27 जून 2026
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आईसीएआई स्केलअप इंडिया समिट 2026: मुंबई में 3,500 प्रतिभागी, 12 स्टार्टअप्स को मिला निवेशकों के सामने पिच करने का मौका

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आईसीएआई स्केलअप इंडिया समिट 2026: मुंबई में 3,500 प्रतिभागी, 12 स्टार्टअप्स को मिला निवेशकों के सामने पिच करने का मौका

सारांश

मुंबई के बीकेसी में आईसीएआई का स्केलअप इंडिया समिट 2026 सिर्फ एक सम्मेलन नहीं था — यह स्टार्टअप्स और एमएसएमई के लिए एक सेतु था। 106 आवेदनों में से चुने 12 स्टार्टअप्स को निवेशकों के सामने पिच का मौका मिला और 3,500 प्रतिभागियों ने इस इकोसिस्टम को नई ऊर्जा दी।

मुख्य बातें

आईसीएआई स्केलअप इंडिया समिट 2026 का आयोजन 27 जून 2026 को मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर, बीकेसी में हुआ।
दो दिवसीय सम्मेलन में करीब 3,500 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
फंडिंग के लिए प्राप्त 106 आवेदनों में से 12 स्टार्टअप्स का चयन कर उन्हें निवेशकों के सामने प्रस्तुति का अवसर दिया गया।
देश में 5,000 से अधिक स्टार्टअप्स पेटेंट दर्ज करा चुके हैं — आईसीएआई अध्यक्ष प्रसन्ना कुमार के अनुसार।
समिट का पहला दिन स्टार्टअप्स और दूसरा दिन एमएसएमई की चुनौतियों व समाधानों पर केंद्रित रहा।
आईसीएआई केंद्रीय परिषद सदस्य ज्ञानचंद मिश्रा ने कहा कि समिट का लक्ष्य उद्यमियों को वित्तीय सहायता और विशेषज्ञ मार्गदर्शन से जोड़ना है।

भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (आईसीएआई) ने 27 जून 2026 को मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर, बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) में आईसीएआई स्केलअप इंडिया समिट 2026 का आयोजन किया, जिसका उद्देश्य देश के स्टार्टअप्स और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को निवेश, मेंटरशिप और बैंकिंग सहायता से जोड़ना था। इस दो दिवसीय सम्मेलन में करीब 3,500 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और फंडिंग के लिए आए 106 आवेदनों में से 12 स्टार्टअप्स का चयन कर उन्हें निवेशकों के सामने अपना बिजनेस मॉडल प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया।

समिट का उद्देश्य और संरचना

आईसीएआई के अध्यक्ष प्रसन्ना कुमार ने बताया कि यह मंच विशेष रूप से उन युवा उद्यमियों के लिए तैयार किया गया है जिनके पास नवाचारी विचार तो हैं, लेकिन कारोबार शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने की व्यावहारिक जानकारी का अभाव है। समिट के पहले दिन स्टार्टअप्स से जुड़े विषयों पर केंद्रित रहा, जबकि दूसरे दिन एमएसएमई की चुनौतियों और समाधानों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस मंच पर उद्यमियों, निवेशकों, बैंकरों, मेंटर्स, इनक्यूबेटर्स और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को एक साथ लाया गया।

फंडिंग प्रक्रिया और चयनित स्टार्टअप्स

समिट के दौरान फंडिंग के लिए कुल 106 आवेदन प्राप्त हुए। विशेषज्ञ टीम ने इनकी गहन समीक्षा के बाद 12 स्टार्टअप्स को शॉर्टलिस्ट किया। इन चयनित स्टार्टअप्स को निवेशकों, बैंकरों और मेंटर्स के समक्ष अपने व्यवसाय मॉडल की प्रस्तुति देने का अवसर मिला। प्रसन्ना कुमार के अनुसार, यदि निवेशकों को ये प्रस्ताव उपयुक्त लगते हैं तो आवश्यक ड्यू डिलिजेंस के बाद वे इन स्टार्टअप्स में निवेश करेंगे।

वैश्विक संभावनाएँ और 'मेक इन इंडिया' को बल

प्रसन्ना कुमार ने यह भी रेखांकित किया कि देश में 5,000 से अधिक स्टार्टअप्स अपने पेटेंट दर्ज करा चुके हैं। उनका कहना था कि भारतीय स्टार्टअप्स न केवल घरेलू बाजार में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकते हैं। ऐसे नवाचार भारत के निर्यात को नई गति देंगे और 'मेक इन इंडिया' तथा 'मेड इन इंडिया' अभियान को और मजबूती प्रदान करेंगे।

आईसीएआई केंद्रीय परिषद का नज़रिया

आईसीएआई के केंद्रीय परिषद सदस्य ज्ञानचंद मिश्रा ने कहा कि सम्मेलन में स्टार्टअप्स को व्यवसाय शुरू करने, निवेश प्राप्त करने, बैंक ऋण की प्रक्रिया और कारोबार को मुख्यधारा में स्थापित करने के व्यावहारिक पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया गया। उन्होंने बताया कि एमएसएमई के सामने आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

आगे की राह

आईसीएआई का यह प्रयास ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब भारत सरकार स्टार्टअप इकोसिस्टम को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने पर जोर दे रही है। गौरतलब है कि भारत वर्तमान में दुनिया के शीर्ष स्टार्टअप देशों में शामिल है। विशेषज्ञों का मानना है कि आईसीएआई जैसे पेशेवर संस्थानों की सक्रिय भागीदारी से स्टार्टअप्स और एमएसएमई को वित्तीय अनुशासन और संरचनात्मक मार्गदर्शन दोनों मिल सकते हैं, जो दीर्घकालिक विकास के लिए अनिवार्य हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 106 में से केवल 12 स्टार्टअप्स के चयन के बाद वास्तव में कितने को निवेश मिलेगा और उसकी निगरानी कैसे होगी। भारत में स्टार्टअप इकोसिस्टम की सबसे बड़ी चुनौती 'पिच-टू-फंडिंग' रूपांतरण दर है, जो वैश्विक औसत से कम बनी हुई है। आईसीएआई की साख और नेटवर्क इस खाई को पाट सकता है — बशर्ते यह समिट एकबारगी आयोजन न रहकर एक सतत फॉलो-अप तंत्र में बदले।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईसीएआई स्केलअप इंडिया समिट 2026 क्या है?
यह भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (आईसीएआई) द्वारा 27 जून 2026 को मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन है, जिसका उद्देश्य स्टार्टअप्स और एमएसएमई को निवेशकों, बैंकरों और मेंटर्स से जोड़ना है। इसमें करीब 3,500 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
समिट में स्टार्टअप्स को फंडिंग कैसे मिलेगी?
फंडिंग के लिए 106 आवेदन आए, जिनमें से विशेषज्ञ टीम ने 12 स्टार्टअप्स का चयन किया। इन्हें निवेशकों और बैंकरों के सामने अपना बिजनेस मॉडल प्रस्तुत करने का अवसर मिला। आईसीएआई अध्यक्ष प्रसन्ना कुमार के अनुसार, उपयुक्त प्रस्तावों पर ड्यू डिलिजेंस के बाद निवेश किया जाएगा।
इस समिट से एमएसएमई को क्या फायदा होगा?
समिट के दूसरे दिन एमएसएमई की चुनौतियों — जैसे बैंक ऋण प्रक्रिया, कारोबार को मुख्यधारा में लाना और वित्तीय अनुशासन — पर विस्तृत चर्चा हुई। आईसीएआई केंद्रीय परिषद सदस्य ज्ञानचंद मिश्रा के अनुसार, इसका लक्ष्य एमएसएमई को विशेषज्ञ मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता से जोड़ना है।
भारत में स्टार्टअप पेटेंट की स्थिति क्या है?
आईसीएआई अध्यक्ष प्रसन्ना कुमार के अनुसार, देश में 5,000 से अधिक स्टार्टअप्स अपने पेटेंट दर्ज करा चुके हैं। ये स्टार्टअप्स ऐसे नवाचारी उत्पाद विकसित कर रहे हैं जिनकी वैश्विक बाजार में भी मांग हो सकती है और जो 'मेक इन इंडिया' अभियान को बल दे सकते हैं।
आईसीएआई स्केलअप समिट में किन्हें शामिल किया गया?
इस समिट में उद्यमी, स्टार्टअप्स, निवेशक, बैंकर, मेंटर्स, इनक्यूबेटर्स और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एक साथ लाए गए। कुल करीब 3,500 प्रतिभागियों ने दो दिनों में इस आयोजन में भाग लिया।
राष्ट्र प्रेस
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