नीट यूजी 2026: तमिलनाडु टॉपर वेंकडापति वेलायुथम को AIR-12, बोले — री-एग्जाम में पहले से ज़्यादा मेहनत की
सारांश
मुख्य बातें
नीट यूजी 2026 के नतीजों में तमिलनाडु के विल्लुपुरम के छात्र वेंकडापति वेलायुथम ने राज्य में पहला स्थान और ऑल इंडिया रैंक-12 हासिल की है। वहीं, पंजाब के लुधियाना के आर्यन गुप्ता ने 720 में से 715 अंक लेकर ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त की। दोनों टॉपर्स की इस उपलब्धि ने पूरे देश में चर्चा छेड़ दी है।
वेंकडापति की सफलता की कहानी
वेंकडापति वेलायुथम ने अपनी सफलता पर कहा, 'जब मैंने परिणाम देखा तो मैं बेहद खुश था। पिछले दो वर्षों में की गई मेरी कड़ी मेहनत आखिरकार सफल हो गई। मैं अपने माता-पिता, शिक्षकों और दोस्तों का दिल से आभारी हूं, जिन्होंने इस पूरे सफर में मेरा साथ दिया।' उन्होंने बताया कि इस बार छात्रों को दो बार परीक्षा देनी पड़ी और दूसरा प्रश्नपत्र पहले की तुलना में अपेक्षाकृत कठिन था।
वेंकडापति के अनुसार, उन्होंने री-एग्जाम के लिए पहले से उच्च स्तर की तैयारी की थी, जिससे कठिन प्रश्नपत्र भी उनके लिए संभालना आसान रहा और उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ पेपर दिया।
परिवार की प्रतिक्रिया
वेंकडापति के पिता अंजन रामचंद्रन ने बेटे की सफलता पर भावुक होते हुए कहा, 'हमारी खुशी को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। इस उपलब्धि के लिए हम भगवान और पूरे ब्रह्मांड का धन्यवाद करते हैं।' उन्होंने अन्य छात्रों और अभिभावकों को संदेश देते हुए कहा कि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती।
AIR-1 आर्यन गुप्ता का सफर
लुधियाना के आर्यन गुप्ता ने बताया कि दो साल की तैयारी के बाद जब दोबारा परीक्षा की घोषणा हुई तो शुरुआत में उन्हें झटका लगा, क्योंकि वह पढ़ाई लगभग समाप्त कर चुके थे। हालांकि, उन्होंने इसे एक नए अवसर के रूप में लिया और पहले से अधिक मेहनत की। पहली परीक्षा में आर्यन के 696 अंक आए थे, जबकि री-एग्जाम में उन्होंने 715 अंक हासिल किए।
आर्यन ने अपनी सफलता का श्रेय ईश्वर की कृपा, किस्मत और अपने बड़े भाई आदित्य गुप्ता को दिया। उन्होंने कहा कि आदित्य ने पिछले दो वर्षों में सही मार्गदर्शन दिया, परीक्षा की रणनीति समझाई और हर कदम पर प्रेरित किया — उनके लिए आदित्य सिर्फ बड़े भाई नहीं, बल्कि एक सच्चे रोल मॉडल भी रहे।
री-एग्जाम की चुनौती और छात्रों पर असर
गौरतलब है कि नीट यूजी 2026 में इस बार परीक्षा प्रक्रिया में बदलाव किया गया और छात्रों को दो बार परीक्षा देनी पड़ी। दोनों टॉपर्स का कहना है कि दूसरा प्रश्नपत्र पहले से कठिन था, लेकिन जिन्होंने अपनी तैयारी को उसी स्तर तक ले गए, उन्होंने बेहतर प्रदर्शन किया। यह ऐसे समय में आया है जब नीट परीक्षा की विश्वसनीयता और प्रक्रिया को लेकर देशभर में बहस जारी है।
आगे क्या
दोनों टॉपर्स के सामने अब देश के शीर्ष मेडिकल संस्थानों में प्रवेश का रास्ता खुला है। वेंकडापति वेलायुथम की सफलता ने तमिलनाडु में मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं को लेकर चल रही बहस के बीच राज्य के छात्रों में नया उत्साह भर दिया है।