पुणे एसिड अटैक: 24 घंटे में कर्नाटक के हुबली से गिरफ्तार हुआ आरोपी श्रीराम सावनेर
सारांश
मुख्य बातें
पुणे के ताडीवाला रोड इलाके में 20 मई 2026 की रात करीब डेढ़ बजे एक युवती पर एसिड फेंके जाने की घटना सामने आई, जिसमें वह गंभीर रूप से झुलस गई। पुलिस के अनुसार, यह हमला प्रेम संबंधों में विवाद के चलते हुआ। घटना के महज 24 घंटे के भीतर पुणे क्राइम ब्रांच ने आरोपी को कर्नाटक के हुबली से गिरफ्तार कर लिया।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हमला
ताडीवाला रोड पर देर रात आरोपी ने युवती पर अचानक एसिड फेंक दिया। हमला इतना गंभीर था कि युवती बुरी तरह झुलस गई। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल उसे अस्पताल पहुँचाया। इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बंडगार्डन पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने पुणे क्राइम ब्रांच की खंडणी विरोधी पथक-2 और यूनिट-6 को जाँच की जिम्मेदारी सौंपी।
पुलिस की तकनीकी जाँच और पीछा
जाँच दल ने घटनास्थल के आसपास के 50 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में एक संदिग्ध युवक घटना के बाद पुणे रेलवे स्टेशन की दिशा में भागता दिखा। जाँच में खुलासा हुआ कि आरोपी चालुक्य एक्सप्रेस ट्रेन से फरार हुआ था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पहचान छिपाने के लिए सफर के दौरान तीन बार कपड़े बदले और लगातार ठिकाने बदलता रहा। तकनीकी निगरानी और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने उसकी सटीक लोकेशन का पता लगाया।
हुबली में गिरफ्तारी
पुणे क्राइम ब्रांच की टीम ने रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के सहयोग से हुबली के गोलक रोड इलाके के पास जाल बिछाया और आरोपी को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान श्रीराम वधु सावनेर (30 वर्ष) के रूप में हुई, जो मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के आमला तहसील के तारण वाडा इलाके का निवासी बताया जा रहा है।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि प्रेम संबंधों में विवाद के कारण उसने युवती पर एसिड फेंका।
जाँच दल का नेतृत्व
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधिकारियों अमितेश कुमार, संजय पाटिल, तेजस्विनी सातपुते, गौहर हसन और राजेंद्र मुलिक के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। पुलिस अब मामले की आगे की जाँच जारी रखे हुए है।
आगे की कार्रवाई
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में एसिड अटैक की घटनाओं के विरुद्ध कड़े कानूनी प्रावधानों की माँग बढ़ रही है। गौरतलब है कि भारतीय न्याय संहिता में एसिड हमले के लिए कठोर दंड का प्रावधान है। पुलिस के अनुसार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की प्रक्रिया जारी है।