अमेरिका-ईरान युद्ध का असर: एक महीने में पेट्रोल ₹7.35 और डीजल ₹7.53 प्रति लीटर महंगा, कमर्शियल LPG भी ₹42 बढ़ा
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते नई दिल्ली में पेट्रोल की कीमत बीते एक महीने में ₹7.35 प्रति लीटर और डीजल की कीमत ₹7.53 प्रति लीटर तक बढ़ गई है। केंद्र सरकार ने मई 2026 में चार अलग-अलग चरणों में ईंधन की कीमतों में संशोधन किया, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है।
पेट्रोल-डीजल में चार चरणों में बढ़ोतरी
केंद्र सरकार ने 15 मई, 19 मई, 23 मई और 25 मई 2026 को ईंधन की कीमतों में क्रमिक वृद्धि की। इसके परिणामस्वरूप नई दिल्ली में पेट्रोल का दाम ₹94.77 प्रति लीटर से बढ़कर ₹102.12 प्रति लीटर हो गया।
पेट्रोल मूल्य वृद्धि का विवरण इस प्रकार रहा: 15 मई को ₹3 प्रति लीटर, 19 मई को ₹0.87 प्रति लीटर, 23 मई को ₹0.87 प्रति लीटर और 25 मई को ₹2.61 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई।
डीजल के मामले में भी यही क्रम रहा। नई दिल्ली में डीजल का दाम ₹87.67 प्रति लीटर से बढ़कर ₹95.20 प्रति लीटर हो गया। 15 मई को ₹3 प्रति लीटर, 19 मई को ₹0.91 प्रति लीटर, 23 मई को ₹0.91 प्रति लीटर और 25 मई को ₹2.71 प्रति लीटर की वृद्धि दर्ज की गई।
कमर्शियल LPG सिलेंडर पर भी बोझ
ईंधन कीमतों के साथ-साथ कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 1 जून 2026 को नई दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹42 की बढ़ोतरी की गई, जिसके बाद यह ₹3,113.50 पर पहुँच गई।
गौरतलब है कि जून की इस बढ़ोतरी को मिलाकर बीते पाँच महीनों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹1,400 से अधिक का इज़ाफा हो चुका है। तुलना के लिए, जनवरी 2026 में दिल्ली में इसी सिलेंडर की कीमत ₹1,691.50 थी — यानी पाँच महीनों में कीमत लगभग दोगुनी हो गई है।
वैश्विक संदर्भ में भारत की स्थिति
बढ़ोतरी के बावजूद, भारत में पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतें वैश्विक स्तर पर अपेक्षाकृत कम बनी हुई हैं। दुनिया की प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं में पेट्रोल की खुदरा कीमत ₹150 प्रति लीटर से अधिक है, जबकि अधिकतर देशों में यह ₹180 प्रति लीटर से ऊपर है।
यूरोपीय संघ के 27 देशों में औसत पेट्रोल की कीमत ₹179 प्रति लीटर और डीजल की कीमत ₹184 प्रति लीटर है। भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान और नेपाल में भी, कम आय स्तर के बावजूद, पेट्रोल की कीमत ₹135 प्रति लीटर से काफी ऊपर जा चुकी है। श्रीलंका, म्यांमार और फिलीपींस में यह ₹130 प्रति लीटर से अधिक है।
आम जनता और व्यापार पर असर
पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतें परिवहन लागत को सीधे प्रभावित करती हैं, जिसका असर खाद्य पदार्थों और आवश्यक वस्तुओं की महँगाई पर भी पड़ता है। कमर्शियल एलपीजी की कीमत में तीव्र वृद्धि होटल, ढाबा और खाद्य व्यवसाय से जुड़े छोटे उद्यमियों के लिए विशेष रूप से चिंताजनक है।
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति श्रृंखला पर अमेरिका-ईरान संघर्ष का दबाव बना हुआ है, और आने वाले हफ्तों में कीमतों की दिशा काफी हद तक उस भू-राजनीतिक स्थिति पर निर्भर करेगी।