारतीय कंपनियों को घरेलू और वैश्विक बाज़ारों से जोड़ने में बड़ी भूमिका निभा रहा है। इसकी अगली विकास यात्रा उद्योग और सरकार के बीच मज़बूत साझेदारी पर निर्भर करेगी — ECCI इसी उद्देश्य के साथ स्थापित किया गया है।'

ECCI किन क्षेत्रों पर करेगी काम

परिषद कई रणनीतिक क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगी: सर्विस और प्रोडक्ट ई-कॉमर्स, क्रॉस-बॉर्डर डिजिटल व्यापार, लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन, मोबिलिटी सेवाएँ, MSME का डिजिटल बाज़ार से एकीकरण, ट्रैवल टेक्नोलॉजी, उपभोक्ता विश्वास, डिजिटल भुगतान और जिम्मेदार कारोबार। इसके साथ ही AI व उभरती प्रौद्योगिकियों के संदर्भ में उद्योग-सरकार समन्वय भी इसके कार्यक्षेत्र में शामिल है।

आगे की योजना

ECCI ने अपने दीर्घकालिक रोडमैप के तहत वार्षिक 'इंडियन ई-कॉमर्स समिट' आयोजित करने की घोषणा की है, जिसमें सरकार, उद्योग, शिक्षाविद् और वैश्विक डिजिटल कॉमर्स विशेषज्ञ एक मंच पर आएँगे। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार डिजिटल व्यापार नीति और ई-कॉमर्स विनियमन के मसौदे पर सक्रिय रूप से काम कर रही है — ऐसे में ECCI का गठन उद्योग को नीति-निर्माण प्रक्रिया में संगठित आवाज़ देने का अवसर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि यह परिषद केवल एक लॉबिंग निकाय बनकर रह जाती है या वास्तव में नीति-निर्माण में उपभोक्ता और MSME हितों को भी उतनी ही प्राथमिकता देती है जितनी बड़ी कंपनियों को। गौरतलब है कि Amazon और Flipkart जैसी कंपनियाँ पहले से ही नियामकीय जाँच के दायरे में हैं — ऐसे में उनका इसी मंच पर नीति-संवाद में सक्रिय रहना हितों के टकराव का प्रश्न उठाता है। भारत की ई-कॉमर्स नीति अभी भी अधूरी है और MSME विक्रेताओं की शिकायतें लंबे समय से अनसुनी हैं — ECCI की विश्वसनीयता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह इन आवाज़ों को कितनी जगह देती है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ई-कॉमर्स काउंसिल ऑफ इंडिया (ECCI) क्या है?
ECCI भारत का पहला राष्ट्रीय डिजिटल कॉमर्स उद्योग मंच है, जिसे IAMAI ने 17 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में लॉन्च किया। यह सरकार, उद्योग और हितधारकों के बीच नीतिगत संवाद, शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए स्थापित किया गया है।
ECCI में कौन-सी कंपनियाँ शामिल हैं?
ECCI के संस्थापक सदस्यों में Amazon, Flipkart, Swiggy, Eternal, IndiaMart, MakeMyTrip, ixigo, Uber, Rapido, Shiprocket, TCIL, eBay, Meesho और Tata 1mg शामिल हैं। ये कंपनियाँ ई-कॉमर्स, लॉजिस्टिक्स, मोबिलिटी और ट्रैवल टेक जैसे विविध क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करती हैं।
ECCI किन मुद्दों पर काम करेगी?
ECCI क्रॉस-बॉर्डर ट्रेड, MSME डिजिटलीकरण, लॉजिस्टिक्स, डिजिटल पेमेंट, उपभोक्ता विश्वास, AI कॉमर्स और ट्रैवल टेक जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगी। साथ ही यह नीति निर्माताओं के साथ नियमित संवाद और उद्योग मानकों के विकास पर भी काम करेगी।
IAMAI कौन है और इसकी भूमिका क्या है?
इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAMAI) एक गैर-लाभकारी उद्योग संगठन है, जिसकी स्थापना 2004 में हुई थी और इसके 800 से अधिक सदस्य हैं। यह डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने, निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा और बेहतर नीतियों की वकालत करने वाला प्रमुख संगठन है।
ECCI का भारत के डिजिटल कॉमर्स पर क्या असर होगा?
ECCI का उद्देश्य भारत के 120 अरब डॉलर के डिजिटल कॉमर्स बाज़ार के लिए अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी नीतिगत माहौल तैयार करना है। विशेषज्ञों के अनुसार, एक साझा उद्योग आवाज़ से नियामकीय स्पष्टता बढ़ेगी और MSME तथा उपभोक्ताओं को दीर्घकालिक लाभ मिल सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले