10 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पेट्रोल ₹102.12, डीजल ₹95.20 प्रति लीटर: 10 दिनों में चौथी बार बढ़े दाम, दिल्ली में मध्यम वर्ग परेशान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पेट्रोल ₹102.12, डीजल ₹95.20 प्रति लीटर: 10 दिनों में चौथी बार बढ़े दाम, दिल्ली में मध्यम वर्ग परेशान

सारांश

10 दिनों में चौथी बार — पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर पर पहुँचा। पश्चिम एशिया संघर्ष से उपजी वैश्विक ऊर्जा महंगाई का बोझ अब सीधे दिल्ली के पंपों पर दिख रहा है और मध्यम वर्ग की जेब पर चोट लगातार गहरी होती जा रही है।

मुख्य बातें

25 मई 2026 को पेट्रोल में ₹2.61/लीटर और डीजल में ₹2.71/लीटर की बढ़ोतरी हुई।
दिल्ली में पेट्रोल अब ₹102.12/लीटर और डीजल ₹95.20/लीटर पर पहुँच गया है।
पिछले 10 दिनों में यह चौथी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं।
15 मई से शुरू हुई इस बढ़ोतरी की वजह पश्चिम एशिया संघर्ष से बढ़ी वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें बताई जा रही हैं।
23 मई को पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ था।
परिवहन क्षेत्र, यात्री और मध्यम वर्ग सबसे अधिक प्रभावित।

नई दिल्ली में सोमवार, 25 मई को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई — पेट्रोल 2.61 रुपए प्रति लीटर और डीजल 2.71 रुपए प्रति लीटर महंगा हो गया। पिछले 10 दिनों में यह चौथी बार है जब सरकारी तेल कंपनियों ने ईंधन के दाम बढ़ाए हैं, जिससे आम जनता और मध्यम वर्ग पर आर्थिक बोझ और गहरा हो गया है।

ताज़ा कीमतें: दिल्ली में क्या है भाव

बढ़ोतरी से पहले दिल्ली में पेट्रोल ₹99.51 प्रति लीटर और डीजल ₹92.49 प्रति लीटर पर था। अब राजधानी में पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर पर पहुँच गया है। यह बढ़ोतरी परिवहन, दैनिक यात्रा और वस्तुओं की ढुलाई लागत — सभी पर सीधा असर डालती है।

10 दिनों में चार बार बढ़े दाम: पूरा घटनाक्रम

15 मई को सरकारी तेल कंपनियों ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण बढ़ी वैश्विक ऊर्जा कीमतों का बोझ क्रमशः उपभोक्ताओं पर डालना शुरू किया था। इसके बाद 23 मई को पेट्रोल में 87 पैसे और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई। अब 25 मई की बढ़ोतरी इस श्रृंखला की चौथी कड़ी है। गौरतलब है कि वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच यह लगातार वृद्धि घरेलू ईंधन मूल्य नीति पर सवाल उठा रही है।

आम जनता पर असर: पंप पर नाराज़गी

दिल्ली के पेट्रोल पंपों पर तेल भरवाने पहुँचे लोगों ने खुलकर नाराज़गी ज़ाहिर की। एक उपभोक्ता ने कहा, 'कीमतें बढ़ने से हम पर असर पड़ रहा है। मुझे लगता है कि कीमतें अब बढ़ती ही रहेंगी। इस पर नियंत्रण होना ज़रूरी है, वरना दिक्कतें खड़ी हो जाएंगी। कुछ हमें कंट्रोल करना होगा और कुछ सरकार को।'

एक अन्य व्यक्ति, जो रोज़ाना ₹300 का तेल भरवाते हैं, ने बताया कि काम पहले से कम हो गया है और ऊपर से पेट्रोल महंगा होता जा रहा है। उनके अनुसार, 'ग्राहक उतने पैसे नहीं देते और कंपनियाँ भी रेट कम कर देती हैं — ऐसे में मध्यम वर्ग बुरी तरह फँस गया है।'

वैश्विक कारण और घरेलू नीति

सरकारी तेल कंपनियों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी इन मूल्य संशोधनों की प्रमुख वजह है। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित किया है, जिसका बोझ अब उपभोक्ताओं तक पहुँच रहा है। आलोचकों का कहना है कि सरकार को उत्पाद शुल्क में कटौती कर इस बोझ को कम करना चाहिए था।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब महंगाई पहले से ही आम परिवारों के बजट पर दबाव डाल रही है। परिवहन क्षेत्र और छोटे व्यापारी विशेष रूप से प्रभावित हो रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें स्थिर नहीं होतीं, तो आने वाले दिनों में और बढ़ोतरी से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पिछले वर्षों में भी इस्तेमाल किया गया था, लेकिन इस बार वह रास्ता नहीं अपनाया गया। वैश्विक कीमतों का हवाला देना तर्कसंगत है, पर जब घरेलू महंगाई पहले से ऊँची हो, तो बोझ को क्रमशः उपभोक्ताओं पर डालने की रणनीति मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति को और कमज़ोर करती है। असली सवाल यह है कि राजकोषीय राहत कब और किसके लिए आएगी।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में आज पेट्रोल और डीजल का रेट क्या है?
25 मई 2026 की बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर पर पहुँच गया है। इससे पहले पेट्रोल ₹99.51 और डीजल ₹92.49 प्रति लीटर था।
10 दिनों में कितनी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम?
15 मई 2026 से अब तक कुल चार बार ईंधन की कीमतें बढ़ाई जा चुकी हैं। 15 मई को पहली बढ़ोतरी हुई, 23 मई को दूसरी, और 25 मई को दो और बढ़ोतरी दर्ज की गई।
पेट्रोल-डीजल की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?
सरकारी तेल कंपनियों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक संघर्ष के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। इस बढ़े हुए खर्च को धीरे-धीरे उपभोक्ताओं पर डाला जा रहा है।
ईंधन महंगाई का मध्यम वर्ग पर क्या असर पड़ रहा है?
लगातार बढ़ती कीमतों से रोज़मर्रा की यात्रा, परिवहन और वस्तुओं की ढुलाई लागत बढ़ रही है। छोटे व्यवसायी और दैनिक यात्री सबसे अधिक प्रभावित हैं, क्योंकि उनकी आय में उसी अनुपात में वृद्धि नहीं हो रही।
क्या आने वाले दिनों में और बढ़ोतरी हो सकती है?
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें स्थिर नहीं होतीं, तो आगे और बढ़ोतरी की संभावना बनी रहती है। सरकार की ओर से उत्पाद शुल्क में कटौती या राहत पैकेज का अभी कोई संकेत नहीं मिला है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले