लखनऊ अग्निकांड: योगी सरकार का ऐलान — मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख, घायलों को ₹50,000 की सहायता
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया क्षेत्र की एक बहुमंजिला इमारत में 22 जून 2026 को दोपहर बाद भड़की भीषण आग में 15 लोगों की मौत हो गई और कम-से-कम 9 अन्य घायल हुए। उत्तर प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख और घायलों को ₹50,000 की तत्काल आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं घटनास्थल पर पहुँचे और बचाव अभियान की समीक्षा की।
हादसे का घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार, आग लगने के बाद इमारत में घना धुआँ भर गया, जिससे अंदर मौजूद छात्रों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुँचीं। फायर ब्रिगेड की करीब 10 गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। बचाव दल ने इमारत की पिछली दीवार तोड़कर अंदर फँसे लोगों तक पहुँचने का प्रयास किया और इसी रास्ते से कई शव बाहर निकाले गए। अधिकारियों ने बताया कि भवन की पूरी तलाशी ली जा चुकी है और अब किसी के फँसे होने की आशंका नहीं है।
मृतकों और घायलों की पहचान
इस दुखद हादसे में जान गँवाने वालों में सागर, नीलेश, अनामिका, संयम, अनुच्छा, सुखमनी, आदित्य श्रीवास्तव, ज्योति, भविष्य, अब्दुल रहमान, सूरज, भाहजान, जयनिल चक्रवर्ती, मोहम्मद अम्मार और सुमल्या शामिल हैं। वहीं, जयंत, लवप्रीत, मोहम्मद आसिफ, भुवन श्रीवास्तव, पंकज, शैलेंद्र, अभिषेक, पंकज जोशी और गौरव कुमार घायल हुए हैं।
केजीएमयू में उपचार की स्थिति
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रेम राज सिंह ने बताया कि अस्पताल में कुल 22 से 23 लोगों को लाया गया, जिनमें 15 को मृत अवस्था में लाया गया था। उन्होंने बताया कि 8 घायल भर्ती किए गए हैं — 6 की हालत स्थिर है जबकि 2 गंभीर रूप से घायल हैं। सभी मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री और सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'मैंने लखनऊ में आग लगने की घटना वाली जगह का मुआयना किया और किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी पहुँचकर इस दुखद घटना में घायल लोगों और उनके परिवारों से मिलकर उनका हाल-चाल जाना... कुशल डॉक्टरों की देखरेख में सभी घायलों का उचित इलाज प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।' उन्होंने आगे कहा, 'इस दिल दहला देने वाली घटना में जिन्होंने अपनों को खोया है, उन परिवारों के दुख को शब्दों में बयाँ नहीं किया जा सकता। यूपी सरकार पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ सभी प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है।'
घटनास्थल पर मौजूद उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक हादसे की भयावहता देखकर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी आँखों के सामने शवों को बाहर निकलते देखा है और सरकार की प्राथमिकता घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने यह भी बताया कि हादसे की उच्चस्तरीय जाँच के आदेश दिए गए हैं।
रक्षा मंत्री का बयान और जाँच के आदेश
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस घटना को 'बेहद पीड़ादायक' बताते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत की है और हालात का जायजा लेने के लिए वे स्वयं लखनऊ पहुँच रहे हैं। गौरतलब है कि यह हादसा ऐसे समय में सामने आया है जब देश के विभिन्न हिस्सों में बहुमंजिला इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। उच्चस्तरीय जाँच में आग की वजह और इमारत के अग्नि सुरक्षा प्रबंधों की भी समीक्षा होने की उम्मीद है।