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पाकिस्तानी सेना पर ISKP को पनाह देने का आरोप, MEMRI रिपोर्ट ने दक्षिण एशिया में बढ़ते खतरे की चेतावनी दी

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पाकिस्तानी सेना पर ISKP को पनाह देने का आरोप, MEMRI रिपोर्ट ने दक्षिण एशिया में बढ़ते खतरे की चेतावनी दी

सारांश

MEMRI की रिपोर्ट पाकिस्तानी सेना पर गंभीर आरोप लगाती है — ISKP को रणनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल करने का। तालिबान से बिगड़ते रिश्ते, CPEC पर बलूच हमले और बीजिंग की नाराज़गी के बीच यह रिपोर्ट दक्षिण एशिया की बदलती सुरक्षा तस्वीर को उजागर करती है।

मुख्य बातें

MEMRI की रिपोर्ट में पाकिस्तानी सेना पर ISKP/ISIS-K को शरण देने और अफगानिस्तान में हवाई हमले करने का आरोप लगाया गया है।
30 जून 2026 को अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर संदिग्ध ड्रोन गतिविधियाँ दर्ज की गईं।
रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ISKP का उपयोग अफगान तालिबान और बलूच विद्रोही समूहों पर दबाव बनाने के लिए कर सकता है।
CPEC परियोजनाओं पर बलूच हमलों के बाद बीजिंग ने पाकिस्तान को सुरक्षा चिंताओं से अवगत कराया; फील्ड मार्शल असीम मुनीर पर दबाव बढ़ा।
रिपोर्ट ने पश्चिमी देशों से पाकिस्तान को दी जाने वाली सहायता को ISKP-विरोधी स्वतंत्र निगरानी से जोड़ने की अपील की।

अमेरिका स्थित मिडिल ईस्ट मीडिया रिसर्च इंस्टीट्यूट (MEMRI) की एक नई रिपोर्ट में कथित तौर पर यह दावा किया गया है कि पाकिस्तानी सेना आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रोविंस (ISKP/ISIS-K) को शरण दे रही है और साथ ही आतंकवाद-विरोधी अभियान की आड़ में अफगानिस्तान में हवाई हमले कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार, यह रणनीति तालिबान सरकार पर दबाव बनाने और पश्चिमी देशों के समक्ष कड़ी छवि प्रस्तुत करने के दोहरे उद्देश्य से अपनाई जा रही है।

मुख्य आरोप और साक्ष्य

MEMRI रिपोर्ट में कहा गया है कि 30 जून 2026 को अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर ड्रोन गतिविधियाँ देखी गईं, जो कथित तौर पर ISKP के ठिकानों से जुड़ी थीं। रिपोर्ट के अनुसार, 'उपलब्ध साक्ष्य संकेत देते हैं कि पाकिस्तान ISKP को वैचारिक समर्थन के बजाय रणनीतिक उपकरण के रूप में इस्तेमाल कर सकता है, ताकि अफगान तालिबान और बलूच विद्रोही समूहों पर दबाव बनाया जा सके।' रिपोर्ट ने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान दशकों से भारत और अफगानिस्तान के संदर्भ में आतंकी नेटवर्कों के उपयोग की रणनीति अपनाता रहा है।

पाक-तालिबान संबंधों में गिरावट

अगस्त 2021 में तालिबान की अफगानिस्तान में सत्ता वापसी के बाद से पाकिस्तान और तालिबान के संबंध लगातार बिगड़ते रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, सीमा पर झड़पें बढ़ी हैं और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के हमलों ने पाकिस्तान की सुरक्षा चिंताओं को और गहरा किया है। कतर, तुर्की और चीन की मध्यस्थता के प्रयास भी दोनों पक्षों के बीच तनाव कम करने में नाकाम रहे हैं।

बलूचिस्तान और CPEC पर खतरा

बलूच सशस्त्र समूहों ने बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) से जुड़े प्रतिष्ठानों पर हमले तेज़ किए हैं। चीनी नागरिकों और परियोजनाओं की सुरक्षा को लेकर बीजिंग ने पाकिस्तान को अपनी चिंताओं से अवगत कराया है, जिससे पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल सैयद असीम मुनीर पर दबाव बढ़ा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में कड़े सुरक्षा उपायों से स्थानीय समुदायों में असंतोष पनप सकता है।

पश्चिमी देशों से अपील

MEMRI रिपोर्ट ने पश्चिमी देशों से आग्रह किया है कि पाकिस्तान को दी जाने वाली सैन्य और आर्थिक सहायता को ISKP नेटवर्क के विरुद्ध स्वतंत्र निगरानी वाली ठोस कार्रवाई से जोड़ा जाए। रिपोर्ट के अनुसार, ऐसा न करने पर क्षेत्रीय अस्थिरता और वैश्विक सुरक्षा जोखिम दोनों बढ़ सकते हैं। यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब दक्षिण एशिया में सुरक्षा समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं और आतंकवाद के नए स्वरूप उभर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक पुराने पैटर्न की पुनरावृत्ति है — पाकिस्तान की सेना द्वारा आतंकी नेटवर्कों को भू-राजनीतिक उपकरण की तरह इस्तेमाल करने के आरोप दशकों पुराने हैं। असली सवाल यह है कि क्या पश्चिमी देश इस बार सहायता को वास्तविक जवाबदेही से जोड़ेंगे, या फिर रणनीतिक मजबूरियाँ हावी रहेंगी। CPEC पर बलूच हमलों और बीजिंग की बढ़ती बेचैनी ने पाकिस्तान की 'दोहरी खेल' की कूटनीति को नई चुनौती दी है, जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ करती है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

MEMRI रिपोर्ट में पाकिस्तान पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
MEMRI रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तानी सेना ISKP को रणनीतिक उपकरण के रूप में इस्तेमाल कर सकती है — अफगान तालिबान और बलूच विद्रोही समूहों पर दबाव बनाने के लिए। साथ ही आतंकवाद-विरोधी अभियान की आड़ में अफगानिस्तान में हवाई हमले करने के भी आरोप हैं।
ISKP क्या है और यह दक्षिण एशिया के लिए खतरनाक क्यों है?
ISKP यानी इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रोविंस, ISIS का अफगानिस्तान-पाकिस्तान क्षेत्र में सक्रिय गुट है। MEMRI रिपोर्ट के अनुसार, यदि कोई राज्य-प्रायोजित शक्ति इसे रणनीतिक हथियार की तरह उपयोग करे, तो यह दक्षिण एशिया में अस्थिरता को कई गुना बढ़ा सकता है।
पाकिस्तान और तालिबान के संबंध क्यों बिगड़े हैं?
अगस्त 2021 में तालिबान की अफगानिस्तान में सत्ता वापसी के बाद से दोनों के बीच सीमा पर झड़पें बढ़ी हैं और TTP के हमलों ने पाकिस्तान की सुरक्षा चिंताएँ गहरी की हैं। कतर, तुर्की और चीन की मध्यस्थता भी तनाव कम करने में नाकाम रही है।
CPEC पर बलूच हमलों का चीन पर क्या असर पड़ा है?
बलूच सशस्त्र समूहों के हमलों के बाद बीजिंग ने पाकिस्तान को चीनी नागरिकों और CPEC परियोजनाओं की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंताओं से अवगत कराया है। इससे पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर पर दबाव बढ़ा है।
रिपोर्ट में पश्चिमी देशों से क्या माँग की गई है?
MEMRI रिपोर्ट ने पश्चिमी देशों से अपील की है कि पाकिस्तान को दी जाने वाली सैन्य और आर्थिक सहायता को ISKP नेटवर्क के विरुद्ध स्वतंत्र निगरानी वाली ठोस कार्रवाई से जोड़ा जाए, ताकि क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा जोखिमों को नियंत्रित किया जा सके।
राष्ट्र प्रेस
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