क्या हिमाचल प्रदेश के शिकारी देवी मंदिर में दर्शन के दौरान 9 लोग जंगल में फंस गए?

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क्या हिमाचल प्रदेश के शिकारी देवी मंदिर में दर्शन के दौरान 9 लोग जंगल में फंस गए?

सारांश

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में शिकारी देवी मंदिर में दर्शन करने गए 9 लोग जंगल में फंस गए। एसडीआरएफ की टीम ने रातभर चली सर्च ऑपरेशन के बाद सभी को सुरक्षित निकाला। जानिये इस रेस्क्यू ऑपरेशन की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

सुरक्षा उपायों का पालन करें।
जंगल में जाने से पहले मौसम का ध्यान रखें।
आपात स्थिति में प्रशासन से तुरंत संपर्क करें।
स्थानीय प्रशासन की तत्परता महत्वपूर्ण है।
खुद को सुरक्षित रखें और दूसरों की मदद करें।

मंडी, 24 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में स्थित शिकारी देवी मंदिर में दर्शन करने गए 9 व्यक्ति जंगल में फंस गए। इनमें से तीन छोटे बच्चे भी शामिल हैं। पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने एक सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी को सुरक्षित बाहर निकाला है।

जानकारी मिली है कि ये लोग सुंदरनगर, बल्ह और बग्गी के निवासी हैं। बताया गया कि माता शिकारी देवी के दर्शन के बाद, दोपहर में मौसम बिगड़ गया। इसके बाद ये लोग जंगल के शॉर्टकट से नीचे उतरने लगे, लेकिन रास्ता भटक गए और एक नाले के पास फंस गए। जब ये लोग लौटकर नहीं आए, तो उनके परिजनों ने पुलिस और प्रशासन को सूचित किया।

फंसे हुए लोगों के मोबाइल बंद होने के कारण उनकी तलाश में कठिनाई आ रही थी। एसडीआरएफ के जवानों ने रात भर सर्च ऑपरेशन जारी रखा और अपने अनुभव के आधार पर उनका पता लगाया। भारी बारिश और ठंड के बावजूद जवानों ने उन तक पहुंचकर पानी और खाने का सामान उपलब्ध कराया और उन्हें सुरक्षित रेस्क्यू किया।

मंडी की एसपी साक्षी वर्मा ने बताया कि सभी लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। सूचना मिलने के बाद रात 11 बजे एसडीआरएफ की टीम जंजहैली के लिए रवाना हुई थी। रात 2 बजे रुहाड़ा क्षेत्र में पहुंचकर खोज-बचाव अभियान शुरू किया। लगभग सुबह साढ़े 6 बजे सभी को ढूंढने में सफलता प्राप्त हुई है। एसडीएम थुनाग मनु वर्मा पूरी रात स्थल पर मौजूद रहीं और बचाव कार्य की निगरानी करती रहीं।

पुलिस, राजस्व विभाग, होम गार्ड, दमकल और स्थानीय स्वयंसेवकों की टीमों ने मिलकर कठिन परिस्थितियों में यह अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया। फंसे हुए लोगों में सुंदरनगर के कनैड निवासी राजेंद्र कुमार, उनकी पत्नी विद्या देवी, बेटा जगमोहन और बहू शिवानी शामिल थे। इनके साथ हरीश कुमार, रश्मि, अयारा, त्रिकुंज और आरती भी थे। ये सभी आपस में रिश्तेदार हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यह घटना हमें स्थानीय प्रशासन की तत्परता और साहस का भी उदाहरण देती है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या सभी फंसे लोग सुरक्षित हैं?
हाँ, सभी फंसे लोग सुरक्षित हैं और उन्हें एसडीआरएफ ने रेस्क्यू किया।
रेस्क्यू ऑपरेशन में कितने समय लगा?
रेस्क्यू ऑपरेशन में लगभग रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक का समय लगा।
फंसे लोग किस इलाके के निवासी थे?
फंसे हुए लोग सुंदरनगर, बल्ह और बग्गी के निवासी थे।
क्या फंसे लोगों को खाने और पानी की सुविधा मिली?
जी हाँ, एसडीआरएफ के जवानों ने उन्हें पानी और खाने का सामान उपलब्ध कराया।
क्या पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की?
हाँ, सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें तुरंत घटनास्थल पर रवाना हुईं।
राष्ट्र प्रेस
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