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'भारत इनोवेट्स 2026': पेरिस रोडशो में भारत ने वैश्विक निवेशकों को डीप-टेक स्टार्टअप प्रोग्राम से जोड़ा, 13 प्रौद्योगिकी क्षेत्रों पर फोकस

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'भारत इनोवेट्स 2026': पेरिस रोडशो में भारत ने वैश्विक निवेशकों को डीप-टेक स्टार्टअप प्रोग्राम से जोड़ा, 13 प्रौद्योगिकी क्षेत्रों पर फोकस

सारांश

पेरिस रोडशो में भारत ने अपना डीप-टेक स्टार्टअप महाकुंभ 'भारत इनोवेट्स 2026' दुनिया के सामने रखा — 13 अग्रणी प्रौद्योगिकी क्षेत्र, 120 चुनिंदा स्टार्टअप और नीस में जून में होने वाला कॉन्क्लेव। यह भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को तकनीकी निवेश की ज़मीन पर उतारने की सबसे ठोस कोशिश है।

मुख्य बातें

भारत सरकार ने 6 मई 2026 को पेरिस में रोडशो के ज़रिए 'भारत इनोवेट्स 2026' डीप-टेक स्टार्टअप कार्यक्रम वैश्विक निवेशकों के सामने प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम 13 अग्रणी प्रौद्योगिकी क्षेत्रों पर केंद्रित होगा, जिनमें सेमीकंडक्टर, जैव प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष-रक्षा और इंडस्ट्री 4.0 शामिल हैं।
भारत के शीर्ष 120 डीप-टेक स्टार्टअप को फ्रांस ले जाया जाएगा — पायलट प्रोजेक्ट, निवेश और अनुसंधान साझेदारी के लिए।
मुख्य कॉन्क्लेव 14 से 16 जून 2026 को नीस, फ्रांस के पैलेस डेस एक्सपोजिशन में आयोजित होगा।
पहल की घोषणा PM नरेंद्र मोदी ने 17 फरवरी को फ्रांस के राष्ट्रपति की उपस्थिति में भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर के उद्घाटन पर की थी।

भारत सरकार ने 6 मई 2026 को पेरिस में आयोजित एक विशेष रोडशो में वैश्विक निवेशकों, कंपनियों और शोध संस्थानों के सामने अपने महत्वाकांक्षी डीप-टेक स्टार्टअप कार्यक्रम 'भारत इनोवेट्स 2026' को औपचारिक रूप से प्रस्तुत किया। यह आयोजन अगले महीने फ्रांस के नीस में होने वाले मुख्य कॉन्क्लेव से पहले वैश्विक स्तर पर जागरूकता और साझेदारी बनाने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है।

रोडशो में क्या हुआ

पेरिस में आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षा मंत्रालय, पेरिस स्थित भारतीय दूतावास और भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसके अलावा फ्रांसीसी बिजनेस और इनोवेशन इकोसिस्टम से 50 से अधिक प्रतिभागी उपस्थित रहे। ला फ्रेंच टेक, विवाटेक, ईएससीपी बिजनेस स्कूल, ईएसएसईसी, आईएनआरआईए और भारत-फ्रांसीसी चैम्बर ऑफ कॉमर्स के सदस्यों के साथ-साथ वेंचर कैपिटल, सलाहकार, कानूनी और स्टार्टअप नेटवर्क के प्रमुख प्रतिनिधि भी इसमें शामिल हुए।

शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों का संबोधन

शिक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव के.एम. प्रफुल्लचंद्र शर्मा ने भारत-फ्रांस विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के तहत अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने में इस पहल के महत्व को रेखांकित किया। वहीं, संयुक्त सचिव गोविंद जायसवाल ने एक प्रस्तुति के माध्यम से फ्रांसीसी और वैश्विक निवेशकों के लिए भारत के तेज़ी से बढ़ते नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़ने के अवसरों की विस्तृत रूपरेखा पेश की।

13 प्रमुख प्रौद्योगिकी क्षेत्रों पर केंद्रित कार्यक्रम

रोडशो में स्पष्ट किया गया कि 'भारत इनोवेट्स 2026' कुल 13 अग्रणी प्रौद्योगिकी क्षेत्रों पर केंद्रित होगा। इनमें एडवांस कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, अगली पीढ़ी के संचार, उन्नत सामग्री और महत्वपूर्ण खनिज, जैव प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष और रक्षा, तथा इंडस्ट्री 4.0 के तहत विनिर्माण प्रमुख रूप से शामिल हैं। इस पहल के पहले संस्करण में भारत के शीर्ष 120 डीप-टेक स्टार्टअप को फ्रांस ले जाया जाएगा, जहाँ पायलट परियोजनाओं, सह-विकास, निवेश, अनुसंधान साझेदारी, विनिर्माण और बाज़ार पहुँच को बढ़ावा दिया जाएगा।

पहल की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि इस पहल की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 फरवरी को भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर के उद्घाटन के दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति की उपस्थिति में की थी। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपने स्टार्टअप इकोसिस्टम को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है।

आगे क्या होगा

'भारत इनोवेट्स 2026' का मुख्य आयोजन 14 से 16 जून 2026 तक फ्रांस के नीस स्थित पैलेस डेस एक्सपोजिशन में होगा। इस कॉन्क्लेव से भारत के डीप-टेक स्टार्टअप को वैश्विक निवेशकों, बहुराष्ट्रीय कंपनियों और अनुसंधान संस्थानों के साथ सीधे संवाद का अवसर मिलेगा, जो दीर्घकालिक तकनीकी साझेदारियों की नींव रख सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचकों का कहना है कि भारत के पिछले अंतरराष्ट्रीय स्टार्टअप प्रदर्शनों में वास्तविक निवेश प्रतिबद्धताएँ अक्सर घोषणाओं से कम रही हैं। असली परीक्षा यह होगी कि नीस कॉन्क्लेव के बाद कितने स्टार्टअप ठोस सह-विकास अनुबंध या दीर्घकालिक वित्त पोषण हासिल कर पाते हैं। सेमीकंडक्टर और एडवांस कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में फ्रांस की स्वयं की रणनीतिक प्राथमिकताएँ हैं, जो इस साझेदारी को पूरकता और प्रतिस्पर्धा दोनों का रंग दे सकती हैं।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'भारत इनोवेट्स 2026' कार्यक्रम क्या है?
'भारत इनोवेट्स 2026' भारत सरकार का एक डीप-टेक स्टार्टअप कार्यक्रम है, जिसकी घोषणा PM नरेंद्र मोदी ने 17 फरवरी को भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर के उद्घाटन पर की थी। यह 13 अग्रणी प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में भारतीय स्टार्टअप को वैश्विक निवेशकों और साझेदारों से जोड़ने का मंच है।
'भारत इनोवेट्स 2026' कॉन्क्लेव कब और कहाँ होगा?
यह कॉन्क्लेव 14 से 16 जून 2026 को फ्रांस के नीस स्थित पैलेस डेस एक्सपोजिशन में आयोजित किया जाएगा। इससे पहले 6 मई को पेरिस में रोडशो के माध्यम से वैश्विक निवेशकों को इस कार्यक्रम की जानकारी दी गई।
इस कार्यक्रम में किन प्रौद्योगिकी क्षेत्रों को शामिल किया गया है?
'भारत इनोवेट्स 2026' में एडवांस कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, अगली पीढ़ी के संचार, उन्नत सामग्री और महत्वपूर्ण खनिज, जैव प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष और रक्षा, तथा इंडस्ट्री 4.0 के तहत विनिर्माण सहित कुल 13 अग्रणी प्रौद्योगिकी क्षेत्र शामिल हैं।
पेरिस रोडशो में कौन-कौन शामिल हुए?
रोडशो में शिक्षा मंत्रालय, पेरिस स्थित भारतीय दूतावास और CII के प्रतिनिधियों के साथ ला फ्रेंच टेक, विवाटेक, ईएससीपी बिजनेस स्कूल, ईएसएसईसी, आईएनआरआईए और भारत-फ्रांसीसी चैम्बर ऑफ कॉमर्स से 50 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए। वेंचर कैपिटल और स्टार्टअप नेटवर्क के प्रमुख प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
इस पहल से भारतीय स्टार्टअप को क्या फायदा होगा?
इस कार्यक्रम के पहले संस्करण में भारत के शीर्ष 120 डीप-टेक स्टार्टअप को फ्रांस ले जाया जाएगा। इससे उन्हें पायलट परियोजनाओं, सह-विकास, निवेश, अनुसंधान साझेदारी, विनिर्माण और यूरोपीय बाज़ार तक पहुँच के अवसर मिलेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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