7 भारतीय स्टार्टअप्स को ₹30-30 लाख की फंडिंग, DPIIT समर्थित FICCI-मर्सिडीज-बेंज चैलेंज में चयन
सारांश
मुख्य बातें
उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) समर्थित FICCI-मर्सिडीज-बेंज भारत इनोवेशन एंड बिजनेस आइडियाज चैलेंज प्रोग्राम के तहत भारत के 7 चयनित स्टार्टअप्स को प्रत्येक को ₹30 लाख की वित्तीय सहायता के साथ-साथ संरचित मेंटरशिप और क्षेत्र-विशेषज्ञों का मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। 3 जुलाई को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज का उद्देश्य चयनित स्टार्टअप्स को तेज़ विकास और भावी निवेश के लिए तैयार करना है।
चयन प्रक्रिया और प्रतिस्पर्धा
देश भर से प्राप्त आवेदनों में से बहु-चरणीय मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद 32 स्टार्टअप्स को जूरी के सामने अपनी तकनीक और विचार प्रस्तुत करने का अवसर मिला। इनमें से नवाचार, विस्तार की क्षमता, व्यावसायिक संभावनाओं और सामाजिक प्रभाव के आधार पर अंततः 7 स्टार्टअप्स का चयन किया गया।
यह चैलेंज विशेष रूप से उन स्टार्टअप्स की पहचान के लिए शुरू किया गया था जो मैन्युफैक्चरिंग, सस्टेनेबिलिटी, शिक्षा, डीकार्बोनाइजेशन, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर लागू किए जा सकने वाले नवाचार विकसित कर रहे हैं।
मेंटरशिप कार्यक्रम में क्या मिलेगा
फंडिंग के बाद शुरू होने वाले मेंटरशिप कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित स्टार्टअप्स को नियामकीय और कानूनी अनुपालन, टैक्सेशन, फंड के बेहतर उपयोग, फंड जुटाने की रणनीति, कंपनी मूल्यांकन, टर्म शीट वार्ता, डेटा गोपनीयता, साइबर सुरक्षा और बौद्धिक संपदा (IP) संरक्षण जैसे विषयों पर विशेषज्ञों का सीधा मार्गदर्शन मिलेगा।
इसके अतिरिक्त, 'साउंडिंग बोर्ड प्रोग्राम' के तहत अनुभवी उद्योग विशेषज्ञ और वरिष्ठ कारोबारी नेता इन स्टार्टअप्स के बिजनेस मॉडल को मज़बूत बनाने और बाज़ार में तेज़ी से विस्तार की रणनीति तैयार करने में सहयोग करेंगे।
डेमो डे और निवेशकों से संवाद
कार्यक्रम के अंतर्गत विशेष 'डेमो डे' आयोजित किए जाएंगे, जहाँ चयनित स्टार्टअप्स अपने इनोवेशन, बिजनेस मॉडल और विकास योजनाओं को उद्योग जगत के प्रमुख नेताओं, निवेशकों और मेंटर्स के सामने प्रस्तुत करेंगे। इसका लक्ष्य इन स्टार्टअप्स को नई साझेदारियाँ और निवेश के ठोस अवसर दिलाना है।
सरकार की प्रतिक्रिया
कार्यक्रम के वर्चुअल संवाद में DPIIT के अतिरिक्त सचिव अतीश कुमार सिंह ने कहा कि फंडिंग के साथ विशेषज्ञ मार्गदर्शन को जोड़ने वाले ऐसे कार्यक्रम भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी कंपनियाँ तैयार करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने FICCI और मर्सिडीज-बेंज इंडिया को इस कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए बधाई दी।
सिंह ने यह भी कहा कि समय पर मिलने वाला मार्गदर्शन नवाचार करने वाले युवाओं को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप समाधान विकसित करने में सक्षम बनाता है। उनके अनुसार, ऐसे साझेदारी-आधारित प्रयास भारत को नवाचार-आधारित विकास की दिशा में आगे ले जाने और वैश्विक इनोवेशन लीडर के रूप में स्थापित करने के लिए अनिवार्य हैं।
आगे की राह
यह पहल ऐसे समय में आई है जब भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम वैश्विक स्तर पर तेज़ी से उभर रहा है और सरकार निजी क्षेत्र की भागीदारी से युवा उद्यमियों को संस्थागत समर्थन देने की दिशा में सक्रिय है। डेमो डे और साउंडिंग बोर्ड सत्रों के ज़रिये ये सात स्टार्टअप्स अगले निवेश दौर के लिए खुद को तैयार करेंगे।