क्या 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' भारत के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बनेगा?
सारांश
Key Takeaways
नई दिल्ली, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' भारत को एक महत्वपूर्ण वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करेगा, जो जिम्मेदार और समावेशी एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भविष्य निर्धारित करेगा।
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा मंगलवार को जारी एक बयान में कहा गया कि 'डिजिटल इंडिया आस्क आवर एक्सपर्ट्स' के 38वें एपिसोड में इस समिट की जानकारी साझा की गई। यह सम्मेलन 16 से 20 फरवरी तक राष्ट्रीय राजधानी में होगा।
विशेषज्ञों ने बताया कि यह समिट तीन मुख्य आधार स्तंभों या 'सूत्रों', लोग, ग्रह और प्रगति, पर आधारित है। इन सूत्रों पर कार्य करने के लिए विभिन्न कार्य समूह 'चक्र' का गठन किया गया है।
मंत्रालय के अनुसार, इन कार्य समूहों से निकलने वाले सुझाव और निर्णय भारत और अन्य विकासशील देशों में एआई से संबंधित नीतियों, कौशल विकास और उनके उपयोग को दिशा प्रदान करेंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस समिट में युवाओं, स्टार्टअप्स, महिला नवोन्मेषकों और छोटे शहरों यानी टियर-2 और टियर-3 शहरों के छात्रों के लिए कई अवसर होंगे, जिनमें एआई और डेटा लैब्स, वैश्विक चुनौतियां, विचार प्रस्तुत करने के कार्यक्रम और 'युवाई ग्लोबल यूथ चैलेंज' शामिल हैं।
मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि 'इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026' के बारे में भी जानकारी दी गई। यह एक्सपो 16 से 20 फरवरी तक भारत मंडपम में आयोजित होगा, जिसमें दिखाया जाएगा कि एआई किस प्रकार शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और प्रशासन जैसे क्षेत्रों में परिवर्तन ला रहा है।
बयान में यह भी कहा गया कि इस दौरान नागरिकों ने एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर, ओपन डेटा एक्सेस, हेल्थकेयर डेटासेट, स्टार्टअप्स की भागीदारी, शासन, तकनीक से वंचित लोगों की भागीदारी और ऑनलाइन भागीदारी पर सवाल उठाए।
विशेषज्ञों ने आश्वासन दिया कि इंडिया एआई ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार कर रहा है, जो खुला, सुरक्षित और सभी के लिए समावेशी होगा। इससे आम लोग, छोटे समूह और सरकारी संस्थाएं भी आसानी से भाग ले सकेंगी।
पिछले सप्ताह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्टार्टअप्स से समाज की भलाई के लिए एआई का उपयोग करने की अपील की थी। उन्होंने अपने निवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर भारतीय एआई स्टार्टअप्स के साथ एक बैठक की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि एआई को सस्ता, सभी के लिए उपयोगी और पारदर्शी बनाया जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं के साथ अपनी बातचीत को यादगार और ज्ञानवर्धक बताया और उनसे समाज के कल्याण के लिए एआई का उपयोग करने की अपील की।
प्रधानमंत्री मोदी ने एआई आधारित स्टार्टअप्स की सराहना करते हुए कहा कि वे ई-कॉमर्स से लेकर सामग्री अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवा जैसे कई क्षेत्रों में अद्भुत कार्य कर रहे हैं।