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नीट-यूजी री-एग्जाम 21 जून को शांतिपूर्ण संपन्न, छात्रों ने फिजिक्स को बताया सबसे कठिन

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नीट-यूजी री-एग्जाम 21 जून को शांतिपूर्ण संपन्न, छात्रों ने फिजिक्स को बताया सबसे कठिन

सारांश

नीट-यूजी री-एग्जाम 21 जून को देशभर में बिना किसी व्यवधान के संपन्न हुआ। बेंगलुरु से जम्मू तक छात्रों ने फिजिक्स को सबसे कठिन बताया, जबकि सुरक्षा व्यवस्था की तारीफ की। पेपर लीक विवाद के बाद यह परीक्षा NTA की साख के लिए अहम परीक्षा थी।

मुख्य बातें

नीट-यूजी री-एग्जाम रविवार, 21 जून 2024 को देशभर के परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।
अधिकांश छात्रों ने फिजिक्स को सबसे चुनौतीपूर्ण विषय बताया; बायोलॉजी और केमिस्ट्री मध्यम स्तर की रहीं।
नोएडा के छात्रों ने बताया कि इस बार फिजिक्स में कॉन्सेप्ट-आधारित और न्यूमेरिकल प्रश्नों पर अधिक ज़ोर था।
जम्मू, अमेठी, बेंगलुरु, मुरादाबाद सहित कई केंद्रों पर छात्रों ने सुरक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रबंधन को संतोषजनक बताया।
यह री-एग्जाम पेपर लीक विवाद और सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद आयोजित किया गया था।
सभी परीक्षार्थियों की निगाहें अब NTA द्वारा जारी होने वाले परिणाम पर टिकी हैं।

नीट-यूजी री-एग्जाम 2024 रविवार, 21 जून को देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर बिना किसी बाधा के शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। परीक्षा केंद्रों से बाहर निकले छात्र-छात्राओं ने प्रश्नपत्र के स्तर, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक इंतज़ामों पर अपनी प्रतिक्रियाएँ साझा कीं। अधिकांश परीक्षार्थियों के अनुसार बायोलॉजी और केमिस्ट्री के प्रश्न मध्यम स्तर के रहे, जबकि फिजिक्स का खंड सर्वाधिक चुनौतीपूर्ण साबित हुआ।

छात्रों की प्रतिक्रिया: विषयवार कठिनाई स्तर

बेंगलुरु, कर्नाटक में परीक्षा देकर निकले एक छात्र ने बताया कि फिजिक्स का पेपर काफी कठिन था, जबकि शेष विषयों का स्तर संतुलित रहा। उन्होंने कहा कि वह पिछली परीक्षा में उत्तीर्ण हो चुके थे, किंतु इस बार फिजिक्स की कठिनाई को देखते हुए परिणाम के बारे में कुछ भी कहना संभव नहीं है। एक अन्य परीक्षार्थी ने कहा कि पिछली परीक्षा की तुलना में इस बार का पेपर बेहतर था, हालाँकि फिजिक्स खंड में कठिनाइयाँ महसूस हुईं।

कर्नाटक के दावणगेरे में एक छात्रा ने बताया कि बायोलॉजी और केमिस्ट्री का स्तर सामान्य था, लेकिन फिजिक्स पिछली बार की तुलना में अधिक कठिन लगा। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा से परीक्षा देने वाली एक छात्रा ने कहा कि कुल मिलाकर अनुभव पिछली बार से बेहतर रहा और उन्हें सकारात्मक परिणाम की उम्मीद है।

नोएडा और उत्तर प्रदेश के केंद्रों से प्रतिक्रियाएँ

नोएडा में परीक्षा देने वाली एक छात्रा ने कहा कि पेपर चुनौतीपूर्ण ज़रूर था, लेकिन इतना भी कठिन नहीं कि कोई बड़ा अंतर पड़े। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) आमतौर पर कठिन प्रश्नपत्र तैयार करती है और इस बार भी वैसा ही देखने को मिला। पेपर लीक को लेकर पहले जो निराशा थी, वह दोबारा परीक्षा होने के बाद संतोष में बदल गई। एक अन्य छात्र ने बताया कि फिजिक्स में कॉन्सेप्ट-आधारित और न्यूमेरिकल प्रश्नों पर अधिक ज़ोर था, जबकि पिछली परीक्षा में स्टेटमेंट-बेस्ड प्रश्न अधिक थे।

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक छात्रा ने बताया कि पिछली परीक्षा की तुलना में इस बार का पेपर काफी कठिन था। बायोलॉजी और केमिस्ट्री ठीक रहे, लेकिन फिजिक्स ने सबसे अधिक चुनौती दी। अमेठी के परीक्षार्थियों ने परीक्षा केंद्रों की व्यवस्थाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि पेपर अच्छा रहा और किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हुई।

सुरक्षा व्यवस्था और परीक्षा संचालन

जम्मू में परीक्षा देने वाले छात्रों ने कहा कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था और परीक्षा संचालन में उल्लेखनीय सुधार देखा गया। एक छात्र ने कहा कि व्यवस्थाएँ बेहतर थीं और परीक्षा सुचारू रूप से संपन्न हुई। कई केंद्रों पर छात्रों ने प्रबंधन को संतोषजनक बताया। गौरतलब है कि यह री-एग्जाम उस विवाद के बाद आयोजित किया गया जिसमें पेपर लीक के आरोप लगे थे और सर्वोच्च न्यायालय तक मामला पहुँचा था।

आगे क्या होगा

अब सभी परीक्षार्थियों की निगाहें NTA द्वारा जारी किए जाने वाले परिणाम पर टिकी हैं। री-एग्जाम के शांतिपूर्ण संचालन को परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बहाल करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार की परीक्षा का निष्पक्ष संचालन छात्रों और अभिभावकों का भरोसा पुनः जीतने में सहायक होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि पेपर लीक की पुनरावृत्ति रोकने के लिए NTA ने संरचनात्मक स्तर पर क्या बदला। छात्रों की फिजिक्स संबंधी शिकायतें हर परीक्षा चक्र में उभरती हैं — यह पाठ्यक्रम-अध्यापन की गहरी खाई को उजागर करती हैं जिसे महज़ री-एग्जाम से नहीं पाटा जा सकता। जब तक NTA पारदर्शी परिणाम सत्यापन और मज़बूत डेटा-सुरक्षा प्रोटोकॉल सार्वजनिक नहीं करती, तब तक हर परीक्षा चक्र के बाद यही संकट दोहराने का ख़तरा बना रहेगा।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट-यूजी री-एग्जाम 2024 कब और कहाँ हुआ?
नीट-यूजी री-एग्जाम 21 जून 2024 को रविवार के दिन देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित किया गया। बेंगलुरु, नोएडा, जम्मू, अमेठी, मुरादाबाद और कुपवाड़ा सहित कई शहरों में परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न हुई।
नीट री-एग्जाम में फिजिक्स का पेपर कैसा था?
अधिकांश छात्रों ने फिजिक्स को इस बार सबसे कठिन विषय बताया। नोएडा के छात्रों के अनुसार इस बार कॉन्सेप्ट-आधारित और न्यूमेरिकल प्रश्नों पर अधिक ज़ोर था, जबकि पिछली परीक्षा में स्टेटमेंट-बेस्ड प्रश्न अधिक थे।
नीट री-एग्जाम में बायोलॉजी और केमिस्ट्री का स्तर कैसा रहा?
देशभर के विभिन्न केंद्रों से आई प्रतिक्रियाओं के अनुसार बायोलॉजी और केमिस्ट्री के प्रश्न मध्यम या सामान्य स्तर के रहे। अधिकांश छात्रों ने इन दोनों विषयों को संतुलित बताया।
नीट री-एग्जाम की सुरक्षा व्यवस्था कैसी रही?
जम्मू, अमेठी और अन्य केंद्रों पर छात्रों ने सुरक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रबंधन को संतोषजनक बताया। जम्मू के छात्रों ने विशेष रूप से कहा कि पिछली बार की तुलना में इस बार सुरक्षा इंतज़ामों में उल्लेखनीय सुधार देखा गया।
नीट री-एग्जाम क्यों आयोजित किया गया था?
नीट-यूजी री-एग्जाम पेपर लीक के आरोपों के बाद आयोजित किया गया, जिसमें मामला सर्वोच्च न्यायालय तक पहुँचा था। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह दोबारा परीक्षा करवाई।
राष्ट्र प्रेस
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