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लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड: 15 की मौत, सीएम योगी ने घटनास्थल का दौरा किया, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के आदेश

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लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड: 15 की मौत, सीएम योगी ने घटनास्थल का दौरा किया, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के आदेश

सारांश

लखनऊ के अलीगंज में कोचिंग सेंटर में भड़की आग ने 15 जिंदगियाँ लील लीं — अधिकांश छात्र। सीएम योगी ने अलीगढ़ के कार्यक्रम रद्द कर घटनास्थल का दौरा किया और दोषियों को न बख्शने की चेतावनी दी। उच्च स्तरीय जाँच शुरू।

मुख्य बातें

लखनऊ के अलीगंज स्थित निजी कोचिंग सेंटर में 22 जून को लगी भीषण आग में 15 लोगों की मौत हुई, जिनमें अधिकांश छात्र हैं।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के अनुसार 14 बच्चों की मृत्यु हुई; 4 घायल बच्चे केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती।
अस्पताल में कुल 21 लोग लाए गए; 6 की स्थिति स्थिर , शेष मृत अवस्था में लाए गए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलीगढ़ के कार्यक्रम रद्द कर घटनास्थल और केजीएमयू का दौरा किया।
मामले की उच्च स्तरीय जाँच के आदेश; डीजीपी राजीव कृष्ण और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर।
आग के कारणों का खुलासा जाँच रिपोर्ट आने के बाद होगा।

लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया इलाके में सोमवार, 22 जून को एक निजी कोचिंग सेंटर में भड़की भीषण आग ने 15 लोगों की जान ले ली, जिनमें अधिकांश छात्र थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलीगढ़ में अपने सभी निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर तत्काल लखनऊ पहुँचकर घटनास्थल का मुआयना किया और किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) ट्रॉमा सेंटर में घायलों से मुलाकात की।

घटनाक्रम: कैसे फैली आग

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के समय कोचिंग सेंटर के भवन से अचानक धुआं उठता दिखा। देखते-ही-देखते आग तेज़ी से फैल गई और पूरे भवन को अपनी चपेट में ले लिया। धुएं के कारण भीतर पढ़ रहे छात्रों में भगदड़ मच गई और कई बच्चों ने जान बचाने के लिए ऊँचाई से छलांग लगा दी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुँच गईं। दमकल कर्मियों ने भवन की पिछली दीवार तोड़कर अंदर पहुँचने का प्रयास किया और राहत एवं बचाव अभियान चलाया।

मृतकों और घायलों की स्थिति

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने घटनास्थल पर मौजूद रहते हुए बताया कि इस हादसे में 14 बच्चों की मृत्यु हुई है और 4 घायल बच्चों को केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। सीएमएस ट्रॉमा सेंटर के डॉ. प्रेम राज सिंह ने बताया कि अस्पताल में कुल 21 लोग लाए गए, जिनमें 6 की स्थिति स्थिर है, जबकि शेष मृत अवस्था में लाए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल में न बेड की कमी है और न ही दवाइयों की।

केजीएमयू की कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद ने कहा कि घायलों को बचाने के लिए चिकित्सकों की पूरी टीम जुटी हुई है। जो लोग मृत अवस्था में लाए गए, उनका पंचनामा और पोस्टमार्टम शुरू कर दिया गया है।

सीएम योगी की प्रतिक्रिया और निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना अत्यंत पीड़ादायक है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, 'सरकार की पहली प्राथमिकता घायलों को बेहतर से बेहतर उपचार उपलब्ध कराना है।' घटना के कारणों का पता जाँच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा, यह भी उन्होंने स्पष्ट किया। सीएम ने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में तेज़ी लाने और हादसे के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए।

उच्च स्तरीय जाँच के आदेश

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि मामले की उच्च स्तरीय जाँच के आदेश दे दिए गए हैं। डीजीपी राजीव कृष्ण, अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद, जिलाधिकारी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद रहे। जाँच के नतीजे सामने आने के बाद दोषियों पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

आगे क्या होगा

यह हादसा ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में निजी कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। जाँच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि आग किन परिस्थितियों में लगी और क्या संस्थान ने अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन किया था। घायलों का इलाज केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में जारी है और प्रशासन की नज़र उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि जाँच रिपोर्ट सार्वजनिक हो, लाइसेंसिंग में चूक करने वालों पर कार्रवाई हो और राज्यभर के कोचिंग संस्थानों का अग्नि ऑडिट सुनिश्चित किया जाए — न कि केवल एक और FIR से काम चलाया जाए।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड में कितने लोगों की मौत हुई?
22 जून को लखनऊ के अलीगंज स्थित निजी कोचिंग सेंटर में लगी आग में 15 लोगों की मौत हुई, जिनमें 14 बच्चे शामिल हैं। 4 घायल बच्चों को केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने घटनास्थल पर पहुँचकर क्या कहा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह घटना अत्यंत पीड़ादायक है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने घायलों के बेहतर इलाज को सरकार की पहली प्राथमिकता बताया और हादसे की विस्तृत जाँच के आदेश दिए।
घायलों का इलाज कहाँ हो रहा है?
घायलों का इलाज किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है। डॉ. प्रेम राज सिंह के अनुसार 6 लोगों की स्थिति स्थिर है और अस्पताल में पर्याप्त बेड व दवाइयाँ उपलब्ध हैं।
आग कैसे लगी और क्या जाँच शुरू हुई?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर के समय भवन से अचानक धुआं उठा और आग तेज़ी से फैल गई। आग के सटीक कारणों का पता जाँच रिपोर्ट आने के बाद चलेगा; उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने उच्च स्तरीय जाँच के आदेश की पुष्टि की है।
घटनास्थल पर कौन-कौन से वरिष्ठ अधिकारी पहुँचे?
घटनास्थल पर डीजीपी राजीव कृष्ण, अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद, जिलाधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी घटनास्थल पर पहुँचे और स्थिति की जानकारी दी।
राष्ट्र प्रेस
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