10 अगस्त 2026
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लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड: तीन की मौत, सीएम योगी ने तत्काल बचाव का दिया आदेश

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लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड: तीन की मौत, सीएम योगी ने तत्काल बचाव का दिया आदेश

सारांश

लखनऊ के अलीगंज में एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग ने तीन जानें ले लीं और 20 से अधिक छात्रों को इमारत में फंसा दिया। आठ दमकल गाड़ियाँ और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुँची। सीएम योगी ने तत्काल बचाव का आदेश दिया और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक खुद घटनास्थल पर मौजूद रहे।

मुख्य बातें

लखनऊ के अलीगंज (पुरानिया) में 22 जून 2026 को कोचिंग सेंटर में आग से कम से कम 3 लोगों की मौत ।
20 से अधिक छात्र इमारत में फंसे; 8 दमकल गाड़ियाँ घटनास्थल पर भेजी गईं।
फायरमैन ने पड़ोसी इमारत की दीवार तोड़कर फंसे छात्रों को निकाला; कुछ छात्र ऊँची मंजिल से कूदे।
घायलों को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मौके पर पहुँचे; सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर शोक व्यक्त कर तत्काल बचाव का आदेश दिया।
घटनास्थल पर 6 एम्बुलेंस और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम तैनात।

लखनऊ के अलीगंज इलाके के पुरानिया क्षेत्र में 22 जून 2026 (सोमवार) को एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक छात्र इमारत के भीतर फंस गए थे। घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल घटनास्थल पर पहुँचने और राहत-बचाव कार्य में तेज़ी लाने के निर्देश दिए।

घटनाक्रम: कैसे लगी आग और कैसे हुआ बचाव

पुलिस के अनुसार, आग की सूचना मिलते ही आठ दमकल गाड़ियाँ घटनास्थल पर भेजी गईं। फायरमैन ने पड़ोसी इमारत की दूसरी मंजिल की दीवार तोड़कर अंदर प्रवेश किया और फंसे हुए छात्रों को सुरक्षित निकाला। भारी धुएँ के कारण एग्जॉस्ट फैन लगाए गए और हर कमरे की तलाशी ली गई।

बचाव अभियान के दौरान कुछ छात्रों को आग की लपटों से बचने के लिए ऊँची मंजिलों से नीचे कूदते देखा गया। घायलों को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। घटनास्थल पर प्राथमिक उपचार के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक टीम और छह एम्बुलेंस तैनात की गईं।

प्रत्यक्षदर्शियों की आपबीती

एक छात्र के बड़े भाई शकील अहमद ने बताया, 'मेरा छोटा भाई अंदर फंसा हुआ था। फोन पर उसका आखिरी संदेश यह था कि वह आग और धुएँ से बचने के लिए वॉशरूम की तरफ भाग रहा है।' यह बयान उस दहशत की झलक देता है जो इमारत के भीतर फंसे छात्रों ने महसूस की।

सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया

मौके पर पहुँचे उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पत्रकारों को बताया, 'अलीगंज के एक कोचिंग सेंटर में आग लग गई। हमारी प्राथमिकता सभी बच्चों को सुरक्षित निकालना है। ज़्यादातर बच्चों को पहले ही निकाल लिया गया है। साथ के बच्चों के मुताबिक, 3-4 बच्चों ने खुद को वॉशरूम के अंदर बंद कर लिया था।' उन्होंने यह भी कहा कि फायर ब्रिगेड ने सबसे ऊपरी मंजिल तक पहुँचकर हर कमरे और वॉशरूम की जाँच की।

पाठक ने आश्वस्त किया, 'तलाशी अभियान पूरा होने के बाद पूरी जानकारी दी जाएगी। कुछ बच्चे कूद गए, उन्हें चोटें आई हैं और उन्हें अस्पताल भेजा गया है।'

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, 'लखनऊ में अग्नि दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुखद एवं हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को शांति तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।'

मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी के अनुसार, सीएम योगी ने घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित अधिकारियों को तत्काल निर्देश जारी किए और बचाव अभियान की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। प्रशासन को हर स्तर पर सतर्क रहने और घायलों को पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराने के आदेश भी दिए गए।

आम जनता और छात्रों पर असर

यह घटना ऐसे समय में आई है जब देशभर में कोचिंग सेंटरों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में राजस्थान के कोटा सहित कई शहरों में कोचिंग संस्थानों में हादसे हो चुके हैं। अलीगंज जैसे घनी आबादी वाले इलाके में इस तरह की घटना छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े करती है।

आगे की स्थिति

बचाव अभियान के पूरा होने के बाद प्रशासन द्वारा विस्तृत रिपोर्ट जारी किए जाने की उम्मीद है। आग लगने के कारणों की जाँच की जाएगी और कोचिंग सेंटर की अग्नि सुरक्षा मानकों की समीक्षा भी संभावित है। घायलों की स्थिति पर KGMU प्रशासन नज़र बनाए हुए है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी जाँच और मुआवज़े के बाद सब कुछ जस का तस रहता है। सवाल यह है कि घनी आबादी वाले इलाकों में संचालित इन संस्थानों में फायर NOC और नियमित सुरक्षा ऑडिट की अनिवार्यता कागज़ों तक ही क्यों सीमित रहती है। जब तक जवाबदेही केवल बयानों तक सीमित रहेगी, ऐसे हादसे रुकने वाले नहीं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखनऊ के कोचिंग सेंटर में आग कब और कहाँ लगी?
यह घटना 22 जून 2026 (सोमवार) को लखनऊ के अलीगंज इलाके के पुरानिया क्षेत्र में स्थित एक कोचिंग सेंटर में हुई। आग लगने से कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक छात्र इमारत में फंस गए।
बचाव अभियान में क्या कदम उठाए गए?
घटनास्थल पर आठ दमकल गाड़ियाँ भेजी गईं। फायरमैन ने पड़ोसी इमारत की दीवार तोड़कर फंसे छात्रों को निकाला और भारी धुएँ से निपटने के लिए एग्जॉस्ट फैन लगाए गए। छह एम्बुलेंस और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम भी मौके पर तैनात रही।
घायलों को कहाँ ले जाया गया?
आग में घायल हुए छात्रों और अन्य लोगों को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। कुछ छात्र ऊँची मंजिल से कूदने के कारण घायल हुए थे।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर पोस्ट कर घटना को 'अत्यंत दुखद एवं हृदय विदारक' बताया और शोकाकुल परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल घटनास्थल पर पहुँचने और बचाव कार्य में तेज़ी लाने का आदेश दिया।
क्या इस घटना के बाद कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा की जाँच होगी?
बचाव अभियान पूरा होने के बाद प्रशासन द्वारा विस्तृत रिपोर्ट जारी किए जाने और आग के कारणों की जाँच किए जाने की उम्मीद है। कोचिंग सेंटर की अग्नि सुरक्षा मानकों की समीक्षा भी संभावित बताई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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