लखनऊ अलीगंज अग्निकांड: एसआईटी ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की, केजीएमयू में घायलों से पूछताछ
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड की जांच 23 जून को और तेज हो गई, जब दो सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया और इसके बाद किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में भर्ती घायलों से मुलाकात कर उनके बयान दर्ज किए। उत्तर प्रदेश विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की टीम ने भी घटनास्थल से अहम साक्ष्य एकत्र किए हैं।
घटनास्थल का निरीक्षण
एसआईटी के सदस्य अपर मुख्य सचिव (पर्यटन एवं संस्कृति विभाग) अमृत अभिजात और एडीजी (लखनऊ जोन) प्रवीण कुमार सुबह घटनास्थल पर पहुंचे और एक घंटे से अधिक समय तक पूरी इमारत का बारीकी से मुआयना किया। अभिजात ने बताया कि घटनास्थल की विभिन्न कोणों से फोटोग्राफी की गई है और साक्ष्य जुटाकर जांच को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अग्निकांड से संबंधित व्यक्तियों और विभागों से भी पूछताछ की जाएगी, जिसके बाद जांच रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जाएगा।
फॉरेंसिक साक्ष्य संग्रह
एफएसएल निदेशक आदर्श कुमार और विशेषज्ञों की टीम ने घटनास्थल से मलबा, जले हुए उपकरण, तार और अन्य नमूने एकत्र किए हैं। एडीजी प्रवीण कुमार ने बताया कि फॉरेंसिक टीम द्वारा जुटाए गए इन साक्ष्यों के आधार पर कुछ लोगों से पूछताछ की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि घटना से जुड़े हर विभाग की जिम्मेदारी को जांच के दायरे में शामिल किया गया है।
घायलों से पूछताछ
घटनास्थल के निरीक्षण के बाद एसआईटी दल केजीएमयू पहुंचा, जहां अग्निकांड में घायल पीड़ितों से मुलाकात कर उनसे घटना की विस्तृत जानकारी ली गई। एडीजी ने बताया कि पीड़ितों के बयान जांच में अहम भूमिका निभाएंगे।
मुख्यमंत्री का हस्तक्षेप और एसआईटी गठन
गौरतलब है कि हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा बीच में रद्द कर घटनास्थल का मुआयना किया था और केजीएमयू में पीड़ितों से भी मुलाकात की थी। इसके बाद उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एसआईटी गठित करने का निर्देश दिया था। एसआईटी को 7 दिन के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट शासन को सौंपनी है।
अब तक की कार्रवाई
अब तक इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि चार अधिकारियों को निलंबित किया गया है। जांच दल निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगा, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।