1 जुलाई 2026
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अफगानिस्तान ने पाकिस्तान में ISIS ठिकानों पर की एयरस्ट्राइक, बलूचिस्तान और KPK में हमले का दावा

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अफगानिस्तान ने पाकिस्तान में ISIS ठिकानों पर की एयरस्ट्राइक, बलूचिस्तान और KPK में हमले का दावा

सारांश

अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में ISIS ठिकानों पर एयरस्ट्राइक का दावा किया है। पाकिस्तान ने 4 ड्रोन मार गिराने की पुष्टि की और पेशावर के पास एक महिला की मौत की खबर है। यह घटनाक्रम पाकिस्तान द्वारा अफगान प्रांतों में कथित हमलों के बाद बढ़ते द्विपक्षीय तनाव की नई कड़ी है।

मुख्य बातें

अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने 1 जुलाई 2026 को दावा किया कि वायुसेना ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में ISIS ठिकानों पर हमले किए।
निशाना बने ठिकाने: पिशिन जिले का सरानन क्षेत्र , कंबर खेल (KPK) और चित्राल की गरम चश्मा घाटी ।
पाकिस्तानी सेना (ISPR) ने अफगान सीमा से आए 4 ड्रोन मार गिराने की पुष्टि की।
पेशावर के बाहरी इलाके में संदिग्ध ड्रोन हमले में 1 महिला की मौत , 6 लोग घायल (डॉन के अनुसार)।
यह घटनाक्रम पाकिस्तान द्वारा अफगान प्रांतों में किए कथित हमलों में 36 नागरिकों की मौत और 163 के घायल होने के दावे के बाद आया।
अफगान विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी दूतावास के चार्जे डी'अफेयर्स को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया।

अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने 1 जुलाई 2026 को दावा किया कि उसकी वायुसेना ने मंगलवार रात पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा (KPK) प्रांतों में कथित ISIS (दाएश) से जुड़े ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए। मंत्रालय के अनुसार, इन ठिकानों का इस्तेमाल अफगानिस्तान के विरुद्ध आतंकी गतिविधियों की योजना बनाने के लिए किया जा रहा था।

किन ठिकानों पर हुए हमले

रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, बलूचिस्तान के पिशिन जिले के सरानन क्षेत्र में स्थित एक कथित संयुक्त ISIS केंद्र को निशाना बनाया गया, जिसे अफगान नागरिकों के विरुद्ध बम धमाकों और आतंकी हमलों के समन्वय का प्रमुख केंद्र बताया गया।

इसके अलावा, खैबर पख्तूनख्वा के कंबर खेल क्षेत्र में एक अन्य कथित दाएश केंद्र पर भी हमला किया गया। चित्राल की शाह सलीम घाटी के गरम चश्मा क्षेत्र में स्थित एक और ठिकाने को भी निशाना बनाया गया। मंत्रालय का दावा है कि इन केंद्रों से नागरिकों पर हमलों और विध्वंसक गतिविधियों की योजना तैयार की जाती थी।

हमलों का दावा और नुकसान का आकलन

रक्षा मंत्रालय ने प्रारंभिक जानकारी के आधार पर दावा किया कि इन हमलों में ISIS और उसके समर्थकों को भारी जनहानि और आर्थिक नुकसान पहुँचा है। मंत्रालय का यह भी कहना है कि हमले पूरी सटीकता के साथ केवल निर्धारित सैन्य लक्ष्यों पर किए गए और किसी भी नागरिक के हताहत होने की सूचना नहीं है। साथ ही चेतावनी दी गई कि अफगानिस्तान की सुरक्षा को नुकसान पहुँचाने वाले किसी भी ठिकाने को भविष्य में भी निशाना बनाया जाएगा।

पाकिस्तान की प्रतिक्रिया

पाकिस्तानी सेना ने मंगलवार रात चार ड्रोन को मार गिराने की पुष्टि की। इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के अनुसार, ये ड्रोन अफगानिस्तान की सीमा से बलूचिस्तान में भेजे गए थे और पाकिस्तानी वायु रक्षा प्रणाली ने इन्हें समय रहते पहचानकर नष्ट कर दिया। ISPR ने इन्हें अफगान तालिबान शासन की उस नीति का हिस्सा बताया, जिसके तहत कथित तौर पर आतंकी संगठनों को समर्थन और संरक्षण दिया जाता है।

वहीं, पेशावर के बाहरी क्षेत्र में भी मंगलवार देर रात एक संदिग्ध ड्रोन हमले की सूचना है। प्रमुख पाकिस्तानी अखबार डॉन के अनुसार, इस हमले में एक महिला की मौत हो गई और एक ही परिवार के छह सदस्य घायल हो गए।

तनाव की पृष्ठभूमि

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब कुछ दिन पहले पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान के पक्तिया, पक्तिका और कुनार प्रांतों में किए गए हवाई हमलों में कथित तौर पर 36 नागरिकों — जिनमें महिलाएँ और बच्चे भी शामिल थे — के मारे जाने और 163 अन्य के घायल होने का दावा किया गया था।

गौरतलब है कि उन हमलों के बाद अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने काबुल स्थित पाकिस्तानी दूतावास के चार्जे डी'अफेयर्स को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया था। अफगान विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून, मानवीय कानून और किसी संप्रभु राष्ट्र की क्षेत्रीय अखंडता का गंभीर उल्लंघन बताते हुए कड़ी निंदा की थी।

आगे क्या होगा

दोनों देशों के बीच यह तनाव पाक-अफगान सीमा पर दशकों पुराने अविश्वास की नई कड़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक दोनों पक्ष किसी तटस्थ मंच पर बातचीत नहीं करते, सीमापार हमलों का यह सिलसिला जारी रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया और संयुक्त राष्ट्र का रुख इस संकट की अगली दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि दो परमाणु-सक्षम पड़ोसियों के बीच गहराते अविश्वास का संकेत है। पाकिस्तान अफगान तालिबान पर TTP को पनाह देने का आरोप लगाता है, जबकि काबुल पाकिस्तानी हमलों को संप्रभुता का उल्लंघन बताता है — दोनों दावे एक-दूसरे को वैध ठहराने के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं। चिंताजनक यह है कि पेशावर के पास नागरिक हताहत की खबर बताती है कि इस तनाव की कीमत आम लोग चुका रहे हैं। बिना किसी तटस्थ मध्यस्थता के, यह तनाव एक ऐसे क्षेत्रीय संकट में बदल सकता है जिसे नियंत्रित करना दोनों पक्षों के लिए मुश्किल होगा।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अफगानिस्तान ने पाकिस्तान में किन ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की?
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, हमले बलूचिस्तान के पिशिन जिले के सरानन क्षेत्र, खैबर पख्तूनख्वा के कंबर खेल और चित्राल की शाह सलीम घाटी के गरम चश्मा क्षेत्र में ISIS (दाएश) के कथित ठिकानों पर किए गए। मंत्रालय का दावा है कि ये केंद्र अफगानिस्तान के विरुद्ध आतंकी गतिविधियों के समन्वय में इस्तेमाल हो रहे थे।
पाकिस्तान ने इन हमलों पर क्या प्रतिक्रिया दी?
पाकिस्तानी सेना के ISPR ने मंगलवार रात अफगान सीमा से बलूचिस्तान में भेजे गए चार ड्रोन को मार गिराने की पुष्टि की। ISPR ने इन्हें अफगान तालिबान की आतंकी संगठनों को समर्थन देने की नीति का हिस्सा बताया।
पेशावर में ड्रोन हमले में क्या हुआ?
प्रमुख पाकिस्तानी अखबार डॉन के अनुसार, पेशावर के बाहरी इलाके में मंगलवार देर रात एक संदिग्ध ड्रोन हमले में एक महिला की मौत हो गई और एक ही परिवार के छह सदस्य घायल हो गए। इस हमले की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
यह तनाव क्यों बढ़ा और इसकी पृष्ठभूमि क्या है?
कुछ दिन पहले पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान के पक्तिया, पक्तिका और कुनार प्रांतों में किए गए कथित हवाई हमलों में 36 नागरिकों के मारे जाने और 163 के घायल होने का दावा किया गया था। इसके बाद अफगान विदेश मंत्रालय ने काबुल स्थित पाकिस्तानी दूतावास के चार्जे डी'अफेयर्स को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया था।
अफगानिस्तान ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत कैसे उचित ठहराया?
अफगान रक्षा मंत्रालय का दावा है कि हमले सटीक सैन्य लक्ष्यों पर किए गए और कोई नागरिक हताहत नहीं हुआ। दूसरी ओर, अफगान विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के पहले के हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभु राष्ट्र की क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन बताते हुए निंदा की है।
राष्ट्र प्रेस
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