जम्मू-कश्मीर: सेना ने मेंढर नाले में बेहोश मिली 14-16 वर्षीय किशोरी को बचाया
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय सेना के जवानों ने 4 सितंबर को जम्मू-कश्मीर के मनकोट इलाके में बलनोई के समीप मेंढर नाले में बेहोश अवस्था में पड़ी एक अज्ञात किशोरी को सफलतापूर्वक बचाया। लड़की की अनुमानित आयु 14 से 16 वर्ष बताई जा रही है और उसे तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बचाव अभियान का घटनाक्रम
सेना के जवानों ने नाले में बेहोश पड़ी किशोरी को देखते ही तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। लड़की को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद जवानों ने आईसीपीपी मनकोट को घटना की सूचना दी। आईसीपीपी परवेज अली ने बिना देर किए मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया।
इसके बाद लड़की को मेंढर के सब-डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल (एसडीएच) पहुँचाया गया, जहाँ उसे उपचार के लिए भर्ती कर लिया गया। जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान भी मौके पर पहुँचे और बचाव कार्य में सक्रिय सहयोग दिया।
पहचान और कारण अज्ञात
अधिकारियों के अनुसार, अभी तक लड़की की पहचान स्थापित नहीं हो सकी है और न ही यह स्पष्ट हो पाया है कि वह नाले में किन परिस्थितियों में बेहोश अवस्था में मिली। जाँच जारी है और संबंधित अधिकारी मामले की तह तक जाने में जुटे हैं।
स्थानीय जनता की प्रतिक्रिया
पीर पंजाल क्षेत्र के निवासियों ने सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की मुक्त कंठ से सराहना की। स्थानीय लोगों का कहना है कि सेना हमेशा इस क्षेत्र की आबादी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रही है, विशेषकर संकट की घड़ियों में।
निवासियों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस की भी प्रशंसा की कि उसने बिना किसी विलंब के बचाई गई किशोरी को अस्पताल पहुँचाना सुनिश्चित किया। यह घटना सुरक्षा बलों की मानवीय संवेदनशीलता और नागरिक सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
आगे की स्थिति
किशोरी का अस्पताल में उपचार जारी है। पुलिस लड़की की पहचान और घटना की परिस्थितियों का पता लगाने के प्रयास कर रही है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जैसे ही कोई ठोस जानकारी सामने आएगी, उसे सार्वजनिक किया जाएगा।