लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड: 15 की मौत, 'पापा मुझे बचा लो' — बेटे की आखिरी आवाज़ ने तोड़ा पिता का दिल
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ के अलीगंज इलाके में स्थित एक कोचिंग सेंटर में सोमवार, 22 जून को भीषण आग भड़क उठी, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई — इनमें कई छात्र शामिल हैं। हादसा इतना विकराल था कि जान बचाने के लिए 6 से 7 छात्रों ने इमारत की ऊपरी मंजिल से छलांग लगा दी। घटना के बाद से कई परिवार अपने बच्चों की तलाश में भटक रहे हैं।
पिता की आँखों में आँसू, बेटे की आखिरी पुकार
आलमबाग निवासी पारिजोत सिंह ने बताया कि आग लगने के तुरंत बाद उनके बेटे का फोन आया था — 'पापा, आग लग गई है, मुझे बचा लीजिए।' वे तत्काल घटनास्थल पर पहुँचे, लेकिन पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। भावुक पिता ने कहा, 'अभी तक बेटे के बारे में कोई पक्की जानकारी नहीं मिली है, हम बहुत परेशान हैं।' उन्होंने बताया कि प्रशासन ने उन्हें आश्वस्त किया है कि स्थिति संभाली जा रही है, लेकिन परिवार को अब भी कोई ठोस सूचना नहीं दी गई है।
अस्पताल में 21 लाए गए, 15 मृत अवस्था में
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के ट्रॉमा सेंटर के सीएमएस डॉ. प्रेम राज सिंह ने बताया कि अस्पताल में कुल 21 लोगों को लाया गया। इनमें से 6 की हालत स्थिर है, जबकि 15 को मृत अवस्था में लाया गया था। ऊपरी मंजिल से कूदे एक बच्चे की कमर में चोट आई है, लेकिन उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। डॉ. सिंह के अनुसार शवों को पोस्टमार्टम के लिए मुर्दाघर भेजा जा रहा है और अस्पताल में बेड आरक्षित कर दिए गए हैं — दवाओं या बेड की कोई कमी नहीं है।
KGMU की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने कहा कि अलीगंज की इस घटना पर उन्हें हर पल की जानकारी दी जा रही है। उन्होंने कहा, 'जिन लोगों का इलाज हो सकता है, उन्हें बचाने पर हमारा पूरा ध्यान है।'
चश्मदीदों के बयान: शॉर्ट सर्किट से भड़की आग
घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीदों के अनुसार, बिजली के खंभे में शॉर्ट सर्किट के बाद आग ऊपर की ओर तेज़ी से फैली। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि आग का कारण शॉर्ट सर्किट हो सकता है, हालाँकि पूरी जानकारी आधिकारिक जाँच रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। एक राहगीर ने बताया कि वह काम पर जा रहा था, तभी आग लगते देखी और रुक गया — लोग बता रहे थे कि बच्चे इमारत के अंदर फँसे हुए हैं।
परिजनों का दर्द, एक और परिवार का नुकसान
मृतक आदित्य श्रीवास्तव के रिश्तेदार विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि आदित्य उनका चचेरा भाई था और आग लगने पर वह इमारत के अंदर फँस गया था। यह हादसा उन परिवारों के लिए अकल्पनीय त्रासदी बन गया है, जिन्होंने अपने बच्चों को बेहतर भविष्य के सपने के साथ कोचिंग में भेजा था।
आगे क्या होगा
प्रशासन ने घटनास्थल को घेर लिया है और जाँच जारी है। आग के सटीक कारण की पुष्टि आधिकारिक जाँच के बाद होगी। इस दुखद हादसे ने एक बार फिर कोचिंग सेंटरों में अग्नि सुरक्षा मानकों और भवन नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।