क्या 'स्टार्टअप इंडिया' ने शेयर बाजार में लिस्ट हुए टॉप आईपीओ के जरिए निवेशकों को मालामाल किया?
सारांश
Key Takeaways
- ‘स्टार्टअप इंडिया’ ने उद्यमिता को नया आकार दिया है।
- 2021 और 2024 में कई महत्वपूर्ण आईपीओ आए।
- लगभग 50 प्रतिशत स्टार्टअप्स टियर-2 और टियर-3 शहरों से हैं।
- बड़े आईपीओ ने निवेशकों को आकर्षक अवसर प्रदान किए।
- भविष्य में और भी बड़े नाम आईपीओ की कतार में हैं।
नई दिल्ली, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत में 2016 में आरंभ हुई ‘स्टार्टअप इंडिया’ पहल ने पिछले एक दशक में देश की उद्यमिता का स्वरूप बदल दिया है। 16 जनवरी 2026 को ‘नेशनल स्टार्टअप डे’ के अवसर पर यह पहल अपने 10 साल पूरे कर रही है।
दिसंबर 2025 तक भारत में 2 लाख से अधिक डीपीआईआईटी-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स बन चुके हैं, जिससे भारत विश्व के सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम में शामिल हो गया है। विशेष बात यह है कि लगभग 50 प्रतिशत स्टार्टअप्स टियर-2 और टियर-3 शहरों से आ रहे हैं, जो उद्यमिता के व्यापक विकास को दर्शाता है।
‘स्टार्टअप इंडिया’ ने केवल विचार और फंडिंग तक सीमित न रहकर, मेंटरशिप, स्केल-अप और मार्केट तक पहुँच का एक संपूर्ण इकोसिस्टम तैयार किया। इसका परिणाम यह हुआ कि कई भारतीय स्टार्टअप्स ने शेयर बाजार की ओर रुख किया और बड़े आईपीओ द्वारा निवेशकों को नए अवसर प्रदान किए।
पिछले 10 वर्षों में कई महत्वपूर्ण आईपीओ आए, जिन्होंने शेयर बाजार में नया इतिहास रचा। भारतीय जीवन बीमा निगम यानी एलआईसी का आईपीओ अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ रहा, जिसकी राशि मई 2022 में लगभग 21,008 करोड़ रुपए थी।
इसी प्रकार, डिजिटल भुगतान कंपनी पेटीएम ने नवंबर 2021 में लगभग 18,300 करोड़ रुपए का आईपीओ जारी कर टेक स्टार्टअप्स के लिए नई दिशा खोली।
सरकारी क्षेत्र में 2017 में आए जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन और न्यू इंडिया एश्योरेंस जैसे आईपीओ भी चर्चित रहे, जबकि नई पीढ़ी की कंपनियों में जोमैटो पहला बड़ा टेक स्टार्टअप बना, जिसने जुलाई 2021 में 9,375 करोड़ रुपए जुटाए।
‘स्टार्टअप इंडिया’ के प्रभाव से 2021 को स्टार्टअप आईपीओ का सुनहरा वर्ष माना गया। इस वर्ष जोमैटो, पेटीएम, नायका, पॉलिसीबाजार और डेल्हीवेरी जैसी कंपनियां शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुईं।
इसके बाद 2024 में स्टार्टअप आईपीओ की गति फिर से तेज हुई, जब स्विगी (11,300 करोड़ रुपए), ओला इलेक्ट्रिक (6,100 करोड़ रुपए), फर्स्टक्राई (4,190 करोड़ रुपए) और इक्सिगो जैसे स्टार्टअप्स ने आईपीओ लॉन्च किए।
पिछले दशक में शेयर मार्केट में सूचीबद्ध प्रमुख स्टार्टअप आईपीओ पर गौर करें तो पेटीएम ने वित्तीय तकनीक में सबसे बड़े आईपीओ का अनावरण किया, जबकि जोमैटो ने ऑनलाइन खाद्य सेवा प्लेटफार्म के रूप में एक मजबूत पहचान बनाई।
नायका ने सौंदर्य और फैशन के ऑनलाइन कारोबार में निवेशकों का विश्वास बढ़ाया, जबकि पॉलिसी बाजार और डेल्हीवेरी ने बीमा और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज की। हाल के वर्षों में मीशो, फिजिक्स वाला, ओला इलेक्ट्रिक और गो डिजिट जनरल इंश्योरेंस जैसे नाम भी निवेशकों के बीच चर्चित रहे हैं।
स्टार्टअप आईपीओ के इस सफर से यह स्पष्ट है कि 2021 और 2024-25 के वर्ष सबसे अधिक सक्रिय रहे। अब निवेशक केवल वृद्धि पर नहीं, बल्कि लाभप्रदता और मजबूत व्यापार मॉडल पर भी ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। आने वाले समय में फोनपे, फ्लिपकार्ट, जेप्टो और ओयो जैसे बड़े नाम भी आईपीओ की कतार में हैं।
कुल मिलाकर, स्टार्टअप इंडिया के 10 वर्ष भारतीय शेयर बाजार और निवेशकों के लिए मील का पत्थर साबित हुए हैं। इन स्टार्टअप्स ने न केवल बाजार में नई पहचान बनाई, बल्कि दीर्घकालिक में कई निवेशकों को शानदार रिटर्न भी दिया है।