10 अगस्त 2026
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नीट यूजी री-एग्जाम 2026: तेलंगाना-आंध्र प्रदेश में 1.37 लाख छात्रों ने दी परीक्षा, शांतिपूर्ण रहा आयोजन

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नीट यूजी री-एग्जाम 2026: तेलंगाना-आंध्र प्रदेश में 1.37 लाख छात्रों ने दी परीक्षा, शांतिपूर्ण रहा आयोजन

सारांश

3 मई के प्रश्न-पत्र लीक के बाद तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में नीट यूजी 2026 की री-एग्जाम 21 जून को शांतिपूर्ण संपन्न हुई। 1.37 लाख से अधिक छात्रों ने 393 केंद्रों पर परीक्षा दी। फिजिक्स कठिन, बायोलॉजी सहज रही — और पुलिस की मानवीय मदद ने सुर्खियाँ बटोरीं।

मुख्य बातें

नीट यूजी 2026 की री-एग्जाम 21 जून को तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में शांतिपूर्ण संपन्न हुई।
दोनों राज्यों में कुल 1.37 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने 393 केंद्रों पर परीक्षा दी।
परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5.15 बजे तक OMR (पेन-पेपर) मोड में आयोजित हुई।
अधिकांश छात्रों ने फिजिक्स को कठिन, केमिस्ट्री को औसत और बायोलॉजी को ठीक-ठाक बताया।
तेलंगाना परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग की।
इंस्पेक्टर महेश कुमार गौड़ सहित कई पुलिसकर्मियों ने गलत केंद्र पहुँचे अभ्यर्थियों की मदद की।

नीट यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा रविवार, 21 जून को तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। दोनों तेलुगु राज्यों में कुल 1.37 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा में भाग लिया। यह री-एग्जाम 3 मई को हुई मूल परीक्षा में प्रश्न-पत्र लीक के बाद आयोजित की गई थी।

परीक्षा केंद्रों का विस्तार और व्यवस्था

तेलंगाना के 24 शहरों में फैले 208 परीक्षा केंद्रों पर 72,000 से अधिक छात्र परीक्षा में सम्मिलित हुए। आंध्र प्रदेश में 27 शहरों के 185 केंद्रों पर 65,000 से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5.15 बजे तक आयोजित की गई, जबकि दिव्यांग अभ्यर्थियों को शाम 6.20 बजे तक लिखने की अनुमति दी गई।

अभ्यर्थी सुबह 11 बजे से दोपहर 1.30 बजे के बीच केंद्रों पर पहुँचे। दोपहर 1.30 बजे के बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया गया। अधिकारियों ने पूर्ण जाँच एवं बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के उपरांत ही छात्रों को केंद्रों में प्रवेश करने दिया। परीक्षा पेन-पेपर आधारित ऑप्टिकल मार्क रिकग्निशन (OMR) मोड में संपन्न हुई।

छात्रों की मिली-जुली प्रतिक्रिया

परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों की प्रतिक्रियाएँ मिली-जुली रहीं। कुछ छात्रों ने इसे 3 मई की परीक्षा की तुलना में अपेक्षाकृत आसान बताया, जबकि कुछ ने इसे अधिक कठिन माना। अधिकांश अभ्यर्थियों ने फिजिक्स सेक्शन को सबसे कठिन, केमिस्ट्री को औसत और बायोलॉजी को संतोषजनक बताया।

पुलिस की सराहनीय भूमिका

पुलिस ने परीक्षा केंद्रों के आसपास कड़ी सुरक्षा तैनात की और वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त कर्मी लगाए। कई स्थानों पर पुलिस अधिकारियों ने उन अभ्यर्थियों की मदद की जो गलत केंद्रों पर पहुँच गए थे।

ओस्मानिया यूनिवर्सिटी पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर महेश कुमार गौड़ ने एक छात्रा को अपनी सरकारी गाड़ी में बिठाकर सही परीक्षा केंद्र तक समय पर पहुँचाया, जो गलती से गलत स्थान पर पहुँच गई थी। इसी तरह त्रिमुलघेरी पुलिस स्टेशन के एक कॉन्स्टेबल ने एक अभ्यर्थी और उसके पिता को सही केंद्र तक पहुँचाया।

देर से पहुँचे अभ्यर्थी की पीड़ा

हैदराबाद के एक परीक्षा केंद्र पर मार्मिक दृश्य देखने को मिला, जब दोपहर 1.30 बजे के बाद पहुँचने पर एक अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया गया और वह रो पड़ी। उसके पिता ने सुरक्षाकर्मियों से बेटी को परीक्षा देने की गुहार लगाई और कहा कि तकनीकी खराबी के कारण वे समय पर सही केंद्र नहीं पहुँच सके।

सरकारी सुविधाएँ और राजनीतिक प्रतिक्रिया

तेलंगाना और आंध्र प्रदेश, दोनों राज्यों के सड़क परिवहन निगमों ने हॉल टिकट दिखाने पर अभ्यर्थियों को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी। तेलंगाना के परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने इस व्यवस्था की जानकारी देते हुए केंद्र सरकार पर 3 मई की परीक्षा को सुचारू रूप से न करा पाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रश्न-पत्र लीक के कारण देशभर के छात्रों को भारी परेशानी उठानी पड़ी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए था। गौरतलब है कि यह री-एग्जाम उस व्यापक विवाद की पृष्ठभूमि में हुई है जिसने राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं। आगे परिणाम घोषित होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह री-एग्जाम छात्रों के भविष्य पर क्या असर डालती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस गहरे संस्थागत संकट को नहीं ढकता जिसने लाखों छात्रों का एक महीना बर्बाद किया। प्रश्न-पत्र लीक की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कोई ठोस सुधार सार्वजनिक नहीं किया गया है — केवल कड़ी निगरानी की बात हुई, जो पहले भी होती थी। तेलंगाना मंत्री की इस्तीफे की माँग राजनीतिक है, लेकिन जवाबदेही का सवाल वैध है: जब तक परीक्षा-प्रणाली में संरचनात्मक सुधार नहीं होते, हर बड़ी परीक्षा एक नया जोखिम बनी रहेगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट यूजी 2026 की री-एग्जाम क्यों आयोजित की गई?
3 मई 2026 को आयोजित मूल नीट यूजी परीक्षा में प्रश्न-पत्र लीक होने के कारण वह परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इसके बाद तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई।
तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में कितने छात्रों ने री-एग्जाम दी?
दोनों राज्यों में कुल 1.37 लाख से अधिक छात्रों ने परीक्षा दी। तेलंगाना में 72,000 से अधिक और आंध्र प्रदेश में 65,000 से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए।
नीट री-एग्जाम का पेपर कैसा रहा — आसान या कठिन?
छात्रों की प्रतिक्रियाएँ मिली-जुली रहीं। अधिकांश ने फिजिक्स को कठिन, केमिस्ट्री को औसत और बायोलॉजी को संतोषजनक बताया। कुछ छात्रों ने इसे 3 मई की परीक्षा से आसान बताया, जबकि कुछ ने अधिक कठिन।
परीक्षा के दौरान सुरक्षा के क्या इंतजाम थे?
अधिकारियों ने बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और पूर्ण जाँच के बाद ही प्रवेश दिया। दोपहर 1.30 बजे के बाद किसी को प्रवेश नहीं मिला। पुलिस ने केंद्रों के आसपास कड़ी सुरक्षा तैनात की और वाहन-आवाजाही नियंत्रित की।
तेलंगाना मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने नीट पर क्या कहा?
तेलंगाना के परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार 3 मई की परीक्षा को सुचारू रूप से आयोजित करने में नाकाम रही। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की माँग की।
राष्ट्र प्रेस
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