एसोचैम इन्वेस्टर कनेक्ट: 70 स्टार्टअप्स ने माँगा ₹1,500 करोड़ का निवेश, युवा इनोवेटर्स की भागीदारी दोगुनी
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में आयोजित एसोचैम इन्वेस्टर कनेक्ट के दूसरे संस्करण में देशभर के करीब 70 स्टार्टअप्स ने कुल मिलाकर लगभग ₹1,500 करोड़ के निवेश की माँग रखी। 25 जुलाई को आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य उद्यमियों, निवेशकों, कॉरपोरेट कंपनियों और नीति-निर्माताओं को एक साझा मंच पर लाकर भारत के इनोवेशन-आधारित स्टार्टअप इकोसिस्टम को और सुदृढ़ करना था। यह आयोजन भारतीय स्टार्टअप परिदृश्य में बढ़ती निवेश भूख और उद्यमशीलता की लहर का प्रमाण बनकर उभरा।
चयन प्रक्रिया और भागीदारी
इस संस्करण के लिए देशभर से 450 से अधिक स्टार्टअप्स ने आवेदन किया था। निवेशकों की प्राथमिकताओं और कड़े मूल्यांकन मानदंडों के आधार पर इनमें से 200 स्टार्टअप्स को शॉर्टलिस्ट किया गया, जिनमें से अंततः 70 स्टार्टअप्स ने पिचिंग सेशन में भाग लिया। कार्यक्रम में 28 प्रमुख निवेशकों ने शॉर्टलिस्ट स्टार्टअप्स के साथ वन-ऑन-वन पिचिंग सेशन में सीधी बातचीत की।
युवा इनोवेटर्स की बढ़ती हिस्सेदारी
इस बार के आयोजन की सबसे उल्लेखनीय विशेषता युवा इनोवेटर्स की बढ़ी हुई भागीदारी रही। पहले संस्करण में जहाँ उनकी हिस्सेदारी लगभग 15 प्रतिशत थी, वह इस बार बढ़कर करीब 30 प्रतिशत हो गई — यानी दोगुनी वृद्धि। यह आँकड़ा दर्शाता है कि भारत के युवाओं में उद्यमिता की भावना तेज़ी से पनप रही है और यह केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है।
विशेषज्ञों की राय
युवा मामलों के विभाग के अंतर्गत माई भारत की सीईओ डॉ. प्रियंका शुक्ला ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, 'भारत के युवाओं के पास विचारों की कोई कमी नहीं है। उन्हें केवल अवसर, सही मार्गदर्शन, अनुभव और संसाधनों तक पहुँच की जरूरत है। आने वाले समय के सफल स्टार्टअप फाउंडर्स सिर्फ महानगरों से ही नहीं, बल्कि टियर-2, टियर-3, टियर-4 शहरों, गाँवों और आकांक्षी जिलों से भी सामने आएंगे।'
एमईआईटीवाई स्टार्टअप हब के सीईओ डॉ. पन्नीरसेल्वम मदनगोपाल ने कहा कि स्टार्टअप्स, उद्योग जगत और निवेशकों के बीच मजबूत साझेदारी भविष्य की टेक्नोलॉजी-आधारित कंपनियों को नई दिशा देगी। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि वास्तविक समस्याओं का समाधान करने वाले, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) विकसित करने वाले और मजबूत कॉरपोरेट गवर्नेंस के साथ टिकाऊ कारोबार खड़ा करने वाले स्टार्टअप्स भारत की इनोवेशन-आधारित आर्थिक वृद्धि में अहम भूमिका निभाएंगे।
एसोचैम की असिस्टेंट सेक्रेटरी जनरल डॉ. अंबिका शर्मा ने कहा, 'हम टियर-2 और टियर-3 शहरों तक अपनी पहुँच बढ़ाने के साथ-साथ ऐसे सार्थक सहयोग विकसित करने का प्रयास कर रहे हैं, जो इनोवेशन को बड़े और सफल कारोबार में बदल सकें।' उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन का लक्ष्य संभावनाशील स्टार्टअप्स को केवल पूँजी नहीं, बल्कि मेंटरशिप, मार्केट लिंकेज और स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप भी उपलब्ध कराना है।
किन क्षेत्रों से आए स्टार्टअप्स
इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले स्टार्टअप्स ने विविध और उभरते क्षेत्रों में अपने बिज़नेस मॉडल प्रस्तुत किए। इनमें डिफेंस टेक, स्पेस टेक, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, क्लाइमेट टेक, साइबर सिक्योरिटी, फिनटेक, SaaS, कंज्यूमर टेक, EV और मोबिलिटी, हेल्थ टेक, क्लीन टेक, एग्रीटेक और IT/ITeS जैसे क्षेत्र शामिल थे। यह विविधता भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम की परिपक्वता और गहराई को रेखांकित करती है।
आगे की राह
एसोचैम इन्वेस्टर कनेक्ट का यह दूसरा संस्करण यह संकेत देता है कि भारत में स्टार्टअप फंडिंग की माँग और आपूर्ति दोनों में गति आ रही है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक वेंचर कैपिटल निवेश में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय स्टार्टअप्स निवेशकों का ध्यान खींचने में सफल हो रहे हैं। टियर-2 और टियर-3 शहरों से बढ़ती भागीदारी यह भी दर्शाती है कि अगली पीढ़ी का इनोवेशन भारत के हर कोने से उभरने को तैयार है।