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भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम वैश्विक पहचान बना चुका है: IGIC सह-संस्थापक याएल स्माडजा

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भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम वैश्विक पहचान बना चुका है: IGIC सह-संस्थापक याएल स्माडजा

सारांश

IGIC की सह-संस्थापक याएल स्माडजा का संदेश साफ़ है — भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम अब देश की सीमाओं से बाहर निकल चुका है। नई दिल्ली में पहली बार आयोजित इस दो दिवसीय सम्मेलन में सरकार, उद्योग और विदेशी निवेशक एक साथ आए हैं, जो भारत की वैश्विक तकनीकी महत्वाकांक्षा का प्रतीक है।

मुख्य बातें

IGIC की सह-संस्थापक याएल स्माडजा ने 10 जून को नई दिल्ली में भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम को वैश्विक कहानी करार दिया।
इस वर्ष पहली बार IGIC का आयोजन नई दिल्ली में हो रहा है; भारत सरकार की भागीदारी भी सुनिश्चित।
दो दिवसीय ( 10-11 जून ) सम्मेलन में उद्यमी, निवेशक और विदेशी इकोसिस्टम प्रतिनिधि शामिल।
कार्यक्रम में AI , डीप टेक और उभरती प्रौद्योगिकियों में भारत की भूमिका पर विशेषज्ञ पैनल चर्चा होगी।
अमेरिका-चीन तकनीकी प्रतिस्पर्धा के बीच भारत की वैकल्पिक इनोवेशन हब के रूप में पहचान पर भी विमर्श।

इंडिया ग्लोबल इनोवेशन कनेक्ट (IGIC) की सह-संस्थापक याएल स्माडजा ने 10 जून को नई दिल्ली में आयोजित IGIC कार्यक्रम के दौरान कहा कि भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम अब केवल एक राष्ट्रीय उपलब्धि नहीं, बल्कि एक वैश्विक परिघटना बन चुका है। उन्होंने इस मंच के ज़रिए भारतीय नवाचार तंत्र को दुनियाभर के इनोवेशन नेटवर्क से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।

मुख्य घटनाक्रम

स्माडजा ने कहा, 'भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम अब सिर्फ भारत की कहानी नहीं है, बल्कि यह एक वैश्विक कहानी बन चुका है। IGIC का मूल उद्देश्य भारतीय नवाचार तंत्र को विदेशी इकोसिस्टम के साथ जोड़ना और उनके बीच सहयोग के नए अवसर पैदा करना है।' उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष पहली बार यह कार्यक्रम नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें भारत सरकार की भागीदारी भी सुनिश्चित की गई है।

कार्यक्रम का स्वरूप और भागीदारी

10-11 जून को आयोजित इस दो दिवसीय सम्मेलन में उद्योग प्रतिनिधि, उद्यमी, निवेशक और विदेशी स्टार्टअप इकोसिस्टम के प्रतिनिधि एक साझा मंच पर आए। स्माडजा के अनुसार, इस आयोजन का लक्ष्य नवाचार, निवेश, तकनीकी सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है। भारत सरकार की सक्रिय भागीदारी इस पहल को संस्थागत मज़बूती प्रदान करती है।

वैश्विक तकनीकी परिदृश्य में भारत की भूमिका

IGIC की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, दुनिया तेज़ी से एक बहुध्रुवीय (मल्टीपोलर) तकनीकी और नवाचार व्यवस्था की ओर बढ़ रही है, जिसका प्रभाव केवल अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं है — भू-राजनीति, सुरक्षा और सामाजिक ढाँचे पर भी इसका गहरा असर पड़ रहा है। इसी संदर्भ में विशेषज्ञों का एक पैनल कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डीप टेक और उभरती प्रौद्योगिकियों में भारत की स्थिति और भविष्य की भूमिका पर विचार-विमर्श करेगा।

अमेरिका-चीन तकनीकी प्रतिस्पर्धा के बीच भारत

कार्यक्रम में अमेरिका और चीन के बीच बदलते तकनीकी संतुलन का विश्लेषण भी किया जाएगा। यह ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने की कोशिशें तेज़ हो रही हैं और भारत को एक वैकल्पिक तकनीकी केंद्र के रूप में देखा जाने लगा है। गौरतलब है कि भारत में इस समय 100 से अधिक यूनिकॉर्न स्टार्टअप हैं और देश वैश्विक स्टार्टअप रैंकिंग में शीर्ष तीन में शामिल हो चुका है।

आगे की राह

स्माडजा ने विश्वास जताया कि IGIC भारत और दुनिया के अन्य देशों के बीच स्टार्टअप सहयोग को मज़बूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह मंच वैश्विक नवाचार साझेदारी के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा और भारत को तकनीकी नेतृत्व की दिशा में आगे ले जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर गहरी तकनीक (डीप टेक) और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में देश अभी भी प्रारंभिक चरण में है। IGIC जैसे मंच तभी सार्थक होंगे जब ये केवल नेटवर्किंग तक सीमित न रहकर ठोस निवेश और तकनीकी हस्तांतरण में परिणत हों। सरकार की भागीदारी उत्साहजनक है, किंतु नीतिगत निरंतरता और नियामकीय स्पष्टता ही असली परीक्षा होगी।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिया ग्लोबल इनोवेशन कनेक्ट (IGIC) क्या है?
IGIC एक अंतरराष्ट्रीय मंच है जिसका उद्देश्य भारतीय स्टार्टअप और नवाचार इकोसिस्टम को दुनिया के अन्य देशों के इनोवेशन नेटवर्क से जोड़ना है। इसकी सह-संस्थापक याएल स्माडजा हैं और इस वर्ष पहली बार इसका आयोजन नई दिल्ली में किया गया।
याएल स्माडजा ने भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम के बारे में क्या कहा?
स्माडजा ने कहा कि भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम अब केवल भारत की कहानी नहीं रहा, बल्कि यह एक वैश्विक कहानी बन चुका है। उनके अनुसार, IGIC इस इकोसिस्टम को विदेशी नेटवर्क से जोड़कर सहयोग के नए अवसर पैदा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
IGIC के नई दिल्ली सम्मेलन में किन विषयों पर चर्चा होगी?
सम्मेलन में AI, डीप टेक और उभरती प्रौद्योगिकियों में भारत की वैश्विक स्थिति, अमेरिका-चीन तकनीकी प्रतिस्पर्धा के बीच भारत की भूमिका, और बहुध्रुवीय तकनीकी व्यवस्था में नवाचार साझेदारी जैसे विषय शामिल हैं।
इस आयोजन में भारत सरकार की क्या भूमिका है?
इस वर्ष के IGIC सम्मेलन में भारत सरकार की भागीदारी सुनिश्चित की गई है, जिससे इस पहल को संस्थागत समर्थन और अधिक विश्वसनीयता मिलती है। यह पहली बार है जब यह आयोजन नई दिल्ली में हो रहा है।
IGIC जैसे मंच भारतीय स्टार्टअप के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं?
IGIC जैसे मंच भारतीय स्टार्टअप को वैश्विक निवेशकों, तकनीकी भागीदारों और विदेशी बाज़ारों से सीधे जोड़ने का अवसर देते हैं। इससे नवाचार, निवेश और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा मिलता है, जो भारत को एक वैश्विक इनोवेशन हब के रूप में स्थापित करने में सहायक है।
राष्ट्र प्रेस
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