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पेट्रोल ₹99.51, डीजल ₹92.49 प्रति लीटर: 10 दिनों में ₹5 की बढ़ोतरी पर लखनऊ में मिले-जुले रिएक्शन

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पेट्रोल ₹99.51, डीजल ₹92.49 प्रति लीटर: 10 दिनों में ₹5 की बढ़ोतरी पर लखनऊ में मिले-जुले रिएक्शन

सारांश

10 दिनों में ₹5 प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल ₹99.51 और डीजल ₹92.49 पर पहुँचा। अमेरिका-ईरान तनाव को वजह बताते हुए यूपी मंत्री ने जनता से सरकार का साथ देने की अपील की, जबकि लखनऊ में नागरिकों की प्रतिक्रियाएँ मिली-जुली रहीं।

मुख्य बातें

सरकारी तेल कंपनियों ने 23 मई को पेट्रोल में 87 पैसे और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की।
पिछले 10 दिनों में ईंधन की कीमतें कुल मिलाकर लगभग ₹5 प्रति लीटर बढ़ चुकी हैं।
दिल्ली में पेट्रोल ₹99.51 और डीजल ₹92.49 प्रति लीटर पर पहुँचा।
यूपी मंत्री कैलाश सिंह राजपूत ने अमेरिका-ईरान संघर्ष को वैश्विक कारण बताया और कहा कि प्रधानमंत्री स्थिति पर गंभीर हैं।
लखनऊ में नागरिकों की प्रतिक्रियाएँ मिली-जुली रहीं — कुछ ने सरकार का समर्थन किया, कुछ ने राहत की माँग की।

वैश्विक संकट के बीच सरकारी तेल कंपनियों ने शनिवार, 23 मई को एक बार फिर ईंधन की कीमतें बढ़ा दीं — पेट्रोल में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि हुई। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल ₹99.51 प्रति लीटर और डीजल ₹92.49 प्रति लीटर पर पहुँच गया है। पिछले 10 दिनों में ईंधन की कीमतों में कुल मिलाकर लगभग ₹5 प्रति लीटर का इज़ाफ़ा हो चुका है।

मुख्य घटनाक्रम

यह बढ़ोतरी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति को प्रभावित कर रहा है। गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारत में खुदरा ईंधन दरों पर पड़ता है, क्योंकि देश अपनी ज़रूरत का बड़ा हिस्सा आयात के ज़रिये पूरा करता है।

सरकार की प्रतिक्रिया

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश सिंह राजपूत ने कहा कि देश को इस बात की जानकारी है कि इस समय अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जैसे हालात हैं। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री इस स्थिति को लेकर गंभीर हैं और वे ऐसी व्यवस्था ज़रूर करेंगे जिससे देश में कोई संकट न आए।' राजपूत ने जनता से धैर्य रखने की अपील की।

आम जनता पर असर

लखनऊ के एक पेट्रोल पंप पर ईंधन भरवाने आए चंदन पांडेय ने कहा कि मौजूदा वैश्विक संकट को देखते हुए सरकार का साथ देना ज़रूरी है। उनके अनुसार, 'अगर ऊपर से ही दाम बढ़ाए जा रहे हैं, तो हमें इसका समर्थन करना चाहिए — इस वक्त सरकार और देश के साथ खड़ा होना चाहिए।'

विनय कुमार शर्मा ने माना कि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं होनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि 'सरकार जो भी कर रही है, जनता के हित में ही कर रही है।' उन्होंने सरकार से जनता की सुरक्षा और राहत को प्राथमिकता देने की माँग की।

अमन पासवान ने कहा कि सरकार को कोई भी नियम बनाते समय जनता की सहूलियत को ध्यान में रखना चाहिए। वहीं विवेक नाम के एक अन्य नागरिक ने संयमित प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'अगर ज़रूरत होगी तो लोगों को आना-जाना पड़ेगा — इस पर ज़्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता।'

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों के अनुसार, वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता के चलते निकट भविष्य में ईंधन दरों में और बदलाव की संभावना बनी रह सकती है। आलोचकों का कहना है कि लगातार बढ़ती कीमतें परिवहन लागत के ज़रिये आम उपभोक्ताओं की जेब पर और बोझ डालेंगी।

क्या होगा आगे

तेल कंपनियाँ अंतरराष्ट्रीय बाज़ार के रुझान के आधार पर कीमतों की समीक्षा जारी रखेंगी। सरकार की ओर से अभी तक किसी राहत पैकेज या सब्सिडी की घोषणा नहीं की गई है, हालाँकि मंत्री राजपूत के बयान से संकेत मिलता है कि स्थिति पर नज़र रखी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह वास्तविक समर्थन कम और असहायता की अभिव्यक्ति अधिक लगती है। असली सवाल यह है कि क्या वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें गिरने पर ये दरें उतनी ही तेज़ी से घटाई जाएँगी जितनी तेज़ी से बढ़ाई गई हैं — अतीत का रिकॉर्ड इस मामले में सरकार के पक्ष में नहीं है। बिना किसी राहत पैकेज की घोषणा के, यह बोझ अंततः परिवहन लागत के ज़रिये हर उपभोक्ता तक पहुँचेगा।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

23 मई 2026 को पेट्रोल-डीजल की कीमतें कितनी बढ़ीं?
23 मई को सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल में 87 पैसे और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की। इसके बाद दिल्ली में पेट्रोल ₹99.51 और डीजल ₹92.49 प्रति लीटर हो गया।
पिछले 10 दिनों में पेट्रोल-डीजल कितना महंगा हुआ?
पिछले 10 दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुल मिलाकर लगभग ₹5 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है। यह बढ़ोतरी कई किस्तों में की गई है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?
यूपी मंत्री कैलाश सिंह राजपूत के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष से वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिसका असर भारत में खुदरा ईंधन कीमतों पर पड़ रहा है।
ईंधन महंगाई से आम जनता पर क्या असर पड़ेगा?
बढ़ती ईंधन कीमतें परिवहन लागत में इज़ाफ़ा करती हैं, जिसका असर रोज़मर्रा की वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है। लखनऊ में नागरिकों ने सरकार से जनता की सहूलियत को ध्यान में रखकर नीति बनाने की माँग की है।
क्या सरकार ईंधन कीमतों पर कोई राहत देगी?
अभी तक किसी राहत पैकेज या सब्सिडी की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। यूपी मंत्री ने केवल यह संकेत दिया है कि प्रधानमंत्री स्थिति पर गंभीरता से नज़र रख रहे हैं और किसी संकट से बचने की कोशिश की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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