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गूगल ने 2026 के लिए भारत में एआई स्टार्टअप्स का एक्सेलेरेटर प्रोग्राम लॉन्च किया, आवेदन आमंत्रित

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गूगल ने 2026 के लिए भारत में एआई स्टार्टअप्स का एक्सेलेरेटर प्रोग्राम लॉन्च किया, आवेदन आमंत्रित

सारांश

गूगल ने भारत में अपने 'स्टार्टअप्स एक्सेलेरेटर' के 2026 बैच के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह इक्विटी-फ्री प्रोग्राम एआई आधारित स्टार्टअप्स को सहयोग प्रदान करेगा। जानें इस प्रोग्राम के मुख्य लाभ और शामिल होने की प्रक्रिया!

मुख्य बातें

गूगल का एक्सेलेरेटर प्रोग्राम 2026 में शुरू होगा।
यह इक्विटी-फ्री प्रोग्राम है।
स्टार्टअप्स को एआई में नवाचार के लिए सहायता मिलेगी।
अवसर सीड से सीरीज ए स्टेज के स्टार्टअप्स के लिए है।
आवेदन की अंतिम तिथि 19 अप्रैल है।

नई दिल्ली, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। तकनीकी दिग्गज गूगल ने मंगलवार को भारत में 'स्टार्टअप्स एक्सेलेरेटर' का 2026 बैच शुरू करने के लिए आवेदन प्रक्रिया का उद्घाटन किया है। यह एक तीन महीने का इक्विटी-फ्री प्रोग्राम है, जिसका मुख्य उद्देश्य देश के एआई-आधारित स्टार्टअप्स को सहायता प्रदान करना है।

गूगल इंडिया के अनुसार, यह एक्सेलेरेटर विशेष रूप से उन भारतीय स्टार्टअप्स को टारगेट कर रहा है जो एजेंटिक एआई, मल्टीमॉडल एआई, फिजिकल एआई और सॉवरेन एआई जैसे उभरते क्षेत्रों में कार्यरत हैं। कंपनी का मानना है कि अब एआई का उपयोग केवल प्रयोगात्मक स्तर पर नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर कार्य करने वाले समाधानों की दिशा में बढ़ रहा है।

गूगल ने यह भी बताया कि यह प्रोग्राम उन एआई-फर्स्ट स्टार्टअप्स के लिए खुला है जो सीड से लेकर सीरीज ए स्टेज तक हैं और भारत से संबंधित समस्याओं का समाधान करने या वैश्विक इंडस्ट्री के लिए विशेष मॉडल विकसित करने का प्रयास कर रहे हैं।

2026 बैच में शामिल स्टार्टअप्स को बिना किसी इक्विटी के कई प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिनमें गूगल के एडवांस एआई मॉडल्स जैसे जेमिनी, जेम्मा, इमेजन, वीओ और लिरिया तक पहुंच और तकनीकी सहयोग शामिल है।

इसी के साथ, स्टार्टअप्स को गूगल डीपमाइंड, क्लाउड, हेल्थ और एंड्रॉयड टीमों के विशेषज्ञों से व्यक्तिगत मार्गदर्शन भी प्राप्त होगा। इसके अतिरिक्त, क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर, टीपीयू और क्रेडिट्स का लाभ भी पात्रता के आधार पर दिया जाएगा।

यह कार्यक्रम स्टार्टअप्स को साप्ताहिक ट्रैकिंग और समर्पित प्रबंधकों के माध्यम से उत्पाद, तकनीक और विकास से संबंधित लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायता करेगा।

पिछले बैचों में इस प्रोग्राम के परिणाम बहुत सकारात्मक रहे हैं। डीव्यू जैसे स्टार्टअप्स ने अपने राजस्व में चार गुना वृद्धि की, जबकि सुपरजॉइन ने जेमिनी 3.0 की सहायता से अपनी सटीकता और गति में 50 प्रतिशत सुधार किया। पल्स ने डेटा विश्लेषण के माध्यम से 30 लाख डॉलर के जोखिम वाले राजस्व की पहचान की।

कई स्टार्टअप्स ने एआई का उपयोग करके विभिन्न क्षेत्रों की समस्याओं का समाधान किया है।

एआईस्टेथ ने एक स्मार्ट स्टेथोस्कोप विकसित किया है, जिससे 75,000 से अधिक मरीजों की जांच की गई। वानी एआई ने वॉयस प्रोसेसिंग में सुधार किया, जबकि रेजिलिएंस एआई और वीडियोएसडीके ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में दक्षता में वृद्धि की।

यह एक्सेलेरेटर प्रोग्राम जून के अंत में बेंगलुरु में एक सप्ताह के बूटकैंप के साथ शुरू होगा और अक्टूबर में 'डेमो डे' के साथ समाप्त होगा। आवेदन की प्रक्रिया 19 अप्रैल को समाप्त हो जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा में मजबूती प्रदान करेगा। देश में एआई विकास को गति देने की दिशा में यह एक सकारात्मक पहल है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गूगल का एक्सेलेरेटर प्रोग्राम कब शुरू होगा?
यह प्रोग्राम जून के अंत में बेंगलुरु में बूटकैंप के साथ शुरू होगा।
कौन से स्टार्टअप्स इस प्रोग्राम में आवेदन कर सकते हैं?
यह प्रोग्राम एआई-फर्स्ट स्टार्टअप्स के लिए खुला है जो सीड से लेकर सीरीज ए स्टेज तक हैं।
इस प्रोग्राम का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य भारत के एआई आधारित स्टार्टअप्स को सहयोग और तकनीकी समर्थन प्रदान करना है।
आवेदन की प्रक्रिया कब समाप्त होगी?
आवेदन प्रक्रिया 19 अप्रैल को समाप्त होगी।
स्टार्टअप्स को क्या सुविधाएं मिलेंगी?
स्टार्टअप्स को गूगल के एआई मॉडल्स, व्यक्तिगत मेंटरशिप और क्लाउड सेवाओं का लाभ मिलेगा।
राष्ट्र प्रेस
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