लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड: तीन की मौत, सीएम योगी ने तत्काल बचाव का दिया आदेश
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ के अलीगंज इलाके के पुरानिया क्षेत्र में 22 जून 2026 (सोमवार) को एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक छात्र इमारत के भीतर फंस गए थे। घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल घटनास्थल पर पहुँचने और राहत-बचाव कार्य में तेज़ी लाने के निर्देश दिए।
घटनाक्रम: कैसे लगी आग और कैसे हुआ बचाव
पुलिस के अनुसार, आग की सूचना मिलते ही आठ दमकल गाड़ियाँ घटनास्थल पर भेजी गईं। फायरमैन ने पड़ोसी इमारत की दूसरी मंजिल की दीवार तोड़कर अंदर प्रवेश किया और फंसे हुए छात्रों को सुरक्षित निकाला। भारी धुएँ के कारण एग्जॉस्ट फैन लगाए गए और हर कमरे की तलाशी ली गई।
बचाव अभियान के दौरान कुछ छात्रों को आग की लपटों से बचने के लिए ऊँची मंजिलों से नीचे कूदते देखा गया। घायलों को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। घटनास्थल पर प्राथमिक उपचार के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक टीम और छह एम्बुलेंस तैनात की गईं।
प्रत्यक्षदर्शियों की आपबीती
एक छात्र के बड़े भाई शकील अहमद ने बताया, 'मेरा छोटा भाई अंदर फंसा हुआ था। फोन पर उसका आखिरी संदेश यह था कि वह आग और धुएँ से बचने के लिए वॉशरूम की तरफ भाग रहा है।' यह बयान उस दहशत की झलक देता है जो इमारत के भीतर फंसे छात्रों ने महसूस की।
सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया
मौके पर पहुँचे उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पत्रकारों को बताया, 'अलीगंज के एक कोचिंग सेंटर में आग लग गई। हमारी प्राथमिकता सभी बच्चों को सुरक्षित निकालना है। ज़्यादातर बच्चों को पहले ही निकाल लिया गया है। साथ के बच्चों के मुताबिक, 3-4 बच्चों ने खुद को वॉशरूम के अंदर बंद कर लिया था।' उन्होंने यह भी कहा कि फायर ब्रिगेड ने सबसे ऊपरी मंजिल तक पहुँचकर हर कमरे और वॉशरूम की जाँच की।
पाठक ने आश्वस्त किया, 'तलाशी अभियान पूरा होने के बाद पूरी जानकारी दी जाएगी। कुछ बच्चे कूद गए, उन्हें चोटें आई हैं और उन्हें अस्पताल भेजा गया है।'
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, 'लखनऊ में अग्नि दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुखद एवं हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को शांति तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।'
मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी के अनुसार, सीएम योगी ने घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित अधिकारियों को तत्काल निर्देश जारी किए और बचाव अभियान की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। प्रशासन को हर स्तर पर सतर्क रहने और घायलों को पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराने के आदेश भी दिए गए।
आम जनता और छात्रों पर असर
यह घटना ऐसे समय में आई है जब देशभर में कोचिंग सेंटरों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में राजस्थान के कोटा सहित कई शहरों में कोचिंग संस्थानों में हादसे हो चुके हैं। अलीगंज जैसे घनी आबादी वाले इलाके में इस तरह की घटना छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े करती है।
आगे की स्थिति
बचाव अभियान के पूरा होने के बाद प्रशासन द्वारा विस्तृत रिपोर्ट जारी किए जाने की उम्मीद है। आग लगने के कारणों की जाँच की जाएगी और कोचिंग सेंटर की अग्नि सुरक्षा मानकों की समीक्षा भी संभावित है। घायलों की स्थिति पर KGMU प्रशासन नज़र बनाए हुए है।