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लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रात को पहुंचे, केजीएमयू में घायलों से मिले

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लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रात को पहुंचे, केजीएमयू में घायलों से मिले

सारांश

लखनऊ के अलीगंज कोचिंग सेंटर में भीषण आग — यह महज एक हादसा नहीं, एक चेतावनी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रात को घटनास्थल और केजीएमयू पहुंचे, CM योगी ने SIT बनाई और मुआवजा घोषित किया। अब सवाल यह है कि जवाबदेही सिर्फ आश्वासन तक सीमित रहेगी या कार्रवाई तक पहुंचेगी।

मुख्य बातें

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रात 9:35 बजे लखनऊ पहुंचे, अलीगंज के पुरनिया स्थित घटनास्थल और केजीएमयू में घायलों से मिले।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया; प्रमुख सचिव अमृत अभिजात और एडीजी प्रवीण कुमार को जांच सौंपी।
मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख और घायलों को ₹50,000 की आर्थिक सहायता घोषित।
जान बचाने के लिए कई छात्र-छात्राओं ने ऊंचाई से छलांग लगाई, अनेक गंभीर रूप से घायल।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर शोक व्यक्त किया; डीजीपी राजीव कृष्ण सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर तैनात रहे।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 22 जून की रात लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया क्षेत्र में एक एनिमेशन एवं कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग की सूचना मिलते ही अपने सभी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम तत्काल रद्द कर दिए और सीधे लखनऊ रवाना हो गए। लखनऊ के सांसद भी होने के नाते उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में भर्ती घायलों का हालचाल लिया।

घटनास्थल पर पहुंचे राजनाथ

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रात 9 बजकर 35 मिनट पर लखनऊ एयरपोर्ट उतरे और वहां से सीधे अलीगंज के पुरनिया स्थित घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी ली और मौके पर मौजूद सभी अधिकारियों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

मीडिया से बातचीत में राजनाथ सिंह ने कहा, 'यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। मैं मृतक छात्रों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। मुख्यमंत्री ने पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है। यदि इस घटना में किसी की जिम्मेदारी बनती है तो उसकी जवाबदेही भी तय की जाएगी।'

केजीएमयू में घायलों से मुलाकात

घटनास्थल के निरीक्षण के बाद रक्षा मंत्री केजीएमयू पहुंचे जहां उन्होंने भर्ती घायलों का हाल जाना। चिकित्सकों से उपचार की स्थिति की जानकारी लेते हुए उन्होंने सभी घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।

हादसे का विवरण

सोमवार को अलीगंज के पुरनिया स्थित एनिमेशन एवं कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने के बाद पूरी इमारत धुएं से भर गई। जान बचाने के प्रयास में कई छात्र-छात्राओं ने ऊंचाई से छलांग लगा दी, जिससे अनेक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

सरकार की प्रतिक्रिया और राहत घोषणाएँ

हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा बीच में ही छोड़कर राजधानी लौटे और घटनास्थल तथा केजीएमयू पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है, जिसमें प्रमुख सचिव अमृत अभिजात और एडीजी, लखनऊ जोन प्रवीण कुमार को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मुख्यमंत्री ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख तथा घायलों को ₹50,000 की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।

वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर शोक व्यक्त किया है। घटनास्थल पर डीजीपी राजीव कृष्ण, अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद और डीजी फायर सर्विस सुजीत पांडेय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करते रहे। एसआईटी जांच के नतीजे आने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की दिशा स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन एसआईटी जांच की विश्वसनीयता इस बात पर निर्भर करेगी कि क्या भवन स्वामी, अग्नि विभाग के अधिकारी और स्थानीय प्रशासन सभी की जवाबदेही तय होती है। छात्रों का ऊंचाई से कूदना यह बताता है कि आपातकालीन निकास व्यवस्था पूरी तरह विफल रही — यह लापरवाही नहीं, संभावित आपराधिक उपेक्षा है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखनऊ के अलीगंज कोचिंग सेंटर में आग कब और कहां लगी?
सोमवार, 22 जून को लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र के पुरनिया स्थित एक एनिमेशन एवं कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगी। आग के कारण पूरी इमारत धुएं से भर गई और कई छात्र-छात्राओं को ऊंचाई से कूदना पड़ा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने घटनास्थल पर क्या कार्रवाई की?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रात 9:35 बजे लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे और सीधे घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद वे केजीएमयू गए जहां उन्होंने घायलों का हाल जाना और सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर क्या कदम उठाए?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा बीच में छोड़कर लखनऊ लौटे और एसआईटी का गठन किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख और घायलों को ₹50,000 की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
एसआईटी जांच की जिम्मेदारी किसे सौंपी गई है?
विशेष जांच दल (एसआईटी) में प्रमुख सचिव अमृत अभिजात और एडीजी, लखनऊ जोन प्रवीण कुमार को जांच की जिम्मेदारी दी गई है। यह जांच दल हादसे के कारणों और दोषियों की जवाबदेही तय करेगा।
इस अग्निकांड में घायलों का इलाज कहां हो रहा है?
घायल छात्र-छात्राओं को किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू), लखनऊ में भर्ती कराया गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वहां के चिकित्सकों को सभी घायलों को सर्वोत्तम उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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