लखनऊ अलीगंज कोचिंग अग्निकांड: 4 नामजद पर एफआईआर, 5 प्रतिष्ठान सील, 15 की मौत के बाद सरकार सख्त
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र के पुरनिया इलाके में 23 जून 2025 को एक निजी कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से 15 लोगों की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इमारत के मालिक समेत 4 नामजद आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की और कानपुर में 5 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील कर दिया।
एफआईआर और कानूनी कार्रवाई
इमारत के मालिक सहित 4 नामजद तथा अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105, 110, 125 और 3(5) के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है। ये धाराएँ लापरवाही से मृत्यु कारित करने और सामूहिक अपराध से संबंधित हैं, जो इस मामले की गंभीरता को रेखांकित करती हैं।
कानपुर विकास प्राधिकरण की कार्रवाई
लखनऊ अग्निकांड की गूँज कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) तक पहुँची और प्राधिकरण ने देर रात तक अभियान चलाया। कानपुर के चार जोनों में 22 कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को चिन्हित किया गया, जिनमें से 5 को तत्काल सील कर दिया गया। यह कार्रवाई अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध वैधानिक प्रावधानों के तहत की गई।
मुख्यमंत्री का घटनास्थल दौरा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सभी निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर घटनास्थल का दौरा किया और राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर पहुँचकर घायलों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि घटना के कारणों का खुलासा जाँच रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।
उपमुख्यमंत्री और केजीएमयू का बयान
घटनास्थल पर मौजूद उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि हादसे में 14 बच्चों की मृत्यु हुई है और 4 घायल बच्चों को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जाँच के आदेश देने की भी पुष्टि की।
केजीएमयू की कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद ने बताया कि घायलों को बचाने के लिए चिकित्सकों की पूरी टीम जुटी हुई है और मृतकों का पंचनामा तथा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
आगे क्या होगा
उच्चस्तरीय जाँच के आदेश दिए जा चुके हैं और जाँच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब देशभर में कोचिंग संस्थानों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते रहे हैं। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से यह संकेत मिलता है कि अब अवैध या असुरक्षित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध व्यापक अभियान चलाया जाएगा।