लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड: 14 छात्रों की मौत, PM मोदी ने ₹2 लाख मुआवज़े का ऐलान किया
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ के अलीगंज इलाके के पुरानिया में 22 जून 2026 (सोमवार) को एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई छात्र धुएं से भरी इमारत में फंसे रहे। मृतकों की आयु 20 से 24 वर्ष के बीच बताई जा रही है और आशंका जताई जा रही है कि हताहतों की संख्या और बढ़ सकती है।
हादसे का घटनाक्रम
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर में सबसे पहले इमारत से धुआं उठता देखा गया, और देखते ही देखते आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। घने धुएं से निकास मार्ग अवरुद्ध हो जाने के कारण घबराए छात्र खिड़कियों और छत की ओर भागे। जान बचाने की कोशिश में कुछ छात्रों ने ऊपरी मंजिलों और छत से छलांग लगा दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
बचाव और राहत अभियान
दमकल, पुलिस और प्रशासन की कई टीमें तत्काल मौके पर पहुँचीं। जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस आयुक्त सहित वरिष्ठ अधिकारी बचाव कार्यों की निगरानी के लिए घटनास्थल पर मौजूद रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल घटनास्थल पर पहुँचने और तेज़ी से बचाव अभियान चलाने का आदेश दिया।
PM मोदी का शोक संदेश और मुआवज़े का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुई भीषण अग्निकांड में हुई जानमाल की हानि से मैं व्यथित हूँ। मेरी संवेदनाएँ शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ। बचाव अभियान जारी है और अधिकारी हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं।' मोदी ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 की अनुग्रह राशि दी जाएगी।
उपराष्ट्रपति और रक्षा मंत्री की संवेदनाएँ
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा, 'उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुई अग्निकांड में हुई जानमाल की हानि अत्यंत दुखद है। मेरी हार्दिक संवेदनाएँ पीड़ित परिवारों के साथ हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूँ।' रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा, 'लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से हुआ हादसा मन को व्यथित करने वाला है। मेरी संवेदनाएँ उन सभी परिवारों के साथ हैं, जिन्होंने इस घटना में अपने प्रियजनों को खोया है।'
आगे की स्थिति
आसपास के इलाके में इस हादसे से दहशत का माहौल है। अधिकारियों के अनुसार बचाव अभियान जारी है और हताहतों की अंतिम संख्या की पुष्टि होना अभी बाकी है। यह हादसा देशभर में कोचिंग सेंटरों में अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।