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लखनऊ अलीगंज अग्निकांड: एसआईटी ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की, केजीएमयू में घायलों से पूछताछ

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लखनऊ अलीगंज अग्निकांड: एसआईटी ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की, केजीएमयू में घायलों से पूछताछ

सारांश

लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड की जांच में एसआईटी ने 23 जून को घटनास्थल का एक घंटे से अधिक समय तक निरीक्षण किया और केजीएमयू में घायलों के बयान लिए। फॉरेंसिक टीम ने मलबा व जले उपकरण जब्त किए। 4 गिरफ्तारियाँ, 4 निलंबन; 7 दिन में रिपोर्ट देनी है।

मुख्य बातें

एसआईटी ने 23 जून को लखनऊ अलीगंज अग्निकांड स्थल का एक घंटे से अधिक समय तक बारीकी से निरीक्षण किया।
एसआईटी सदस्यों में अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और एडीजी प्रवीण कुमार शामिल हैं।
एफएसएल निदेशक आदर्श कुमार की टीम ने मलबा, जले उपकरण और तार समेत महत्वपूर्ण फॉरेंसिक साक्ष्य एकत्र किए।
एसआईटी ने केजीएमयू में भर्ती घायल पीड़ितों से मुलाकात कर उनके बयान दर्ज किए।
अब तक 4 लोग गिरफ्तार और 4 अधिकारी निलंबित ; एसआईटी को 7 दिन में रिपोर्ट सौंपनी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलीगढ़ दौरा रद्द कर घटनास्थल का दौरा किया और एसआईटी गठन का आदेश दिया था।

लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड की जांच 23 जून को और तेज हो गई, जब दो सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया और इसके बाद किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में भर्ती घायलों से मुलाकात कर उनके बयान दर्ज किए। उत्तर प्रदेश विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की टीम ने भी घटनास्थल से अहम साक्ष्य एकत्र किए हैं।

घटनास्थल का निरीक्षण

एसआईटी के सदस्य अपर मुख्य सचिव (पर्यटन एवं संस्कृति विभाग) अमृत अभिजात और एडीजी (लखनऊ जोन) प्रवीण कुमार सुबह घटनास्थल पर पहुंचे और एक घंटे से अधिक समय तक पूरी इमारत का बारीकी से मुआयना किया। अभिजात ने बताया कि घटनास्थल की विभिन्न कोणों से फोटोग्राफी की गई है और साक्ष्य जुटाकर जांच को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि अग्निकांड से संबंधित व्यक्तियों और विभागों से भी पूछताछ की जाएगी, जिसके बाद जांच रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जाएगा।

फॉरेंसिक साक्ष्य संग्रह

एफएसएल निदेशक आदर्श कुमार और विशेषज्ञों की टीम ने घटनास्थल से मलबा, जले हुए उपकरण, तार और अन्य नमूने एकत्र किए हैं। एडीजी प्रवीण कुमार ने बताया कि फॉरेंसिक टीम द्वारा जुटाए गए इन साक्ष्यों के आधार पर कुछ लोगों से पूछताछ की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि घटना से जुड़े हर विभाग की जिम्मेदारी को जांच के दायरे में शामिल किया गया है।

घायलों से पूछताछ

घटनास्थल के निरीक्षण के बाद एसआईटी दल केजीएमयू पहुंचा, जहां अग्निकांड में घायल पीड़ितों से मुलाकात कर उनसे घटना की विस्तृत जानकारी ली गई। एडीजी ने बताया कि पीड़ितों के बयान जांच में अहम भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री का हस्तक्षेप और एसआईटी गठन

गौरतलब है कि हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा बीच में रद्द कर घटनास्थल का मुआयना किया था और केजीएमयू में पीड़ितों से भी मुलाकात की थी। इसके बाद उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एसआईटी गठित करने का निर्देश दिया था। एसआईटी को 7 दिन के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट शासन को सौंपनी है।

अब तक की कार्रवाई

अब तक इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि चार अधिकारियों को निलंबित किया गया है। जांच दल निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगा, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि जांच रिपोर्ट में विभागीय जिम्मेदारी को कितनी स्पष्टता से चिह्नित किया जाता है। चार अधिकारियों का निलंबन प्रशासनिक चूक की स्वीकृति है, फिर भी यह सवाल बना रहता है कि अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी कब से और किसकी जानकारी में हो रही थी। उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में इमारत अग्निकांड की घटनाएँ बार-बार सामने आई हैं — बिना व्यापक संरचनात्मक सुधार के केवल व्यक्तिगत जवाबदेही तय करना दीर्घकालिक समाधान नहीं होगा।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखनऊ अलीगंज अग्निकांड में एसआईटी क्या जांच कर रही है?
एसआईटी अग्निकांड के कारणों, संबंधित विभागों की जिम्मेदारी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जांच कर रही है। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है, फॉरेंसिक साक्ष्य एकत्र किए हैं और घायल पीड़ितों के बयान दर्ज किए हैं।
एसआईटी को जांच रिपोर्ट कब तक सौंपनी है?
एसआईटी को 7 दिन के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट शासन को सौंपनी है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
अलीगंज अग्निकांड में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
अब तक इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और चार अधिकारियों को निलंबित किया गया है।
एफएसएल ने घटनास्थल से क्या साक्ष्य एकत्र किए?
उत्तर प्रदेश विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) के निदेशक आदर्श कुमार की टीम ने घटनास्थल से मलबा, जले हुए उपकरण, तार और अन्य नमूने एकत्र किए हैं, जिनके आधार पर संदिग्धों से पूछताछ की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अग्निकांड पर क्या कदम उठाए?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे की सूचना मिलते ही अलीगढ़ दौरा बीच में रद्द कर घटनास्थल का मुआयना किया और केजीएमयू में पीड़ितों से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए एसआईटी गठित करने का निर्देश दिया।
राष्ट्र प्रेस
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