तमिलनाडु में नीट री-एग्जाम शांतिपूर्ण संपन्न, 1.42 लाख छात्रों को फिजिक्स सबसे कठिन लगा
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु में रविवार, 21 जून को आयोजित नीट री-एग्जाम बिना किसी बड़ी बाधा के शांतिपूर्वक संपन्न हुई। राज्य भर से लगभग 1.42 लाख उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल हुए और परीक्षा केंद्रों से बाहर निकलते छात्रों ने बताया कि फिजिक्स का सेक्शन सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण रहा, जबकि बायोलॉजी तुलनात्मक रूप से आसान था।
परीक्षा का आयोजन और सुरक्षा व्यवस्था
यह री-एग्जाम देश भर के 551 शहरों में लगभग 5,500 केंद्रों पर एक साथ आयोजित की गई और शाम 5 बजकर 15 मिनट पर समाप्त हुई। उल्लेखनीय है कि यह परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुई, क्योंकि इससे पूर्व पेपर लीक के आरोपों के चलते मूल नीट परीक्षा रद्द कर दी गई थी। अधिकारियों ने परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए बेहतर निगरानी और वेरिफिकेशन प्रक्रियाएँ लागू कीं।
छात्रों की प्रतिक्रिया: विषयवार कठिनाई स्तर
चेन्नई के नीट उम्मीदवार के. अरुण प्रकाश ने बताया कि तीनों विषयों में बायोलॉजी का सेक्शन सबसे सरल रहा। उनके अनुसार, 'बायोलॉजी के अधिकतर सवाल सीधे और सिलेबस पर आधारित थे। केमिस्ट्री थोड़ी मुश्किल थी, लेकिन फिजिक्स के लिए ज्यादा समय और ध्यान की जरूरत थी।'
उम्मीदवारों के अनुसार, फिजिक्स सेक्शन में कई एनालिटिकल और न्यूमेरिकल सवाल थे जिनमें सावधानीपूर्वक कैलकुलेशन आवश्यक थी, जिससे यह परीक्षा का सर्वाधिक समय लेने वाला हिस्सा बना। केमिस्ट्री में कॉन्सेप्ट-बेस्ड और एप्लीकेशन-ओरिएंटेड सवालों का मिश्रण था, जबकि अधिकांश छात्रों ने बायोलॉजी को स्कोरिंग माना।
री-एग्जाम बनाम मूल परीक्षा: छात्रों की तुलना
कई उम्मीदवारों ने री-एग्जाम की तुलना रद्द हुई मूल परीक्षा से की। एक उम्मीदवार ने कहा, 'हमें उम्मीद थी कि दोबारा परीक्षा बहुत कठिन होगी क्योंकि यह जिन हालात में आयोजित की गई थी, वे मुश्किल थे। हालांकि यह ठीक-ठाक थी, लेकिन पिछली परीक्षा की तुलना में यह निश्चित रूप से ज्यादा चुनौतीपूर्ण थी, खासकर फिजिक्स में।' यह ऐसे समय में आया है जब नीट परीक्षा प्रणाली पर देश भर में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
गौरतलब है कि परीक्षा में अतिरिक्त 15 मिनट का समय दिया गया, जिसे छात्रों ने सराहा और कहा कि इससे उत्तरों की समीक्षा और समय प्रबंधन में मदद मिली। इसके बावजूद, केंद्रों के बाहर मौजूद अभिभावकों और अधिकारियों ने देखा कि बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने निर्धारित समय से पहले ही आंसर शीट जमा कर दी।
आगे क्या होगा
री-एग्जाम संपन्न होने के बाद अब उम्मीदवार राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा प्रोविजनल आंसर की जारी होने और मूल्यांकन प्रक्रिया व परिणाम घोषणा की तारीख के ऐलान का इंतजार कर रहे हैं। नीट विवाद के बाद यह परीक्षा परिणाम न केवल छात्रों बल्कि चिकित्सा प्रवेश प्रक्रिया की विश्वसनीयता के लिए भी अहम माना जा रहा है।