18 जुलाई 2026
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ललिता गौतम केस: CM योगी ने गाजियाबाद में परिजनों से की मुलाकात, ₹5 लाख सहायता और न्याय का दिया भरोसा

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ललिता गौतम केस: CM योगी ने गाजियाबाद में परिजनों से की मुलाकात, ₹5 लाख सहायता और न्याय का दिया भरोसा

सारांश

मेरठ की दलित छात्रा ललिता गौतम की मौत के मामले में CM योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद में परिजनों से मुलाकात की, ₹5 लाख की तत्काल आर्थिक सहायता और आवास का ऐलान किया। दोषियों को बचने न देने का भरोसा दिया, पर विपक्ष का दबाव बरकरार है।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने 18 जुलाई को गाजियाबाद के पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में दिवंगत दलित छात्रा ललिता गौतम के परिजनों से मुलाकात की।
पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से ₹5 लाख की तत्काल आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए गए।
मृतका के पिता और परिवार के एक अन्य सदस्य को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास देने का आदेश।
परिवार को आयुष्मान भारत और राशन कार्ड सहित सभी पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता पर देने के निर्देश।
जाँच में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश; BSP प्रमुख मायावती और चंद्रशेखर आजाद ने सरकार पर सवाल उठाए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार, 18 जुलाई को गाजियाबाद स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में मेरठ की दिवंगत दलित छात्रा ललिता गौतम के परिजनों से मुलाकात कर इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने परिवार को स्पष्ट आश्वासन दिया कि इस जघन्य अपराध में संलिप्त प्रत्येक दोषी के विरुद्ध कानून की पूरी ताकत से कार्रवाई होगी और न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री की घोषणाएँ और निर्देश

मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को तत्काल राहत देते हुए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से ₹5 लाख की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए। साथ ही मृतका के पिता तथा परिवार के एक अन्य पात्र सदस्य को मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास उपलब्ध कराने का भी आदेश दिया। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि परिवार को आयुष्मान भारत योजना और राशन कार्ड सहित सभी पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर दिलाया जाए।

जाँच में लापरवाही पर सख्त रुख

योगी आदित्यनाथ ने प्रकरण की विवेचना में किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को अभियोजन की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करते हुए दोषियों को कठोरतम दंड दिलाने के लिए सभी आवश्यक विधिक कदम उठाने को कहा। यह निर्देश ऐसे समय में आए हैं जब मामले की जाँच प्रक्रिया पर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और विपक्ष का दबाव

मेरठ की दलित छात्रा ललिता गौतम की मौत का यह मामला उत्तर प्रदेश की राजनीति में गहरी हलचल मचाए हुए है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती और आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की है। विपक्षी दल लगातार योगी सरकार को इस मुद्दे पर घेरते रहे हैं।

सरकार का पक्ष और आगे की राह

राज्य सरकार का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जाँच जारी है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री एवं मेरठ के जिला प्रभारी मंत्री असीम अरुण सहित वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री की इस मुलाकात को सरकार की जवाबदेही प्रदर्शित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, हालाँकि न्याय की असली कसौटी अदालत में होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि जाँच कितनी स्वतंत्र और पारदर्शी होगी। दलित उत्पीड़न के मामलों में उत्तर प्रदेश का इतिहास बताता है कि घोषणाएँ और न्याय के बीच की खाई अक्सर चौड़ी रही है। मायावती और चंद्रशेखर आजाद जैसे दलित नेताओं का मुखर होना दर्शाता है कि इस मामले को राजनीतिक रूप से दबाना आसान नहीं होगा। अदालत में अभियोजन की मजबूती ही तय करेगी कि सरकार का 'दोषी बचेंगे नहीं' का वादा महज बयानबाजी है या ठोस प्रतिबद्धता।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ललिता गौतम कौन थीं और यह मामला क्या है?
ललिता गौतम मेरठ की एक दलित छात्रा थीं, जिनकी मौत का मामला उत्तर प्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक विवाद का केंद्र बना हुआ है। मामले की जाँच जारी है और विपक्षी दल सरकार से जवाब माँग रहे हैं।
CM योगी ने परिवार को क्या सहायता देने की घोषणा की?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से ₹5 लाख की तत्काल आर्थिक सहायता, मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास, आयुष्मान भारत और राशन कार्ड सहित सभी पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता पर देने के निर्देश दिए।
विपक्ष ने इस मामले में क्या रुख अपनाया है?
BSP प्रमुख मायावती और आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की है। विपक्षी दल इस मुद्दे पर योगी सरकार को लगातार घेर रहे हैं।
जाँच में लापरवाही पर सरकार का क्या रुख है?
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विवेचना में किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस को अभियोजन की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के भी आदेश दिए गए हैं।
CM योगी की मुलाकात के समय कौन-कौन उपस्थित थे?
इस मुलाकात के दौरान समाज कल्याण मंत्री एवं मेरठ के जिला प्रभारी मंत्री असीम अरुण सहित वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।
राष्ट्र प्रेस
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