पुणे पुलिस की मिसाल: 6 वर्षीय बच्ची से यौन शोषण के आरोपी को 24 घंटे में गिरफ्तार, चार्जशीट दाखिल

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पुणे पुलिस की मिसाल: 6 वर्षीय बच्ची से यौन शोषण के आरोपी को 24 घंटे में गिरफ्तार, चार्जशीट दाखिल

सारांश

पुणे पुलिस ने 6 वर्षीय बच्ची से यौन शोषण के आरोपी को महज 24 घंटों में गिरफ्तार कर अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी — पोक्सो मामलों में यह गति दुर्लभ है। यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब पुणे में बाल यौन शोषण की कई घटनाएँ सामने आई हैं और त्वरित न्याय की माँग तेज़ हो रही है।

मुख्य बातें

पुणे पुलिस ने 8 मई 2026 को 24 घंटों के भीतर 6 वर्षीय बच्ची से यौन शोषण के आरोपी को गिरफ्तार कर चार्जशीट दाखिल की।
आरोपी श्रीधर लिंबाजी कांबले (46 वर्ष) पर BNS 2023 की धारा 74 और पोक्सो अधिनियम की धारा 8 व 12 के तहत मामला दर्ज।
मामला हवेली तालुका, थेउर क्षेत्र का है; शिकायत लोणी कालभोर पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई।
6 मई को पार्वती स्लम में 9 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म की कोशिश और 1 मई को नसरापुर में नाबालिग से दुष्कर्म व हत्या की घटनाएँ भी सामने आई हैं।
अब मामले की सुनवाई पोक्सो विशेष न्यायालय में होगी।

पुणे पुलिस ने 8 मई 2026 को बाल सुरक्षा के मामले में एक अभूतपूर्व कार्रवाई करते हुए हवेली तालुका के थेउर क्षेत्र में 6 वर्षीय बच्ची के साथ यौन शोषण करने वाले आरोपी को महज 24 घंटों के भीतर गिरफ्तार किया और उसके खिलाफ अदालत में चार्जशीट भी दाखिल कर दी। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई को बाल अपराध मामलों में त्वरित न्याय की दिशा में एक मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।

मामले का घटनाक्रम

पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, 46 वर्षीय आरोपी श्रीधर लिंबाजी कांबले ने खेल रही 6 साल की बच्ची को खाने की चीज का लालच देकर अपने पास बुलाया और उसके साथ यौन शोषण किया। जब बच्ची की माँ को इस घटना की जानकारी हुई, तो उन्होंने तुरंत लोणी कालभोर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। अपराध की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फौरन कार्रवाई शुरू की और आरोपी को उसके छिपने की जगह से ट्रैक कर हिरासत में ले लिया।

कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने आरोपी कांबले के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 74 तथा पोक्सो अधिनियम, 2012 की धारा 8 और धारा 12 के तहत मामला दर्ज किया। जाँच टीम ने सबूत इकट्ठा करने में तेज़ी दिखाई और आरोपी को कड़ी से कड़ी सज़ा दिलाने के उद्देश्य से एक ही दिन के भीतर अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। यह कदम पोक्सो मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में उल्लेखनीय है।

पुणे में बाल यौन शोषण की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि पुणे में नाबालिग बच्चियों से यौन शोषण की यह पहली घटना नहीं है। 6 मई को पुणे के पार्वती स्लम इलाके में एक 9 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म की कोशिश की गई, जहाँ आरोपी पीड़िता का रिश्तेदार था। पुलिस ने उस मामले में भी आरोपी को गिरफ्तार किया। इससे पहले 1 मई को भोर तहसील के नसरापुर इलाके में एक 65 वर्षीय व्यक्ति ने एक नाबालिग बच्ची को बहाने से ले जाकर दुष्कर्म किया और फिर उसकी हत्या कर दी। आरोपी ने शव को गोबर के ढेर के नीचे छिपाने की भी कोशिश की थी। उस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहाँ से उसे 7 मई तक पुलिस हिरासत में भेजा गया।

आम जनता और बाल सुरक्षा पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में बाल यौन शोषण के मामलों में त्वरित न्याय की माँग तेज़ हो रही है। पुणे पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल पीड़ित परिवार को राहत मिली, बल्कि यह संदेश भी गया कि ऐसे अपराधों में कानून तेज़ी से काम कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि पोक्सो मामलों में चार्जशीट दाखिल करने की यह गति अन्य पुलिस इकाइयों के लिए भी अनुकरणीय हो सकती है।

आगे क्या होगा

अदालत में चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामले की सुनवाई पोक्सो विशेष न्यायालय में होगी। आरोपी श्रीधर लिंबाजी कांबले के खिलाफ पोक्सो अधिनियम के तहत कड़ी सज़ा का प्रावधान है, जिसमें न्यूनतम 8 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सज़ा हो सकती है। पुणे पुलिस की यह कार्रवाई बाल सुरक्षा के प्रति संस्थागत प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह एक कड़वी सच्चाई को भी उजागर करती है — मई के पहले आठ दिनों में पुणे में नाबालिग बच्चियों से जुड़े कम से कम तीन गंभीर मामले सामने आए। चार्जशीट दाखिल करने की गति महत्वपूर्ण है, पर असली परीक्षा अदालत में दोषसिद्धि दर की है, जो पोक्सो मामलों में राष्ट्रीय स्तर पर अभी भी चिंताजनक रूप से कम है। गिरफ्तारी और चार्जशीट से लेकर सज़ा तक की पूरी प्रक्रिया को मज़बूत किए बिना, ऐसी मिसालें प्रणालीगत बदलाव नहीं ला सकतीं।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुणे पुलिस ने 24 घंटे में क्या कार्रवाई की?
पुणे पुलिस ने 8 मई 2026 को 6 वर्षीय बच्ची से यौन शोषण के आरोपी श्रीधर लिंबाजी कांबले को 24 घंटों के भीतर गिरफ्तार किया और उसी दिन अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। यह कार्रवाई पोक्सो मामलों में असाधारण रूप से तेज़ मानी जा रही है।
आरोपी के खिलाफ कौन-कौन सी धाराएँ लगाई गई हैं?
आरोपी श्रीधर लिंबाजी कांबले के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 74 और पोक्सो अधिनियम, 2012 की धारा 8 व धारा 12 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पोक्सो अधिनियम के तहत दोषसिद्ध होने पर न्यूनतम 8 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सज़ा हो सकती है।
यह घटना कहाँ की है और पीड़िता कौन है?
यह मामला पुणे के हवेली तालुका के थेउर क्षेत्र का है, जहाँ 6 वर्षीय एक बच्ची के साथ यौन शोषण हुआ। पीड़िता की माँ ने लोणी कालभोर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी।
पुणे में हाल ही में नाबालिगों से जुड़े और कौन-से मामले सामने आए हैं?
6 मई को पुणे के पार्वती स्लम इलाके में 9 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म की कोशिश हुई, जिसमें आरोपी पीड़िता का रिश्तेदार था। 1 मई को भोर तहसील के नसरापुर में 65 वर्षीय व्यक्ति ने नाबालिग से दुष्कर्म कर हत्या की और शव छिपाने की कोशिश की — उस मामले में आरोपी को 7 मई तक पुलिस हिरासत में भेजा गया।
अब इस मामले में आगे क्या होगा?
चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामले की सुनवाई पोक्सो विशेष न्यायालय में होगी। आरोपी कांबले को न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा और अदालत में साक्ष्यों के आधार पर सज़ा तय की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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