शिमला: छात्रा पर पत्थर से हमला, आरोपी अक्षय ठाकुर गिरफ्तार — पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज
सारांश
Key Takeaways
- 21 अप्रैल 2025 को शिमला के संजौली के पास स्कूल से लौट रही 10वीं कक्षा की छात्रा पर पत्थर से जानलेवा हमला हुआ।
- आरोपी अक्षय ठाकुर (25), ढली, शिमला को घटना के दो दिन बाद बुधवार रात गिरफ्तार किया गया।
- आरोपी पर बीएनएस की 5 धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 18 भी लगाई गई है।
- मेडिकल जांच में आरोपी के नशे में होने की पुष्टि नहीं हुई।
- घायल छात्रा आईजीएमसी में भर्ती रही, अब हालत स्थिर है और अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है।
- घटना के बाद शिमला में स्कूलों, पार्किंग और सुनसान इलाकों में पुलिस गश्त कड़ी कर दी गई है।
शिमला, 23 अप्रैल। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली इलाके के पास एक गांव में 21 अप्रैल को 10वीं कक्षा की एक छात्रा पर स्कूल से घर लौटते वक्त पत्थर से जानलेवा हमला किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बुधवार रात आरोपी अक्षय ठाकुर (25), निवासी ढली, शिमला को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराओं के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया है।
घटना का पूरा घटनाक्रम
21 अप्रैल की दोपहर जब छात्रा स्कूल से घर की ओर लौट रही थी, तभी संजौली के निकट एक सुनसान जंगली रास्ते पर आरोपी ने उसे रोककर उसका सामान छीनने की कोशिश की। छात्रा के विरोध करने और शोर मचाने पर आरोपी ने उसके सिर पर पत्थर से वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
छात्रा की चीख-पुकार सुनकर वहां से गुजर रहे अन्य छात्र मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुका था। साथियों ने किसी तरह घायल छात्रा को सड़क तक पहुंचाया, जहां से उसे इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी), शिमला में भर्ती कराया गया।
फिलहाल छात्रा की हालत में सुधार बताया जा रहा है और उसे अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है। पीड़िता का विस्तृत बयान अभी दर्ज किया जाना बाकी है।
आरोपी की गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने घटना के दो दिन बाद बुधवार रात आरोपी अक्षय ठाकुर को हिरासत में लिया। पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने बताया कि आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें उसके नशे में होने की पुष्टि नहीं हुई।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 109 (हत्या का प्रयास), धारा 64, धारा 78 (स्टॉकिंग), धारा 126(2) (गलत तरीके से रोकना) और धारा 115(2) (जानबूझकर चोट पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अतिरिक्त पॉक्सो एक्ट की धारा 18 भी लगाई गई है, जो नाबालिग पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।
सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव
इस घटना के बाद शिमला पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। शहर में स्कूलों के आसपास, पार्किंग स्थलों, सुनसान इलाकों और ऐसे स्थानों पर जहां नशेड़ियों के जमावड़े की आशंका रहती है, वहां गश्त कई गुना बढ़ा दी गई है।
पुलिस ने स्थानीय नागरिकों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
व्यापक संदर्भ: हिमाचल में बढ़ती आपराधिक घटनाएं
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब हाल ही में हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में एक कॉलेज छात्र की हत्या का मामला सुर्खियों में था। लगातार हो रही इन घटनाओं ने पहाड़ी राज्य में कानून-व्यवस्था और छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि शिमला जैसे पर्यटन-प्रधान शहरों में सुनसान रास्तों पर सीसीटीवी कैमरों की कमी और पुलिस की सीमित उपस्थिति इस तरह की वारदातों को बढ़ावा देती है। राज्य सरकार को इस दिशा में ठोस नीतिगत कदम उठाने की जरूरत है।
आने वाले दिनों में पीड़िता का बयान दर्ज होने के बाद मामले की जांच और आगे बढ़ेगी। अदालत में चार्जशीट दाखिल होने पर आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही तेज होगी। इस मामले पर राष्ट्र प्रेस की नजर बनी रहेगी।