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मंसूर अली खान पटौदी की 15वीं पुण्यतिथि: सोहा अली खान और बेटी इनाया की भावभीनी श्रद्धांजलि

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मंसूर अली खान पटौदी की 15वीं पुण्यतिथि: सोहा अली खान और बेटी इनाया की भावभीनी श्रद्धांजलि

सारांश

पिता की याद कभी धुंधली नहीं पड़ती — सोहा अली खान का यह पोस्ट और इनाया का हस्तलिखित पत्र इसका जीता-जागता सबूत है। टाइगर पटौदी को गए 15 साल हो गए, लेकिन उनकी हिम्मत और कप्तानी की कहानियाँ अगली पीढ़ी तक पहुँच रही हैं।

मुख्य बातें

22 सितंबर 2026 को भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान मंसूर अली खान पटौदी की 15वीं पुण्यतिथि पर बेटी सोहा अली खान ने भावुक पोस्ट शेयर किया।
सोहा की बेटी इनाया ने दादाजी के लिए हाथ से लिखा पत्र साझा किया जिसमें उनकी क्रिकेट प्रतिभा की सराहना की।
सोहा ने लिखा — 'आपके बिना 15 वर्ष बीत गए, यादें प्यार को फिर से जीने का तरीका हैं।' दिसंबर 1974 के ईडन गार्डन्स टेस्ट में पटौदी ने गाल की हड्डी टूटने के बावजूद खेलकर भारत को 85 रनों से जिताया था।
सोहा जनवरी में पटौदी की जन्म वर्षगाँठ पर ईडन गार्डन्स स्टेडियम भी गई थीं।

अभिनेत्री सोहा अली खान ने 22 सितंबर 2026 को अपने पिता, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मंसूर अली खान पटौदी की 15वीं पुण्यतिथि पर सोशल मीडिया के ज़रिए एक गहरी भावुक श्रद्धांजलि अर्पित की। उनकी बेटी इनाया ने अपने दादाजी के लिए हाथ से लिखा एक पत्र साझा किया, जिसने लाखों लोगों के दिल को छू लिया।

सोहा और इनाया की तस्वीरें और संदेश

मंगलवार को सोहा ने अपने पिता की तस्वीर के सामने बैठी अपनी एक तस्वीर पोस्ट की। दूसरी तस्वीर में उनकी बेटी इनाया अपने दादाजी की तस्वीर के सामने हाथ जोड़े दिखाई दीं।

इनाया ने दादाजी के लिए एक हस्तलिखित पत्र भी लिखा, जिसमें उन्होंने कहा, 'डियर सरकार अब्बा, मुझे उम्मीद है कि स्वर्ग में आपकी डेथ एनिवर्सरी बहुत अच्छी रही होगी। मुझे उम्मीद है कि मैं कभी असल जिंदगी में आपको देख पाऊंगी। मैं आपके परिवार का हिस्सा बनकर शुक्रगुजार हूं और आपकी क्रिकेट स्किल्स की भी तारीफ करना चाहती हूं।'

सोहा ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, 'मेरे अब्बा, आपके बिना 15 वर्ष बीत गए। कभी-कभी मुझे लगता है कि क्या मैं आपकी यादों की बस कल्पना कर रही हूं, लेकिन शायद यादें यही होती हैं — प्यार, जिसे खोने का दुख बर्दाश्त नहीं होता, उसे फिर से जीना।'

ईडन गार्डन्स की यात्रा — जन्मदिन पर श्रद्धा

यह पहली बार नहीं है जब सोहा ने इस तरह अपने पिता को याद किया है। जनवरी में पटौदी की जन्म वर्षगाँठ पर वह कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम गई थीं।

अपने आधिकारिक हैंडल पर यात्रा की झलकियाँ साझा करते हुए उन्होंने लिखा, 'आपके जन्मदिन पर अब्बा, मैं उस जगह खड़ा होना चाहती थी जहाँ खेल आपको याद करता है। ईडन गार्डन्स आज भले ही खाली हो, लेकिन आपके लिए यह कभी खामोश नहीं होता।'

दिसंबर 1974 का वह ऐतिहासिक टेस्ट — हिम्मत की मिसाल

सोहा ने उस यादगार मैच को भी याद किया जो दिसंबर 1974 में ईडन गार्डन्स पर वेस्ट इंडीज के खिलाफ खेला गया था।

उन्होंने बताया कि तेज गेंदबाज एंडी रॉबर्ट्स की एक गेंद उनके पिता के चेहरे पर लगी, जिससे गाल की हड्डी टूट गई। खून बहने के कारण वे मैदान से बाहर गए, लेकिन फिर वापस लौटे और टीम को 85 रनों की अविश्वसनीय जीत दिलाई।

सोहा ने इसे 'हिम्मत और शेर-दिल कप्तानी की बेमिसाल मिसाल' बताया और कहा कि यह टेस्ट भारतीय क्रिकेट की सबसे यादगार जीतों में से एक बन गया।

पटौदी की विरासत और परिवार की यादें

मंसूर अली खान पटौदी, जिन्हें प्यार से 'टाइगर पटौदी' कहा जाता था, भारतीय क्रिकेट के सबसे करिश्माई कप्तानों में गिने जाते हैं। गौरतलब है कि एक आँख की रोशनी खोने के बावजूद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में असाधारण प्रदर्शन किया था।

सोहा अली खान अक्सर सोशल मीडिया पर पिता की स्मृतियाँ साझा करती हैं, और हर बार उनके अनुयायियों की भावनाओं को गहराई से स्पर्श करती हैं। इनाया का यह हस्तलिखित पत्र उस पीढ़ीगत प्रेम और श्रद्धा का प्रमाण है जो पटौदी परिवार आज भी जीवित रखे हुए है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे मुख्यधारा की क्रिकेट चर्चा अक्सर भुला देती है। इनाया का हस्तलिखित पत्र इस बात का संकेत है कि पटौदी की कहानी अब तीसरी पीढ़ी तक पहुँच रही है। 1974 के ईडन टेस्ट जैसी घटनाओं को याद दिलाना ज़रूरी है, क्योंकि भारतीय क्रिकेट का आधुनिक इतिहास अक्सर उस दौर के असाधारण साहस को उचित श्रेय नहीं देता।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मंसूर अली खान पटौदी की पुण्यतिथि कब है?
मंसूर अली खान पटौदी का निधन 22 सितंबर को हुआ था और 2026 में उनकी 15वीं पुण्यतिथि मनाई गई। इस अवसर पर उनकी बेटी सोहा अली खान ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा किया।
इनाया ने दादाजी पटौदी के लिए क्या लिखा?
इनाया ने एक हस्तलिखित पत्र में लिखा कि वह स्वर्ग में दादाजी की अच्छाई की कामना करती हैं, उनके परिवार का हिस्सा होने पर शुक्रगुजार हैं और उनकी क्रिकेट प्रतिभा की प्रशंसा करती हैं। उन्होंने दादाजी को 'सरकार अब्बा' कहकर संबोधित किया।
दिसंबर 1974 का ईडन गार्डन्स टेस्ट क्यों यादगार है?
इस टेस्ट में पटौदी तेज गेंदबाज एंडी रॉबर्ट्स की गेंद से चेहरे पर चोट लगने और गाल की हड्डी टूटने के बावजूद वापस मैदान में उतरे और भारत को वेस्ट इंडीज के खिलाफ 85 रनों से जीत दिलाई। सोहा ने इसे 'हिम्मत और शेर-दिल कप्तानी की बेमिसाल मिसाल' बताया।
सोहा अली खान ने पुण्यतिथि पर क्या साझा किया?
सोहा ने अपने पिता की तस्वीर के सामने बैठी अपनी तस्वीर और बेटी इनाया की हाथ जोड़े हुई तस्वीर पोस्ट की। उन्होंने कैप्शन में लिखा कि 15 वर्ष बीत जाने के बाद भी यादें प्यार को फिर से जीने का माध्यम बनती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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