पुणे के पार्वती स्लम में 9 साल की बच्ची से नाना ने की दुष्कर्म की कोशिश, गिरफ्तार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पुणे के पार्वती स्लम में 9 साल की बच्ची से नाना ने की दुष्कर्म की कोशिश, गिरफ्तार

सारांश

पुणे के पार्वती स्लम में एक 9 साल की बच्ची के साथ उसके सगे नाना ने कथित दुष्कर्म की कोशिश की — यह घटना तब सामने आई जब नसरापुर में एक नाबालिग की हत्या के बाद से जिले में पहले से ही आक्रोश था। आरोपी गिरफ्तार, पीड़ित अस्पताल में।

मुख्य बातें

पुणे के पार्वती स्लम में 6 मई को 9 साल की नाबालिग से उसके सगे नाना ने कथित तौर पर दुष्कर्म की कोशिश की।
जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस रंजन कुमार शर्मा ने पुष्टि की कि आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है।
पीड़ित बच्ची को तत्काल अस्पताल भेजा गया, डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी है।
1 मई को नसरापुर में एक 65 वर्षीय आरोपी द्वारा नाबालिग से दुष्कर्म व हत्या के मामले में आरोपी 7 मई तक पुलिस हिरासत में है।
पुणे जिले में बच्चों के खिलाफ अपराध की लगातार घटनाओं से जनमानस में गहरा आक्रोश है।

पुणे के पार्वती स्लम इलाके में 6 मई को एक 9 साल की नाबालिग बच्ची के साथ उसके सगे नाना ने कथित तौर पर दुष्कर्म की कोशिश की। घटना की सूचना मिलते ही पार्वती पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुँची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। पीड़ित बच्ची को तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहाँ उसका मेडिकल परीक्षण किया जा रहा है।

घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, यह मामला पुणे के पार्वती स्लम इलाके का है, जहाँ आरोपी नाना ने अपनी ही बेटी की मासूम बच्ची के साथ दुर्व्यवहार करने की कोशिश की। घटना की भनक लगते ही मौके पर लोगों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई, जिसके बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लिया।

पुलिस की कार्रवाई

जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस रंजन कुमार शर्मा ने बताया कि आरोपी नाना को हिरासत में लेकर पुलिस स्टेशन लाया गया है, जहाँ उससे पूछताछ जारी है। उन्होंने कहा कि मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया जा रहा है और दोषी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पीड़ित बच्ची की स्थिति

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पीड़ित 9 साल की बच्ची को घटना के तुरंत बाद अस्पताल पहुँचाया गया। डॉक्टरों की निगरानी में उसका मेडिकल चेकअप और इलाज जारी है। बाल संरक्षण संबंधी प्रक्रियाओं के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।

पुणे में बढ़ती घटनाओं पर चिंता

यह ऐसे समय में आया है जब पुणे जिले में बच्चों के विरुद्ध अपराध की घटनाएँ पहले से ही चर्चा में हैं। गौरतलब है कि 1 मई को भोर तहसील के नसरापुर इलाके में एक 65 वर्षीय व्यक्ति ने एक नाबालिग बच्ची को बहाने से ले जाकर कथित तौर पर दुष्कर्म किया और फिर उसकी हत्या कर दी थी। आरोपी ने शव को गोबर के ढेर के नीचे छिपाने की कोशिश भी की थी। उस मामले में गिरफ्तार आरोपी को अदालत ने 7 मई तक पुलिस हिरासत में भेजा है।

आगे क्या होगा

नसरापुर की घटना के बाद से लोगों में पहले से आक्रोश था, और पार्वती की इस नई घटना ने जनमानस को और झकझोर दिया है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोनों मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। बाल सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पारिवारिक दायरे में होने वाले ऐसे अपराध अक्सर रिपोर्ट नहीं होते, जिससे इनकी वास्तविक संख्या और भी अधिक हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और जब सामने आते हैं तो भीड़ की प्रतिक्रिया तो होती है, लेकिन संरचनात्मक बदलाव नहीं। पॉक्सो कानून के बावजूद दोषसिद्धि दर और त्वरित न्याय की स्थिति अभी भी चिंताजनक है। असली सवाल यह है कि क्या प्रशासन इन घटनाओं को सिर्फ कानून-व्यवस्था की समस्या मानता रहेगा, या बाल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए सामुदायिक स्तर पर ठोस कदम उठाएगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुणे पार्वती स्लम में क्या घटना हुई?
6 मई 2026 को पुणे के पार्वती स्लम इलाके में एक 9 साल की नाबालिग बच्ची के साथ उसके सगे नाना ने कथित तौर पर दुष्कर्म की कोशिश की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और पीड़ित बच्ची को अस्पताल भेजा गया है।
आरोपी के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई है?
जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस रंजन कुमार शर्मा के अनुसार, आरोपी नाना को हिरासत में लेकर पुलिस स्टेशन लाया गया है और पूछताछ जारी है। पुलिस ने कहा है कि दोषी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुणे के नसरापुर मामले से इसका क्या संबंध है?
1 मई 2026 को भोर तहसील के नसरापुर इलाके में एक 65 वर्षीय व्यक्ति ने नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी थी और शव छिपाने की कोशिश की थी। उस मामले के आरोपी को अदालत ने 7 मई तक पुलिस हिरासत में भेजा है — दोनों घटनाएँ पुणे जिले में बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाती हैं।
पीड़ित बच्ची की अभी क्या स्थिति है?
पुलिस के अनुसार, पीड़ित 9 साल की बच्ची को घटना के तुरंत बाद अस्पताल भेजा गया है, जहाँ डॉक्टरों की निगरानी में उसका मेडिकल चेकअप और इलाज जारी है।
पॉक्सो कानून के तहत इस मामले में क्या होगा?
चूँकि पीड़ित नाबालिग है, इसलिए यह मामला पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत दर्ज होने की संभावना है, जो बच्चों के यौन शोषण के मामलों में कठोर सजा का प्रावधान करता है। पुलिस ने कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है, हालाँकि आधिकारिक धाराओं की पुष्टि अभी बाकी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले