लखनऊ कोचिंग इंस्टीट्यूट में आग से 14 छात्रों की मौत, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने की पुष्टि
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 22 जून 2026 (सोमवार) को एक एनिमेशन कोचिंग सेंटर में भड़की भीषण आग ने कम से कम 14 लोगों की जान ले ली — मरने वालों में अधिकांश 16-17 वर्ष के किशोर छात्र हैं जो कार्टून निर्माण और एनिमेशन की ट्रेनिंग लेने आए थे। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने घटनास्थल पर पहुँचकर स्वयं मौतों की पुष्टि की। बचाव कार्य अभी भी जारी है।
घटनाक्रम: कैसे फैली आग
आग अचानक लगी और देखते-देखते पूरे भवन में फैल गई। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पत्रकारों को बताया, 'अंदर धुआं भरा हुआ है। लकड़ी के बहुत सारे फर्नीचर के कारण धुआं इतना घना है कि कुछ भी साफ दिखाई नहीं दे रहा।' उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं अपनी आँखों से 14 शव देखे। आग लगने के सटीक कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है और जाँच जारी है।
मौके पर फायर ब्रिगेड की टीमें सक्रिय हैं और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें भी घटनास्थल पर पहुँच चुकी हैं। 6 एंबुलेंस मौके पर तैनात हैं और घायलों को लगातार किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) ट्रॉमा सेंटर भेजा जा रहा है।
घायलों की स्थिति
पाठक ने बताया कि कुल 13 बच्चों को इमारत से बाहर निकालकर तुरंत अस्पताल भेजा गया। KGMU के प्रवक्ता डॉ. के.के. सिंह ने जानकारी दी कि अस्पताल में 7 लोगों को भर्ती किया गया है। इनमें से 2 को मामूली चोटें आई हैं और वे खतरे से बाहर हैं, जबकि 2 अन्य छात्रों को फ्रैक्चर हुआ है लेकिन उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा, 'लखनऊ में अग्निकांड की चपेट में कुछ बच्चे हैं, जिसमें कुछ की दुखद मौत हुई है। प्रशासन राहत कार्यों में लगा हुआ है।' उन्होंने तत्काल लखनऊ रवाना होने की जानकारी दी और कहा कि वे पीड़ित परिवारों से मिलेंगे तथा दोषियों को सजा दिलाएंगे।
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक (DGP) और अपर मुख्य सचिव (गृह) को घटनास्थल पर पहुँचकर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए। साथ ही घटना की उच्च स्तरीय जाँच के आदेश भी जारी किए गए हैं। प्रमुख सचिव (गृह) और DGP को मौके पर भेजा गया है। प्रशासन ने पूरे इलाके को घेर लिया है।
आम जनता और परिवारों पर असर
यह एनिमेशन सेंटर था जहाँ लगभग 16-17 वर्ष के किशोर कार्टून निर्माण और एनिमेशन सीखने आते थे। मरने वालों में अधिकांश इन्हीं युवा छात्रों के होने की आशंका है, जिससे पूरे शहर में शोक की लहर है। घटनास्थल के आसपास परिजनों की भीड़ जमा हो गई है।
आगे क्या होगा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि न केवल इस हादसे के कारणों की जाँच होगी, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम भी उठाए जाएंगे। बचाव अभियान जारी है और मृतकों की संख्या में बदलाव की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। अधिकारियों के अनुसार आग लगने के कारणों की विस्तृत जाँच रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत की जाएगी।