4 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भारत इनोवेट्स 2026: दूसरे दिन ₹2,120 करोड़ की निवेश प्रतिबद्धता, 80+ डीपटेक स्टार्टअप्स ने किया प्रदर्शन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारत इनोवेट्स 2026: दूसरे दिन ₹2,120 करोड़ की निवेश प्रतिबद्धता, 80+ डीपटेक स्टार्टअप्स ने किया प्रदर्शन

सारांश

भारत इनोवेट्स 2026 के दूसरे दिन 254.5 मिलियन डॉलर की निवेश प्रतिबद्धता, 80+ डीपटेक स्टार्टअप्स का प्रदर्शन और 1,350+ B2B बैठकें — यह समिट भारत को वैश्विक डीपटेक पूंजी के केंद्र में स्थापित करने की बड़ी कोशिश है।

मुख्य बातें

भारत इनोवेट्स 2026 के दूसरे दिन ( 16 जून 2026 ) कंपनियों ने 254.5 मिलियन डॉलर (लगभग ₹2,120 करोड़ ) की निवेश प्रतिबद्धताएं हासिल कीं।
80 से अधिक डीपटेक स्टार्टअप्स ने 10+ देशों के 50 से ज़्यादा वैश्विक निवेशकों के सामने अपने नवाचार प्रस्तुत किए।
40 से अधिक स्टार्टअप्स को निवेशकों से आगे की बातचीत के लिए औपचारिक प्रतिबद्धता मिली।
दूसरे दिन तक 1,350+ B2B बैठकें और 50+ सहयोग समझौते संपन्न हुए।
समिट का उद्घाटन 14 जून को PM नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने संयुक्त रूप से किया था।
तीसरे दिन क्लाइमेट टेक्नोलॉजी, इंडस्ट्रियल डीकार्बोनाइज़ेशन और दीर्घकालिक संस्थागत साझेदारियों पर चर्चा होगी।

भारत इनोवेट्स 2026 के दूसरे दिन — 16 जून 2026 — कंपनियों ने कुल 254.5 मिलियन डॉलर (लगभग ₹2,120 करोड़) की निवेश प्रतिबद्धताएं हासिल कीं, जिसने वैश्विक निवेशकों के बीच भारत के डीपटेक स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र के प्रति गहरी रुचि को रेखांकित किया। शिक्षा मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, नई दिल्ली में आयोजित इस तीन दिवसीय समिट ने अब तक के सबसे बड़े डीपटेक निवेश संवाद मंचों में से एक का रूप ले लिया है।

दूसरे दिन का मुख्य घटनाक्रम

दिन की शुरुआत एक इनोवेशन शोकेस से हुई, जिसमें भारतीय स्टार्टअप्स और प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों द्वारा विकसित तकनीकों को प्रदर्शित किया गया। ये तकनीकें बायोटेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर, एनर्जी, मोबिलिटी, स्पेस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे आठ प्रमुख क्षेत्रों से जुड़ी थीं।

समिट में वैश्विक उद्योग, निवेश और अनुसंधान के अग्रणी प्रतिनिधियों के साथ बायो-इनोवेशन, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, स्पेस, डिफेंस सप्लाई चेन और अंतरराष्ट्रीय निवेश जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। भागीदारों ने दीर्घकालिक निवेश, सीमा-पार सहयोग और अनुसंधान के व्यावसायीकरण के लिए ठोस रास्ते बनाने पर विशेष बल दिया।

इन्वेस्टर-स्टार्टअप संवाद: 80+ कंपनियाँ, 50+ निवेशक

दिन का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण इन्वेस्टर-स्टार्टअप एंगेजमेंट प्रोग्राम रहा, जिसमें 80 से अधिक डीपटेक स्टार्टअप्स ने 10 से अधिक देशों के 50 से ज़्यादा वैश्विक निवेशकों के सामने अपने नवाचार प्रस्तुत किए। स्टार्टअप्स ने छह विशिष्ट क्षेत्रों में समाधान प्रस्तुत किए — स्पेस और डिफेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर, हेल्थकेयर और मेड-टेक, बायोटेक्नोलॉजी और एग्री-टेक, एनर्जी और क्लाइमेट टेक्नोलॉजी, तथा एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग

शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन सत्रों के ज़रिये वैश्विक वेंचर फंड्स और कॉर्पोरेट वेंचर कैपिटल फर्म्स के साथ सीधी बातचीत संभव हुई, और 40 से अधिक स्टार्टअप्स को निवेशकों से आगे की चर्चा के लिए औपचारिक प्रतिबद्धता प्राप्त हुई।

संचयी उपलब्धियाँ और आँकड़े

दूसरे दिन के समापन तक, भारत इनोवेट्स 2026 ने नवोन्मेषकों के बीच 1,350 से अधिक बिज़नेस-टू-बिज़नेस बैठकें आयोजित कर लीं और 50 से अधिक सहयोग समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। गौरतलब है कि पहले दिन घोषित लगभग 30 मिलियन डॉलर के निवेश को मिलाकर यह आँकड़ा और भी व्यापक हो जाता है।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक डीपटेक निवेश के केंद्र के रूप में अपनी स्थिति मज़बूत करने की कोशिश कर रहा है। शिक्षा मंत्रालय ने कहा कि समिट ने भारत, यूरोप और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों के बीच सहयोग के नए अवसर पैदा करके डीपटेक इनोवेशन के लिए भारत की स्थिति को एक प्रमुख वैश्विक केंद्र के रूप में सुदृढ़ किया है।

समिट की पृष्ठभूमि और उद्घाटन

इस समिट का उद्घाटन 14 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने संयुक्त रूप से किया था। भारत इनोवेट्स 2026 को भारत के तेज़ी से विस्तार होते इनोवेशन पारिस्थितिकी तंत्र को वैश्विक पूंजी, उद्योग की विशेषज्ञता, अनुसंधान नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।

आगे क्या होगा

समिट के तीसरे और अंतिम दिन टेक्नोलॉजी पार्क्स और एक्सेलेरेटर्स, क्लाइमेट टेक्नोलॉजी, इंडस्ट्रियल डीकार्बोनाइज़ेशन, ग्लोबल स्केलिंग रणनीतियों और दीर्घकालिक संस्थागत साझेदारियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इस समिट से उभरने वाले सहयोग ढाँचे आने वाले महीनों में भारत के डीपटेक क्षेत्र की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान देना ज़रूरी है कि 'निवेश प्रतिबद्धता' और वास्तविक वितरित पूंजी में अक्सर बड़ा अंतर होता है — भारत के पिछले निवेश समिटों में भी ऐसे आँकड़े सुर्खियाँ बने, जिनका एक हिस्सा ही ज़मीन पर उतरा। असली कसौटी यह होगी कि इन 40+ स्टार्टअप्स को वास्तव में कितनी पूंजी मिलती है और कितने समय में। मोदी-मैक्रों की संयुक्त उपस्थिति भारत-फ्रांस तकनीकी साझेदारी को राजनयिक स्तर पर मज़बूत करती है, लेकिन डीपटेक क्षेत्र में दीर्घकालिक सफलता के लिए नीतिगत निरंतरता और नियामकीय स्पष्टता उतनी ही ज़रूरी है जितना कि मंच पर की गई घोषणाएँ।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत इनोवेट्स 2026 क्या है और इसका आयोजन कहाँ हुआ?
भारत इनोवेट्स 2026 एक तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय समिट है जो नई दिल्ली में आयोजित हो रही है। इसका उद्देश्य भारत के डीपटेक इनोवेशन पारिस्थितिकी तंत्र को वैश्विक पूंजी, उद्योग विशेषज्ञता और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों से जोड़ना है। इसका उद्घाटन 14 जून 2026 को PM नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने संयुक्त रूप से किया।
दूसरे दिन कितनी निवेश प्रतिबद्धता हासिल हुई?
शिक्षा मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, 16 जून 2026 को समिट के दूसरे दिन कंपनियों ने 254.5 मिलियन डॉलर (लगभग ₹2,120 करोड़) की निवेश प्रतिबद्धताएं हासिल कीं। पहले दिन घोषित लगभग 30 मिलियन डॉलर के निवेश को मिलाकर यह आँकड़ा और भी बड़ा हो जाता है।
इन्वेस्टर-स्टार्टअप एंगेजमेंट प्रोग्राम में कौन शामिल हुए?
इस कार्यक्रम में 80 से अधिक डीपटेक स्टार्टअप्स ने 10 से ज़्यादा देशों के 50 से अधिक वैश्विक निवेशकों के सामने अपने नवाचार प्रस्तुत किए। 40 से अधिक स्टार्टअप्स को निवेशकों से आगे की बातचीत के लिए औपचारिक प्रतिबद्धता प्राप्त हुई।
समिट में किन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया?
समिट में स्पेस और डिफेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर, हेल्थकेयर और मेड-टेक, बायोटेक्नोलॉजी और एग्री-टेक, एनर्जी और क्लाइमेट टेक्नोलॉजी, तथा एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग — कुल छह प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
भारत इनोवेट्स 2026 के तीसरे दिन क्या होगा?
समिट के तीसरे और अंतिम दिन टेक्नोलॉजी पार्क्स और एक्सेलेरेटर्स, क्लाइमेट टेक्नोलॉजी, इंडस्ट्रियल डीकार्बोनाइज़ेशन, ग्लोबल स्केलिंग रणनीतियों और दीर्घकालिक संस्थागत साझेदारियों पर चर्चा होगी। इसका लक्ष्य इनोवेशन-आधारित सहयोग को स्थायी रूप देना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
    'भारत इनोवेट्स 2026': पेरिस रोडशो में भारत ने वैश्विक निवेशकों को डीप-टेक स्टार्टअप प्रोग्राम से जोड़ा, 13 प्रौद्योगिकी क्षेत्रों पर फोकस
  6. 3 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले