पुणे एसिड अटैक: 24 घंटे में कर्नाटक के हुबली से गिरफ्तार हुआ आरोपी श्रीराम सावनेर

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पुणे एसिड अटैक: 24 घंटे में कर्नाटक के हुबली से गिरफ्तार हुआ आरोपी श्रीराम सावनेर

सारांश

पुणे के ताडीवाला रोड पर 20 मई की रात प्रेम विवाद में एक युवती पर एसिड फेंका गया। 50 से अधिक सीसीटीवी फुटेज, ट्रेन ट्रैकिंग और RPF के सहयोग से पुणे क्राइम ब्रांच ने महज 24 घंटे में आरोपी श्रीराम सावनेर को कर्नाटक के हुबली से दबोच लिया।

मुख्य बातें

20 मई 2026 की रात करीब डेढ़ बजे पुणे के ताडीवाला रोड पर युवती पर एसिड फेंका गया, वह गंभीर रूप से झुलस गई।
आरोपी श्रीराम वधु सावनेर (30 वर्ष) , मूल निवासी बैतूल, मध्यप्रदेश , को 24 घंटे के भीतर हुबली, कर्नाटक से गिरफ्तार किया गया।
आरोपी चालुक्य एक्सप्रेस से फरार हुआ था और सफर में तीन बार कपड़े बदले ।
पुलिस ने 50 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले और RPF के सहयोग से हुबली में जाल बिछाकर गिरफ्तारी की।
बंडगार्डन पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज; जाँच जारी।

पुणे के ताडीवाला रोड इलाके में 20 मई 2026 की रात करीब डेढ़ बजे एक युवती पर एसिड फेंके जाने की घटना सामने आई, जिसमें वह गंभीर रूप से झुलस गई। पुलिस के अनुसार, यह हमला प्रेम संबंधों में विवाद के चलते हुआ। घटना के महज 24 घंटे के भीतर पुणे क्राइम ब्रांच ने आरोपी को कर्नाटक के हुबली से गिरफ्तार कर लिया।

घटनाक्रम: कैसे हुआ हमला

ताडीवाला रोड पर देर रात आरोपी ने युवती पर अचानक एसिड फेंक दिया। हमला इतना गंभीर था कि युवती बुरी तरह झुलस गई। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल उसे अस्पताल पहुँचाया। इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए बंडगार्डन पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने पुणे क्राइम ब्रांच की खंडणी विरोधी पथक-2 और यूनिट-6 को जाँच की जिम्मेदारी सौंपी।

पुलिस की तकनीकी जाँच और पीछा

जाँच दल ने घटनास्थल के आसपास के 50 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में एक संदिग्ध युवक घटना के बाद पुणे रेलवे स्टेशन की दिशा में भागता दिखा। जाँच में खुलासा हुआ कि आरोपी चालुक्य एक्सप्रेस ट्रेन से फरार हुआ था।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पहचान छिपाने के लिए सफर के दौरान तीन बार कपड़े बदले और लगातार ठिकाने बदलता रहा। तकनीकी निगरानी और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने उसकी सटीक लोकेशन का पता लगाया।

हुबली में गिरफ्तारी

पुणे क्राइम ब्रांच की टीम ने रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के सहयोग से हुबली के गोलक रोड इलाके के पास जाल बिछाया और आरोपी को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान श्रीराम वधु सावनेर (30 वर्ष) के रूप में हुई, जो मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के आमला तहसील के तारण वाडा इलाके का निवासी बताया जा रहा है।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि प्रेम संबंधों में विवाद के कारण उसने युवती पर एसिड फेंका।

जाँच दल का नेतृत्व

यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधिकारियों अमितेश कुमार, संजय पाटिल, तेजस्विनी सातपुते, गौहर हसन और राजेंद्र मुलिक के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। पुलिस अब मामले की आगे की जाँच जारी रखे हुए है।

आगे की कार्रवाई

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में एसिड अटैक की घटनाओं के विरुद्ध कड़े कानूनी प्रावधानों की माँग बढ़ रही है। गौरतलब है कि भारतीय न्याय संहिता में एसिड हमले के लिए कठोर दंड का प्रावधान है। पुलिस के अनुसार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की प्रक्रिया जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ट्रेन ट्रैकिंग और अंतर-राज्यीय समन्वय ने 24 घंटे में गिरफ्तारी सुनिश्चित की। लेकिन असली सवाल यह है कि एसिड इतनी आसानी से उपलब्ध कैसे हुआ — सर्वोच्च न्यायालय के 2013 के निर्देशों के बावजूद एसिड की खुली बिक्री पर रोक अधूरी है। गिरफ्तारी की तेज़ी सराहनीय है, पर पीड़िता के उपचार और पुनर्वास की दीर्घकालिक जिम्मेदारी भी उतनी ही अहम है।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुणे एसिड अटैक की घटना कब और कहाँ हुई?
यह घटना 20 मई 2026 की रात करीब डेढ़ बजे पुणे के ताडीवाला रोड इलाके में हुई। आरोपी ने प्रेम संबंधों में विवाद के चलते युवती पर एसिड फेंका, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गई।
आरोपी को कहाँ से और कैसे गिरफ्तार किया गया?
पुणे क्राइम ब्रांच ने RPF के सहयोग से आरोपी श्रीराम वधु सावनेर को कर्नाटक के हुबली में गोलक रोड के पास से गिरफ्तार किया। CCTV फुटेज और तकनीकी निगरानी से पता चला कि वह चालुक्य एक्सप्रेस से फरार हुआ था।
गिरफ्तार आरोपी कौन है?
आरोपी की पहचान श्रीराम वधु सावनेर (30 वर्ष) के रूप में हुई है। वह मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के आमला तहसील के तारण वाडा इलाके का निवासी बताया जा रहा है।
पुलिस ने आरोपी को इतनी जल्दी कैसे पकड़ा?
पुलिस ने 50 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले, जिनमें आरोपी पुणे स्टेशन की ओर भागता दिखा। इसके बाद तकनीकी जाँच और गुप्त सूचना के आधार पर उसकी लोकेशन का पता लगाया गया और RPF की मदद से हुबली में गिरफ्तारी की गई।
इस मामले में कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
बंडगार्डन पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की आगे की जाँच जारी रखे हुए है।
राष्ट्र प्रेस
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