18 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अमेरिका-ईरान युद्ध का असर: एक महीने में पेट्रोल ₹7.35 और डीजल ₹7.53 प्रति लीटर महंगा, कमर्शियल LPG भी ₹42 बढ़ा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अमेरिका-ईरान युद्ध का असर: एक महीने में पेट्रोल ₹7.35 और डीजल ₹7.53 प्रति लीटर महंगा, कमर्शियल LPG भी ₹42 बढ़ा

सारांश

अमेरिका-ईरान युद्ध की आँच अब भारतीय रसोई और पेट्रोल पंप तक पहुँच गई है। एक महीने में पेट्रोल ₹7.35 और डीजल ₹7.53 प्रति लीटर महंगा हुआ, जबकि पाँच महीनों में कमर्शियल LPG लगभग दोगुनी होकर ₹3,113.50 पर पहुँच गई — छोटे व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं दोनों पर दोहरी मार।

मुख्य बातें

नई दिल्ली में पेट्रोल ₹94.77 से बढ़कर ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹87.67 से बढ़कर ₹95.20 प्रति लीटर हो गया।
केंद्र सरकार ने 15, 19, 23 और 25 मई 2026 को चार चरणों में ईंधन कीमतें बढ़ाईं।
1 जून 2026 को 19 किलोग्राम कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर ₹42 महंगा होकर ₹3,113.50 पर पहुँचा।
बीते पाँच महीनों में कमर्शियल LPG में ₹1,400 से अधिक की वृद्धि; जनवरी में कीमत ₹1,691.50 थी।
यूरोपीय संघ के 27 देशों में औसत पेट्रोल ₹179 और डीजल ₹184 प्रति लीटर — भारत अभी भी वैश्विक स्तर पर सस्ता।

अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते नई दिल्ली में पेट्रोल की कीमत बीते एक महीने में ₹7.35 प्रति लीटर और डीजल की कीमत ₹7.53 प्रति लीटर तक बढ़ गई है। केंद्र सरकार ने मई 2026 में चार अलग-अलग चरणों में ईंधन की कीमतों में संशोधन किया, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है।

पेट्रोल-डीजल में चार चरणों में बढ़ोतरी

केंद्र सरकार ने 15 मई, 19 मई, 23 मई और 25 मई 2026 को ईंधन की कीमतों में क्रमिक वृद्धि की। इसके परिणामस्वरूप नई दिल्ली में पेट्रोल का दाम ₹94.77 प्रति लीटर से बढ़कर ₹102.12 प्रति लीटर हो गया।

पेट्रोल मूल्य वृद्धि का विवरण इस प्रकार रहा: 15 मई को ₹3 प्रति लीटर, 19 मई को ₹0.87 प्रति लीटर, 23 मई को ₹0.87 प्रति लीटर और 25 मई को ₹2.61 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई।

डीजल के मामले में भी यही क्रम रहा। नई दिल्ली में डीजल का दाम ₹87.67 प्रति लीटर से बढ़कर ₹95.20 प्रति लीटर हो गया। 15 मई को ₹3 प्रति लीटर, 19 मई को ₹0.91 प्रति लीटर, 23 मई को ₹0.91 प्रति लीटर और 25 मई को ₹2.71 प्रति लीटर की वृद्धि दर्ज की गई।

कमर्शियल LPG सिलेंडर पर भी बोझ

ईंधन कीमतों के साथ-साथ कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 1 जून 2026 को नई दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹42 की बढ़ोतरी की गई, जिसके बाद यह ₹3,113.50 पर पहुँच गई।

गौरतलब है कि जून की इस बढ़ोतरी को मिलाकर बीते पाँच महीनों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹1,400 से अधिक का इज़ाफा हो चुका है। तुलना के लिए, जनवरी 2026 में दिल्ली में इसी सिलेंडर की कीमत ₹1,691.50 थी — यानी पाँच महीनों में कीमत लगभग दोगुनी हो गई है।

वैश्विक संदर्भ में भारत की स्थिति

बढ़ोतरी के बावजूद, भारत में पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतें वैश्विक स्तर पर अपेक्षाकृत कम बनी हुई हैं। दुनिया की प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं में पेट्रोल की खुदरा कीमत ₹150 प्रति लीटर से अधिक है, जबकि अधिकतर देशों में यह ₹180 प्रति लीटर से ऊपर है।

यूरोपीय संघ के 27 देशों में औसत पेट्रोल की कीमत ₹179 प्रति लीटर और डीजल की कीमत ₹184 प्रति लीटर है। भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान और नेपाल में भी, कम आय स्तर के बावजूद, पेट्रोल की कीमत ₹135 प्रति लीटर से काफी ऊपर जा चुकी है। श्रीलंका, म्यांमार और फिलीपींस में यह ₹130 प्रति लीटर से अधिक है।

आम जनता और व्यापार पर असर

पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतें परिवहन लागत को सीधे प्रभावित करती हैं, जिसका असर खाद्य पदार्थों और आवश्यक वस्तुओं की महँगाई पर भी पड़ता है। कमर्शियल एलपीजी की कीमत में तीव्र वृद्धि होटल, ढाबा और खाद्य व्यवसाय से जुड़े छोटे उद्यमियों के लिए विशेष रूप से चिंताजनक है।

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति श्रृंखला पर अमेरिका-ईरान संघर्ष का दबाव बना हुआ है, और आने वाले हफ्तों में कीमतों की दिशा काफी हद तक उस भू-राजनीतिक स्थिति पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पहले सब्सिडी से रोकी जाती थी। कमर्शियल LPG का पाँच महीनों में लगभग दोगुना होना छोटे खाद्य व्यवसायों के लिए गंभीर संकट है, जो महामारी के बाद अभी पटरी पर लौट रहे थे। वैश्विक तुलना में भारत सस्ता दिखता है, लेकिन यह तर्क प्रति व्यक्ति आय के अंतर को नज़रअंदाज़ करता है — ₹102 प्रति लीटर पेट्रोल एक यूरोपीय नागरिक के लिए जितना भारी है, एक भारतीय मध्यवर्गीय परिवार के लिए उससे कहीं अधिक। असली सवाल यह है कि क्या युद्ध की स्थिति सामान्य होने पर कीमतें उतनी ही तेज़ी से नीचे आएँगी जितनी तेज़ी से ऊपर गई हैं।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण भारत में पेट्रोल कितना महंगा हुआ?
बीते एक महीने में नई दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹7.35 प्रति लीटर बढ़कर ₹102.12 प्रति लीटर हो गई है। यह वृद्धि मई 2026 में चार चरणों — 15, 19, 23 और 25 मई — में की गई।
डीजल की कीमत अभी नई दिल्ली में कितनी है?
नई दिल्ली में डीजल की मौजूदा कीमत ₹95.20 प्रति लीटर है, जो एक महीने पहले ₹87.67 प्रति लीटर थी। मई 2026 में चार बार में कुल ₹7.53 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई।
कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में कितना इज़ाफा हुआ है?
1 जून 2026 को 19 किलोग्राम के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर में ₹42 की बढ़ोतरी हुई, जिससे नई दिल्ली में इसकी कीमत ₹3,113.50 हो गई। जनवरी 2026 में यही सिलेंडर ₹1,691.50 का था, यानी पाँच महीनों में ₹1,400 से अधिक की वृद्धि।
क्या भारत में पेट्रोल की कीमत दूसरे देशों से ज़्यादा है?
नहीं, बढ़ोतरी के बाद भी भारत में पेट्रोल की कीमत वैश्विक औसत से कम है। यूरोपीय संघ के 27 देशों में औसत पेट्रोल ₹179 और डीजल ₹184 प्रति लीटर है, जबकि पाकिस्तान और नेपाल में भी यह ₹135 प्रति लीटर से ऊपर है।
आगे ईंधन की कीमतों में और बढ़ोतरी होगी?
यह काफी हद तक अमेरिका-ईरान युद्ध की स्थिति और वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति पर निर्भर करेगा। फिलहाल वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बना हुआ है, इसलिए आने वाले हफ्तों में कीमतों की दिशा अनिश्चित बनी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 2 महीने पहले