लखनऊ: जवाहर भवन की चौथी मंजिल में आग, 10 से अधिक दमकल गाड़ियों ने बुझाई; कोई हताहत नहीं
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ के जवाहर भवन की चौथी मंजिल पर स्थित कैंटीन में सोमवार, 20 जुलाई की सुबह करीब 10 बजे आग भड़क उठी, जिससे इस बहुमंजिला सरकारी परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। फायर ब्रिगेड, एसडीआरएफ और पुलिस की टीमों ने तत्काल मौके पर पहुँचकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। 10 से अधिक फायर टेंडर की घंटों की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया और प्रशासन के अनुसार इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
आग की शुरुआत और बचाव अभियान
जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर ने बताया कि आग लगने की सूचना सुबह करीब 10 बजे मिली, जिसके तुरंत बाद फायर सर्विस की टीम घटनास्थल पर पहुँच गई। सुरक्षा की दृष्टि से पूरी इमारत को तत्काल खाली करा लिया गया और अंदर मौजूद सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। डीएम ने स्पष्ट किया कि बचाव अभियान के दौरान इमारत के भीतर किसी के फंसे होने की कोई सूचना नहीं मिली।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने घटना की जानकारी देते हुए कहा कि आग कैंटीन से शुरू हुई थी और इसे पूरी तरह बुझा दिया गया है। उन्होंने पुष्टि की कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई और आग लगने के कारणों की विधिवत जाँच कराई जाएगी। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, हालाँकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जाँच पूरी होने के बाद ही होगी।
फायर सर्विस की महानिदेशक पद्मजा चौहान ने बताया कि जवाहर भवन एक सरकारी कार्यालय परिसर है जहाँ कई विभागों के दफ्तर संचालित होते हैं। उन्होंने कहा कि विभाग की टीम आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी है।
सुरक्षा व्यवस्था और वर्तमान स्थिति
घटना के बाद जवाहर भवन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ कर दिया गया है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। अधिकारियों के अनुसार, अब प्राथमिकता आग लगने के कारणों की जाँच और इमारत के प्रभावित हिस्से की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है।
जवाहर भवन का महत्व
गौरतलब है कि लखनऊ स्थित जवाहर भवन उत्तर प्रदेश सरकार का एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक परिसर है, जहाँ राज्य के कई प्रमुख सरकारी विभागों के कार्यालय स्थित हैं। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना का असर व्यापक सरकारी कामकाज पर पड़ सकता है। यह घटना ऐसे समय में आई है जब सरकारी इमारतों में अग्निशमन सुरक्षा मानकों को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो सकती है। आने वाले दिनों में जाँच रिपोर्ट से स्पष्ट होगा कि क्या परिसर में अग्निशमन उपकरण पर्याप्त थे और प्रोटोकॉल का पालन हुआ या नहीं।