नीट यूजी री-एग्जाम 2026: तेलंगाना-आंध्र प्रदेश में 1.37 लाख छात्रों ने शांतिपूर्वक दी परीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
नीट यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा रविवार, 21 जून को तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में बिना किसी व्यवधान के संपन्न हुई, जिसमें दोनों तेलुगु राज्यों से 1.37 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए। 3 मई को प्रश्न-पत्र लीक के कारण परीक्षा रद्द होने के बाद यह री-एग्जाम विशेष सुरक्षा और पारदर्शिता के साथ आयोजित की गई।
परीक्षा का विस्तार और व्यवस्था
तेलंगाना के 24 शहरों में फैले 208 परीक्षा केंद्रों पर 72,000 से अधिक छात्रों ने परीक्षा दी, जबकि आंध्र प्रदेश के 27 शहरों के 185 केंद्रों पर 65,000 से अधिक परीक्षार्थी उपस्थित रहे। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5.15 बजे तक आयोजित की गई, जबकि दिव्यांग उम्मीदवारों को शाम 6.20 बजे तक अतिरिक्त समय दिया गया।
परीक्षार्थियों को सुबह 11 बजे से दोपहर 1.30 बजे के बीच केंद्रों में प्रवेश करना था। दोपहर 1.30 बजे के बाद किसी भी उम्मीदवार को प्रवेश नहीं दिया गया। अधिकारियों ने पूरी जाँच और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के बाद ही छात्रों को केंद्रों में प्रवेश की अनुमति दी।
परीक्षा पेन-पेपर आधारित ऑप्टिकल मार्क रिकग्निशन (OMR) मोड में आयोजित हुई।
छात्रों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
परीक्षा के बाद छात्रों की प्रतिक्रियाएँ मिली-जुली रहीं। कुछ छात्रों ने इसे 3 मई की परीक्षा की तुलना में अपेक्षाकृत आसान बताया, जबकि अन्य ने इसे अधिक कठिन पाया। अधिकांश छात्रों ने फिजिक्स सेक्शन को सबसे कठिन, केमिस्ट्री को औसत और बायोलॉजी को सामान्य स्तर का बताया।
पुलिस की मानवीय पहल
परीक्षा के दौरान कई मानवीय घटनाएँ भी सामने आईं। ओस्मानिया यूनिवर्सिटी पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर महेश कुमार गौड़ ने एक उम्मीदवार को सरकारी वाहन में बिठाकर सही परीक्षा केंद्र तक समय पर पहुँचाया, जो गलती से गलत स्थान पर पहुँच गई थी। इसी तरह, त्रिमुलघेरी पुलिस स्टेशन के एक कॉन्स्टेबल ने एक उम्मीदवार और उसके पिता को सही केंद्र तक पहुँचाया।
हालाँकि, हैदराबाद के एक केंद्र पर एक मार्मिक दृश्य भी देखा गया, जब दोपहर 1.30 बजे के बाद पहुँचने पर एक उम्मीदवार को प्रवेश नहीं मिला। उम्मीदवार के पिता ने सुरक्षाकर्मियों से गुहार लगाई और कहा कि तकनीकी खराबी के कारण वे समय पर सही केंद्र नहीं पहुँच सके थे।
सरकार की व्यवस्था और राजनीतिक प्रतिक्रिया
तेलंगाना और आंध्र प्रदेश, दोनों राज्यों के सड़क परिवहन निगमों ने परीक्षार्थियों को हॉल टिकट दिखाने पर मुफ्त यात्रा की सुविधा दी। पुलिस ने केंद्रों के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की और वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त कर्मी तैनात किए।
तेलंगाना के परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार 3 मई की परीक्षा को ठीक से आयोजित करने में नाकाम रही, जिसके कारण प्रश्न-पत्र लीक हुआ और देश भर के छात्रों को परेशानी उठानी पड़ी। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए था।
आगे की राह
गौरतलब है कि 3 मई को प्रश्न-पत्र लीक की घटना के बाद यह री-एग्जाम नीट की विश्वसनीयता बहाल करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें परिणाम और आगे की प्रक्रिया पर टिकी हैं, जो लाखों मेडिकल उम्मीदवारों के भविष्य को निर्धारित करेगी।